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यूके जज का खुलासा- वनुआटू की नागरिकता लेने की कोशिश में था नीरव मोदी
Sat, 30 Mar 2019 08:20 AM IST
रचना शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: रचना शर्मा
Updated Sat, 30 Mar 2019 08:20 AM IST
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नीरव मोदी (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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पंजाब नेशनल बैंक को करोड़ों रूपये का चूना लगाने वाले भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए क्लेयर मोंटगोमेरी क्यूसी ने उसे 8 करोड़ 06 लाख 04 हजार 508 रुपये की जमानत सिक्योरिटी का ऑफर दिया है। उसे इलेक्ट्रॉनिक रूप से टैग रखा जाएगा यानी उसे जब भी बुलाया जाएगा स्थानीय पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करनी होगी।
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चीफ मैजिस्ट्रेट एम्मा आरबुथनोट ने नीरव का फैसला सुनाया। उन्होंने कहा, 'क्लेयर का ऑफर पर्याप्त सुरक्षा वाला नहीं है। यह मामले का शुरुआती चरण है और गवाहों के बयानों में एकरूपता नहीं है। आज इस मामले को देखते हुए मुझे कुछ ऐसे ठोस आधार मिले हैं जिससे यह माना जा सकता है कि सामुदायिक संबंधों के अभाव में वह अभी तक आत्मसमर्पण नहीं कर पाया, उसका बेटा भी अमेरिका चला गया है।'
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जज ने आगे कहा, 'वह वनुआटू का नागरिक बनने की कोशिश कर रहा था और किसी तरह से अपना व्यापार चलाने की कोशिश कर रहा था। जिससे यह संकेत मिलता है कि वह जांच शुरू होने से पहले भारत से भागने की फिराक में था।' नीरव ने जब यह सुना तो उसका चेहरा रुआंसा हो गया।
कोर्ट को यह पता चला है कि नीरव ने वनुआटू की नागरिकता हासिल करने के लिए 1 करोड़ 38 लाख 95 हजार 843 रुपये देने की कोशिश की थी। वनुआटू दक्षिण प्रशांत महासागर का एक छोटा सा द्वीप है। उसने 2017 के आखिर में वहां की नागरिकता लेने की कोशिश की थी लेकिन उसे मना कर दिया गया।
भारत सरकार की तरफ से अदालत में पेश हुए वकील टोबी कैडमेन ने कहा, 'वनुआटू अधिकारियों को जब पता चला कि उसकी किसी मामले में जांच चल रही है तो उन्होंने उसे नागरिकता देने से मना कर दिया।' इसी बीच नीरव पर गवाह को फोन करके जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगा है। कैडमैन ने कहा, 'नीरव ने एक गवाह को फोन करके जान से मारने की धमकी दी है।'
कैडमैन ने अदालत में कहा, 'नीरव भारतीय एजेंसियों के साथ सहयोग नहीं कर रहा है। उसके भाग जाने का डर है। इस बात का डर भी है कि वह गवाहों को बरगला और सबूत नष्ट कर सकता है।' नीरव की दूसरी जमानत याचिका पर सुनवाई से ठीक पहले अभियोजन पक्ष ने अतिरिक्त सबूतों के साथ नई फाइल अदालत को सौंपी।