Piyush Goyal: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने गाला डिनर में लिया भाग, बोले- भारत विकासशील देशों की आवाज
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत आज वैश्विक दक्षिण का प्रतिनिधित्व करता है, विकासशील देशों और कम विकसित देशों की आवाज होने के नाते, न केवल हमारे लोगों के लिए बेहतर जीवन प्रदान करने में सबसे आगे रहा है बल्कि अन्य देशों के लोगों के लिए बेहतर भविष्य में भी योगदान दे रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को रोम में भारतीय और इतालवी व्यापार जगत के नेताओं के साथ गाला डिनर में भाग लिया। यहां उन्होंने भारत को "विकासशील देशों की आवाज" कहा और कहा कि आज देश वैश्विक दक्षिण का प्रतिनिधित्व करता है। गाला डिनर में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत आज वैश्विक दक्षिण का प्रतिनिधित्व करता है, विकासशील देशों और कम विकसित देशों की आवाज होने के नाते, न केवल हमारे लोगों के लिए बेहतर जीवन प्रदान करने में सबसे आगे रहा है बल्कि अन्य देशों के लोगों के लिए बेहतर भविष्य में भी योगदान दे रहा है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत 1.4 बिलियन लोगों के साथ जीवन की बेहतर गुणवत्ता की आकांक्षा के साथ अवसर प्रदान करता है, अच्छी चीजों की आकांक्षा रखता है, जिसे हम वर्षों से चूक गए हैं और पिछले एक दशक में सरकार ने खुद को बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया है। जिसकी आवश्यकता किसी भी व्यक्ति, किसी भी परिवार को होती है आगे कहा कि अब हमारे पास लगभग 800 मिलियन इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल रोम में कहा कि हमने अनुपालन को आसान बनाने, नियमों की संख्या को कम करने, कागजी कार्यों को कम करने के लिए व्यवसाय प्रक्रियाओं में बदलाव किया है, जो प्रत्येक व्यवसाय में पहले करना पड़ता था। हम सरकार को और अधिक ईमानदार बनाने, भारत में व्यापार को आसान बनाने और आम आदमी के जीवन को सुगम करने के लिए, सरकार के हर स्तर पर डिजिटल तकनीक के साथ जुड़े।
#WATCH | Rome, Italy: "India today representing the global south, being the voice of the developing countries & less developed countries, has been at the forefront of not only providing a better life for our people but also contributing to a better future for people in other… pic.twitter.com/jzUSN5m1Y4
— ANI (@ANI) April 12, 2023
इस अवसर पर इटली में भारत की राजदूत डॉ. नीना मल्होत्रा के साथ-साथ इटली के उप विदेश और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्री एडमंडो सिरिएली भी उपस्थित थे। रोम में गाला डिनर के दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि पिछले एक दशक में सरकार ने उन आवश्यक मूलभूत सुविधाओं को प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया है जो किसी व्यक्ति या परिवार के लिए आवश्यक होती है। हम सुनिश्चित करते हैं कि कोई भी परिवार कभी भी भोजन, वस्त्र, आश्रय, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि से वंचित ना रहे।
2030 तक 2,000 अरब डॉलर से ज्यादा होगा भारत का वस्तु-सेवा निर्यात
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को पेरिस में भारत-फ्रांस व्यापार शिखर सम्मेलन और सीईओ गोलमेज सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, 2030 तक भारत का वस्तु व सेवा निर्यात मौजूदा 765 अबर डॉलर से तीन गुना बढ़कर 2,000 अरब डॉलर से ज्यादा हो जाएगा। भारत को अवसरों का संगम बताते हुए उन्होंने फ्रांस के कारोबारियों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
भारत में निवेश और व्यापार की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, भारत के वस्तु और सेवा निर्यात में हो रही 50 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि आने वाले कई वर्षों तक जारी रहेगी। इसके साथ बताया कि बीते छह-सात वर्ष में वैश्विक निर्यात 28 फीसदी बढ़ा है, जबकि भारत के निर्यात में 75 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि हुई है।
सम्मेलन में फ्रांस के विदेश व्यापार मंत्री ओलिवियर बेख्त के अलावा फ्रांस की 50 शीर्ष कंपनियों के सीईओ शामिल हुए। इसमें आत्मनिर्भर भारत के माध्यम से एक साझा भविष्य सुरक्षित करना जैसे विषयों पर सत्रों का आयोजन किया गया।
भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते पर हुई चर्चा
पीयूष गोयल ने बेख्त के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि आने वाले 10 वर्षों में भारत को 2,000 से ज्यादा व्यावसायिक हवाई जहाजों की जरूरत होगी।
लिहाजा, भारत में हवाई जहाज बनाना स्थानीय मांग और निर्यात दोनों के लिहाज से फायदे का सौदा है। इसपर फ्रांस के मंत्री बेख्त ने कहा कि फ्रांस की कंपनियां भारत में सक्रिय हैं और परस्पर सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। पिछले वित्त वर्ष में दोनों देशों ने 15.1 अरब डॉलर का कारोबार हुआ।