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United Nations: दुनिया भर में 10 करोड़ लोग हुए विस्थापित, भारत में 50 लाख ने छोड़ा अपना घर; जानें क्या है कारण?

Fri, 17 Jun 2022 09:56 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Fri, 17 Jun 2022 09:56 AM IST
सार

रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में आपदाओं के कारण चीन में सबसे अधिक 60 लाख लोग, फिलीपींस में 57 लाख और भारत में 49 लाख लोग विस्थापित हुए। इसमें से अधिकतर लोगों ने आपदा के कारण अस्थायी तौर पर ही अपने घर छोड़े थे।

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UNHCR report: 5 million left homes in India due to climate change and disasters
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा किया गया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन और आपदाओं के कारण दुनिया भर में 2021 में 10 करोड़ से ज्यादा लोग एक जगह से दूसरी जगह विस्थापित हुए हैं। भारत में यह संख्या करीब 50 लाख है। मतलब भारत में 50 लाख से ज्यादा लोग इस साल अपना घर छोड़ने पर मजबूत हुए हैं। 

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यूएन रिफ्यूजी एजेंसी की वार्षिक ‘ग्लोबल ट्रेंड्स रिपोर्ट’ के मुतबिक, इतनी बड़ी संख्या में विस्थापन का कारण पिछले साल हिंसा, मानवाधिकारों के हनन, खाद्य असुरक्षा, जलवायु संकट, यूक्रेन में युद्ध और अफ्रीका से अफगानिस्तान तक अन्य आपात स्थितियां हैं। 
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चीन में सबसे ज्यादा विस्थापित हुए लोग 
रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में आपदाओं के कारण चीन में सबसे अधिक 60 लाख लोग, फिलीपींस में 57 लाख और भारत में 49 लाख लोग विस्थापित हुए। इसमें से अधिकतर लोगों ने आपदा के कारण अस्थायी तौर पर ही अपने घर छोड़े थे। रिपोर्ट में कहा गया कि देश में ही आंतरिक रूप से विस्थापित हुए अधिकतर लोग अपने गृह क्षेत्रों में लौट आए हैं, लेकिन साल के अंत तक दुनियाभर में आपदाओं के कारण विस्थापित हुए 59 लाख लोग अब भी अपने घर नहीं लौट पाए थे।
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हर साल बढ़ रही विस्थापितों की संख्या 
संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने कहा कि पिछले एक दशक में हर साल अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर होने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि हुई। 2021 के अंत तक युद्ध, हिंसा, उत्पीड़न और मानवाधिकारों के हनन के कारण विस्थापित हुए लोगों की संख्या 8.93 करोड़ थी, जो एक साल पहले की तुलना में आठ प्रतिशत अधिक और 10 साल पहले के आंकड़े से दोगुने से भी अधिक है।

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