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COP-28: उद्घाटन सत्र में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, क्षति कोष शुरू करने का किया समर्थन

Fri, 01 Dec 2023 01:25 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दुबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दुबई Published by: जलज मिश्रा Updated Fri, 01 Dec 2023 01:25 AM IST
सार

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने कहा कि यूएई में पहले दिन ही कॉप-28 से गति का सकारात्मक संकेत मिला है। उन्होंने जलवायु न्याय के महत्व को रेखांकित किया है। केंद्रीय मंत्री इंडिया ग्लोबल फोरम के क्लाइमेट फॉर बिजनेस (सीएलआईएमबी) फोरम के समापन दिवस में भी शामिल हुए।

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Union Minister Bhupendra Yadav attended inaugural session of COP 28
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

दुबई में कॉप-28 शिखर सम्मेलन जारी है। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में भारत के केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत हानि और क्षति कोष को चालू करने के फैसले का समर्थन करता है। बता दें, हानि और क्षति कोष एक राहत पैकेज है, जो अमीर देश जलवायु परिवर्तन के प्रति अधिक संवेदनशील विकासशील देशों को नुकसान की भरपाई के लिए देते हैं।
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54 अफ्रीकी देशों के बारे में क्या
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने कहा कि यूएई में पहले दिन ही कॉप-28 से गति का सकारात्मक संकेत मिला है। उन्होंने जलवायु न्याय के महत्व को रेखांकित किया है। केंद्रीय मंत्री इंडिया ग्लोबल फोरम के क्लाइमेट फॉर बिजनेस (सीएलआईएमबी) फोरम के समापन दिवस में भी शामिल हुए। यहां बोलते हुए उन्होंने कहा कि विकसित दुनिया के 17 प्रतिशत हिस्से में प्रति व्यक्ति उत्सर्जन 60 प्रतिशत है, लेकिन 54 अफ्रीकी देशों के बारे में क्या? उनका कार्बन उत्सर्जन केवल 4 प्रतिशत है। हम जब भी जलवायु परिवर्तन के बारे में बात करते हैं तो हमें जलवायु न्याय पर भी चर्चा करना चाहिए। हर व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार है। हर देश को विकास का अधिकार है। 
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आज तक वह वादा पूरा नहीं हुआ
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि विकसित देशों ने वादा किया था कि वे सौ अरब डॉलर का वित्त मुहैया कराएंगे लेकिन आज तक वह वादा पूरा नहीं हुआ। भरोसा कहां से आएगा। मंत्री ने कॉप-28 से वैश्विक अनुकूलन प्रथाओं के लिए धन बढ़ाने का भी आह्वान किया।
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निर्मला सीतारमण भी कर चुकीं हैं आलोचना
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को इंडिया ग्लोबल फोरम मिडिल ईस्ट एंड अफ्रीका-2023 के उद्घाटन समारोह में वर्चुअली शामिल हुईं थीं। इस दौरान उन्होंने फंडिंग के मुद्दे पर ही संगठन की आलोचना की थी। यहां उन्होंने कहा कि सीओपी-28 को दिशा दिखानी चाहिए। सम्मेलन में जलवायु फंडिंग और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है। हम दुनिया को दिखाएंगे कि हमने खुद के धन से ही क्या-क्या हासिल कर लिया है। उन्होंने संघ की आलोचना करते हुए कहा कि पेरिस प्रतिबद्धता को लेकर हम गंभीर हैं। हमने सौ अरब रुपये का इंतजार नहीं किया। हमने अपनी योजनाओं को खुद फंड किया। बातें तो खूब हुईं लेकिन वह सौ अरब रुपये अब तक नहीं मिल पाए। हमें अभी तक नहीं बताया गया कि प्रौद्योगिकी को स्थानांतरित कैसे किया जाए। कैसे तकनीक का इस्तेमाल किया जाए। बातों की जगह सीओपी-28 को दिशा दिखाने की आवश्यकता है। 
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