फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   United states: After the Supreme Court verdict on abortion law, demand for birth control pills has increased significantly in the country

US Abortion Laws: अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर, गर्भनिरोधक इमरजेंसी पिल्स की बढ़ी बिक्री

Wed, 29 Jun 2022 04:47 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 29 Jun 2022 04:47 PM IST
सार

अमेजन कंपनी ने एक ग्राहक को प्रति सप्ताह तीन गोलियों की सप्लाई की सीमा लगा दी है। इन गोलियों में प्लान बी नाम की इमरजेंसी पिल भी शामिल है। उधर राइट एड नाम की कंपनी ने भी कहा है कि वह भी इन गोलियों की सप्लाई सीमित कर रही है...

विज्ञापन
United states: After the Supreme Court verdict on abortion law, demand for birth control pills has increased significantly in the country
अमेरिकी गर्भपात कानून - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट के गर्भपात को वैध ठहराने वाले अपने 49 साल पुराने फैसले को पलट देने के बाद देश में गर्भनिरोधक गोलियों की मांग में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसे देखते हुए अमेजन और दवाओं की ऑनलाइन सप्लाई करने वाली कुछ दूसरी कंपनियों ने इमरजेंसी गर्भनिरोक गोलियों के ऑर्डर लेना सीमित कर दिया है। कंपनियों के प्रतिनिधियों ने टीवी चैनल सीएनएन से बातचीत में इस बात की पुष्टि की है।

विज्ञापन


अमेजन कंपनी ने एक ग्राहक को प्रति सप्ताह तीन गोलियों की सप्लाई की सीमा लगा दी है। इन गोलियों में प्लान बी नाम की इमरजेंसी पिल भी शामिल है। उधर राइट एड नाम की कंपनी ने भी कहा है कि वह भी इन गोलियों की सप्लाई सीमित कर रही है। राइट एड की सीनियर मैनेजर एलिक्जा वॉकजिक ने सीएनएन से कहा- ‘मांग में बढ़ोतरी के कारण हमने प्लान बी गर्भनिरोधक गोलियों की सप्लाई पर सीमा लगाई है। हम प्रति हफ्ते एक ग्राहक को तीन गोलियों की आपूर्ति ही करेंगे।’

विज्ञापन

एक ग्राहक को तीन गोलियां देने की सीमा

सीवीएस फार्मेसी नाम की कंपनी ने बीते सोमवार को कहा था कि हालांकि उसके पास प्लान बी और एफ्टेरा गोलियों की पर्याप्त भंडार है, फिर भी उसने प्रति हफ्ते एक ग्राहक को तीन गोलियां देने की सीमा लगा दी है। ये दोनों इमरजेंसी गोलियां हैं। कंपनी ने कहा कि सप्लाई सीमित करने का मकसद सभी ग्राहकों के लिए समान रूप से और लगातार इन गोलियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। लेकिन मंगलवार को ये खबर आई कि सीवीएस ने बिक्री पर लगाई गई सीमा हटा दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन


सीवीएस फार्मेसी के रीटेल कम्युनिकेशन्स मैनेजर मैट ब्लान्शे ने सीएनएन को भेजे एक ई-मेल में लिखा- ‘सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के तुरंत बाद इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोलियों की बिक्री में तेजी से उछाल आया। तब हमने सभी को समान आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बिक्री पर सीमा लगा दी। लेकिन उसके बाद से मांग में स्थिरता आ गई है। इसलिए हम बिक्री सीमा हटाने की प्रक्रिया में हैं। उसका मतलब यह होगा कि सीवीएस की दुकानों या उसकी वेबसाइट से मांग के मुताबिक गोलियों की आपूर्ति की जाएगी।’

लोगों ने घबराहट में किए ज्यादा कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स के ऑर्डर

विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में इमरेजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स की पर्याप्त सप्लाई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लोगों ने घबराहट में इनके लिए ज्यादा ऑर्डर करने शुरू कर दिए, जिससे समस्या पैदा हुई। इमरजेंसी पिल्स उन गोलियों को कहा जाता है, जिनका सेवन बिना गर्भनिरोधक का इस्तेमाल किए बनाए गए यौन संबंध के बाद गर्भ की संभावना से मुक्त होने के लिए किया जाता है। आम तौर पर महिलाएं इन गोलियों का सेवन तब करती हैं, जब वे गर्भनिरोधक टैबलेट खाना भूल जाती हैं या फिर यौन संबंध के दौरान कंडोम क्षतिग्रस्त हो जाता है।



महिला रोग विशेषज्ञों का कहना है कि इमरजेंसी पिल खाने से गर्भपात नहीं होता है। बल्कि गर्भधारण की संभावना खत्म हो जाती है। इसलिए राज्यों में गर्भपात के खिलाफ बनाए गए कानून इन गोलियों के सेवन पर लागू नहीं होने चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर महिला पहले ही गर्भ धारण कर चुकी है, तब इमरजेंसी पिल्स का उस पर कोई असर नहीं होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed