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Unidentified Objects: लगातार तीसरे दिन हवा में उड़ती अनजानी चीज मार गिराई गई, USA के आसमान पर हो क्या रहा है?

Mon, 13 Feb 2023 04:06 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Mon, 13 Feb 2023 04:06 PM IST
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सार
अमेरिकी सेना ने अमेरिका-कनाडा सीमा के पास ह्यूरोन झील के ऊपर उड़ने वाली एक वस्तु को मार गिराया है। एक महीने के अंदर ही इस तरह का यह चौथा मामला है।
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Unidentified Objects: usa shot third Unknown object, whats happening in the USA airspace
जासूसी गुब्बारा - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

अमेरिका के आसमान में बीते कुछ दिनों से सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। पहले चीन का जासूसी गुब्बारा नजर आया। उसके बाद एक बाद एक तीन ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिनसे अमेरिका की वायु सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिया है।  

 ताजा घटना रविवार की है। जब अमेरिकी सेना ने अमेरिका-कनाडा सीमा के पास ह्यूरोन झील के ऊपर उड़ने वाली एक वस्तु को मार गिराया है। एक महीने के अंदर ही इस तरह का यह चौथा मामला है। अब तक इन घटनाओं में क्या-क्या हुआ है? पहला मामला कब सामने आया? अमेरिकी सेना को संदिग्ध वस्तुओं से क्या मिला? संदिग्ध वस्तुओं के पीछे क्या कोई खास उद्देश्य है? क्या इससे अमेरिका-चीन रिश्तों में खटास पैदा होने का खतरा है? आइये जानते हैं...

महासागर पार अमेरिका पहुंचा चीन का जासूसी गुब्बारा।
महासागर पार अमेरिका पहुंचा चीन का जासूसी गुब्बारा। - फोटो : Amar Ujala
पहला मामला कब सामने आया? 
अमेरिका के आसमान में किसी संदिग्ध वस्तु के दिखाई देने की पहली घटना जनवरी के अंत में हुई, जब तीन बस के बराबर का एक चीनी गुब्बारा दिखाई दिया। इस गुब्बारे को अमेरिकी अधिकारियों ने  एक चीनी जासूसी गुब्बारा बताया। चीन ने भी माना की यह गुब्बारा उसका है। चीन ने दावा किया कि गुब्बारा मौसम अनुसंधान कर रहा था। हालांकि, चीन ने इसे गलती से अमेरिकी हवाई क्षेत्र में पहुंचने की बात कही। 
गुब्बारा अमेरिकी आसमान में कई दिनों तक उड़ता रहा। काफी निगरानी के बाद दक्षिण कैरोलिना तट पर 4 फरवरी को एक F-22 जेट से गुब्बारे को मार गिराया गया। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने कहा कि गुब्बारे का वजन एक टन से अधिक था। यह कई एंटेना से लैस था और इसमें खुफिया जानकारी एकत्र करने में मदद करने वाले सौर पैनल थे।

चीनी गुब्बारे के गिराए जाने के छह दिन बाद यानी 10 फरवरी को अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने उत्तरी अलास्का में एक अन्य वस्तु को मार गिराया। सेना के मुताबिक, यह वस्तु अमेरिकी हवाई क्षेत्र के भीतर उड़ रही थी। 
अगले ही दिन, 11 फरवरी  को अमेरिकी एफ-22 जेट ने कनाडा के केंद्रीय युकोन क्षेत्र में अमेरिकी सीमा से लगभग 100 मील (160 किमी) की दूरी पर हवा में उड़ रही एक संदिग्ध वस्तु को मार गिरा दिया। अमेरिकी सेना ने बताया कि हवा में उड़ रही यह वस्तु नागरिक उड़ानों के लिए खतरा थी। कनाडाई अधिकारियों की मानें तो इसका आकार बेलनाकार था और पहले गुब्बारे से छोटा था। हालांकि, कनाडा की रक्षा मंत्री अनीता आनंद ने इस बार की पुष्टि नहीं की कि यह चीन से आया हुआ था या नहीं। अधिकारियों ने बताया कि इन दोनों उड़ती वस्तुओं का आकार एक छोटी कार के बराबर था। 
शुक्रवार और शनिवार के बाद रविवार को लगातार तीसरे दिन अमेरिकी सैन्य लड़ाकू विमानों ने एक अज्ञात वस्तु को मार गिराया। यह अज्ञात वस्तु मिशिगन की ह्यूरोन झील के ऊपर पड़ रही थी। इस अष्टकोणीय आकार की अज्ञात वस्तु में तार लटके हुए थे लेकिन कोई पेलोड नहीं था। यह सैन्य खतरा पैदा नहीं कर सकता है या निगरानी क्षमता नहीं रखता है। हालांकि, 20 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रही यह अज्ञात वस्तु घरेलू हवाई यातायात में हस्तक्षेप कर सकती थी। 

