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फैसला: अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी शुरू, आतंकी हमले की 20वीं बरसी पर लौट जाएंगे सभी सैनिक
Fri, 02 Jul 2021 03:33 PM IST
प्रशांत कुमार
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 02 Jul 2021 03:33 PM IST
सार
राष्ट्रपति जो बाइडेन की घोषणा के बाद अफगान से अमेरिकी सेना की वापसी शुरू हो गई है। अमेरिका ने 1 मई से अफगानिस्तान से सेना वापसी की शुरुआत हो चुकी है। 11 सितंबर 2021 तक सभी सैनिक लौट जाएंगे। इसी दिन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर आतंकी हमला हुआ था।
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अमेरिकी सेना
- फोटो : social media
विस्तार
अफगानिस्तान से अमेरिका और नाटो सेना की वापसी शुरू हो गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना की वापसी तालिबानियों को बाहर करने और 9/11 हमले के अलकायदा आतंकवादियों का खात्मा करने के बाद हो रही है। अमेरिकी सेना धीरे धीरे अपने युद्ध केंद्र बगराम एयरफील्ड को छोड़ रही है । यहां से लगभग दो दशक (20 साल) बाद अमेरिकी सैनिकों की वापसी हो रही है। राष्ट्रपति जो बाइडेन की घोषणा के बाद अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना लौट रही है। 1 मई से अफगानिस्तान से जवान वापस आ रहे हैं । 11 सितंबर 2021 तक सभी सैनिक लौट जाएंगे। इसी दिन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर आतंकी हमला हुआ था।
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गौरतलब है कि अमेरिकी सेना ने करीब 20 साल के बाद बगराम एयरफील्ड को भी छोड़ दिया है, जो कभी तालिबान को उखाड़ फेंकने के लिए हुए युद्ध और अमेरिका पर 9/11 में हुए आतकंवादी हमले के जिम्मेदार अल-कायदा के साजिशकर्ताओं की धर-पकड़ के लिए सेना का केंद्र रहा था। अमेरिका के दो अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि एयरफील्ड ‘अफगान राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रक्षा बल’ को पूरी तरह से सौंप दिया गया है।
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वर्तमान में 9500 सैनिक अफगानिस्तान में तैनात
गौरतलब है कि अफगानिस्तान में अभी नौ हजार 500 सैनिक मौजूद हैं। इसमें 2, 500 से ज्यादा अमेरिकी और 7, 000 नाटो देशों के सैनिक शामिल हैं। सेना अपने हथियारों का हिसाब-किताब कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ सामान और हथियार अफगानिस्तान की सेना को सौंपे जा रहे हैं। वहीं कुछ साजो-सामान को वहीं के बाजार में बेचा जाएगा और बचे हथियारों को अमेरिका ले जाने के लिए सी-17 कार्गो विमान में लोड किया जा रहा है। वहीं सैनिकों की वापसी पर अफगानिस्तान में तैनात शीर्ष अमेरिकी सैन्य कमांडर ने कहा है कि अमेरिका की सेना लौटने के बाद यहां गृहयुद्ध का खतरा बढ़ जाएगा।
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सैनिकों की वापसी से गृह युद्ध का खतरा
अफगानिस्तान के 370 में से 50 जिलों में तालिबान का कब्जा है। तालिबान ने अफगानिस्तान के कई राज्यों की राजधानियों के पास वाले शहरों पर अपना कब्जा कर लिया है, जिससे चिंताएं बढ़ गई हैं। अमेरिकी अधिकारी ने कहा, 'तालिबान की सक्रियता को देखते हुए अफगानिस्तान में हालात ठीक नहीं लग रहे हैं। सैनिकों की वापसी से गृह युद्ध का खतरा मंडराने लगेगा और हालात काबू से बाहर हो सकते हैं।'