अमेरिकी सीनेट में बहुमत के नेता चार्ल्स शूमर ने कहा कि ह्यूरोन झील से पहले दिखी दोनों वस्तुएं गुब्बारे जैसी थीं। हालांकि, इनका आकार पहले के मुकाबले कम था। दोनों करीब 40 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे थे। अब तक केवल पहले गुब्बारे का संबंध चीन से मिला है। 
वहीं, अमेरिकी हवाई क्षेत्र की सुरक्षा करने वाले अमेरिकी सैन्य कमांडर ने रविवार को कहा कि वह यह निर्धारित नहीं कर सके कि पिछले तीन दिनों में मार गिराई गई तीन वस्तुएं ऊपर कैसे बनी रहीं, उन्होंने कहा कि वह उन्हें किसी कारण से गुब्बारे नहीं कह रहे थे।

जासूसी गुब्बारा
जासूसी गुब्बारा - फोटो : Agency
क्या अब तक मिली सभी वस्तुएं जासूसी गुब्बारा थीं?
अमेरिकी सीनेट में बहुमत के नेता चार्ल्स शूमर ने कहा कि ह्यूरोन झील से पहले दिखी दोनों वस्तुएं गुब्बारे जैसी थीं। हालांकि, इनका आकार पहले के मुकाबले कम था। दोनों करीब 40 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे थे। अब तक केवल पहले गुब्बारे का संबंध चीन से मिला है। 
वहीं, अमेरिकी हवाई क्षेत्र की सुरक्षा करने वाले अमेरिकी सैन्य कमांडर ने रविवार को कहा कि वह यह निर्धारित नहीं कर सके कि पिछले तीन दिनों में मार गिराई गई तीन वस्तुएं ऊपर कैसे बनी रहीं, उन्होंने कहा कि वह उन्हें किसी कारण से गुब्बारे नहीं कह रहे थे।

अमेरिका के  प्रहार के बाद चीनी जासूसी गुब्बारा समुद्र में गिरा
अमेरिका के प्रहार के बाद चीनी जासूसी गुब्बारा समुद्र में गिरा - फोटो : Social Media
अमेरिकी सेना को संदिग्ध वस्तुओं को गिराकर क्या मिला?
विमानों, नावों और से काम करने वाली सैन्य टीमें पहली वस्तु के लिए दक्षिण कैरोलिना में पानी की छानबीन कर रही हैं। सेना द्वारा जारी गई तस्वीरों में गुब्बारे के एक बड़े टुकड़े की बरामदगी दिखाई गई है। जानकारी के मुताबिक, संघीय जांच ब्यूरो ने विश्लेषण के लिए मलबे को कब्जे में लिया है।
वहीं,अलास्का के पास समुद्री बर्फ पर दूसरी वस्तु कि खोज के लिए ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मंत्री आनंद ने शनिवार को कहा कि कनाडाई सीपी-140 गश्ती विमान की मदद से बचाव दल युकोन में तीसरी वस्तु से मलबे की तलाश कर रहे हैं। पेंटागन ने कहा कि एफबीआई कनाडाई पुलिस के साथ मिलकर काम कर रही है।
अमेरिका मिशिगन में गिराई गई चौथी वस्तु के टुकड़ों की खोज के लिए जल्द ही टीमें तैनात कार सकता है। इसमें डाइविंग गियर से लैस विशेष अमेरिकी सैन्य कर्मियों की मदद ली जा सकती है।

जासूसी गुब्बारे
जासूसी गुब्बारे - फोटो : Agency
जासूसी गुब्बारे और संदिग्ध वस्तु में क्या कोई अंतर है?
अमेरिकी वायु सेना के जनरल ग्लेन वानहर्क ने स्वीकार किया कि अन्य तीन वस्तुएं एक हफ्ते पहले दक्षिण कैरोलिना के पास दिखे चीनी जासूसी गुब्बारे के समान नहीं थीं। जनरल  वानहर्क ने कहा, वह इस बात से इनकार नहीं कर रहे हैं कि अमेरिकी सेना द्वारा मार गिराई गई वस्तुएं एलियंस नहीं हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि खुफिया विशेषज्ञ उसका अध्ययन किस प्रकार करते हैं। मैं इस बारे में पता लगाने की जिम्मेदारी खुफिया विभाग और वैज्ञानिक समुदाय पर छोड़ता हूं।

राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के एक प्रवक्ता ने रविवार को कहा था कि अलास्का और कनाडा में गिराई गई अज्ञात वस्तुएं चीनी गुब्बारे की तुलना में बहुत छोटीं थीं।

संदिग्ध वस्तुओं के पीछे क्या कोई खास उद्देश्य है?
अमेरिका का दावा है कि गुब्बारे एक बेड़े का हिस्सा थे जो पांच महाद्वीपों में फैला हुआ है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह आने वाले वर्षों में ताइवान पर संभावित तनाव से पहले विदेशी सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाने वाले एक प्रमुख चीनी निगरानी प्रयास की शुरुआत हो सकती है।

विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी और कनाडाई खुफिया विभाग लगातार भारी मात्रा में रा डेटा प्राप्त कर रहे हैं। आमतौर पर मिसाइलों के खतरे को देखते हुए कुछ मामलों की जांच की जाती है न कि गुब्बारे जैसी धीमी गति वाली वस्तुओं की। पेंटागन ने कहा है कि गुब्बारे की खोज के बाद से वह रडार की अधिक बारीकी से जांच कर रहा है।

ufo (सांकेतिक तस्वीर)
ufo (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Social media
और किस देश में दिखी संदिग्ध वस्तु?
कनाडा और अमेरिका के बाद चीनी अधिकारियों ने दावा किया है कि उन्होंने एक प्रमुख नौसैनिक अड्डे के पास पानी के ऊपर एक अज्ञात उड़ने वाली वस्तु देखी है और वो उसे मार गिराने की तैयारी कर रहे हैं। चीन के सरकारी समाचार चैनल ग्लोबल टाइम्स ने रविवार को बताया कि चीन के पूर्वी शेडोंग प्रांत में समुद्री अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने तटीय शहर रिझाओ के पास  एक अज्ञात उड़ने वाली वस्तु देखी है। वस्तु किंगदाओ के पास देखी गई, जो चीनी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के लिए एक प्रमुख नौसैनिक बेस है। समुद्री विकास प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि सक्षम अधिकारी वस्तु को मार गिराने की तैयारी कर रहे हैं।

यूएस और चीन
यूएस और चीन - फोटो : पीटीआई
क्या इससे अमेरिका-चीन रिश्तों में खटास पैदा हो सकती है?
लगातार दिख रही संदिग्ध वस्तुओं से उत्तर अमेरिकी सुरक्षा तनावपूर्ण हो गई है। वहीं, अमेरिका और चीन के रिश्तों में भी खटास बढ़ती जा रही है। पहले जासूसी गुब्बारा मिलने के बाद ही अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने अपनी चीन यात्रा को रद्द कर दिया था। इसके अलावा उन्होंने सैन्य जासूसी गुब्बारों का समर्थन करने वाली छह चीनी संस्थाओं को भी ब्लैकलिस्ट कर दिया। जिन कंपनियों को अमेरिका ने ब्लैकलिस्ट किया है, उनका संबंध चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी से बताया जा रहा है। अमेरिका का कहना है कि चीनी सेना अधिक ऊंचाई वाले गुब्बारों का इस्तेमाल कर खुफिया गतिविधियां कर रही है। 

चीन ने पहले गुब्बारे को गिराए जाने की निंदा की थी। उसने कहा था कि यह अंतर्राष्ट्रीय नियमों का गंभीर उल्लंघन है। हालांकि, इसके बाद के मामलों में चीन ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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