{"_id":"614b75e18ebc3e097d7e18aa","slug":"unga-president-of-76th-session-abdulla-shahid-said-it-is-necessary-to-change-direction-of-discussion-on-gender-equality","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूएनजीए: अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद ने कहा- लैंगिक समानता पर विमर्श की दिशा बदलना जरूरी","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
यूएनजीए: अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद ने कहा- लैंगिक समानता पर विमर्श की दिशा बदलना जरूरी
Wed, 22 Sep 2021 11:58 PM IST
देव कश्यप
एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र।
एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र।
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 22 Sep 2021 11:58 PM IST
सार
यूएनजीए के उच्चस्तरीय सप्ताह के इतर यूरोपीय आयोग और राष्ट्रों की महिला प्रमुखों के साथ विशेष बैठक में यूएनजीए (संयुक्त राष्ट्र महासभा) के 76वें सत्र के अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद ने कहा कि लैंगिक समानता का मामला मेरे दिल के करीब है। जब तक महिलाओं व लड़कियों को उनके अवसर और अधिकार नहीं दिए जाएंगे, तब तक मैं इस नीति की वकालत करता रहूंगा।
विज्ञापन
यूएनजीए के 76वें सत्र के अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूएनजीए (संयुक्त राष्ट्र महासभा) के 76वें सत्र के अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद ने साझा अनुभवों से सबक लेकर लैंगिक समानता पर विमर्श की दिशा बदलने की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने आशा जताई कि यूएनजीए का मौजूदा सत्र लैंगिक मामलों को लेकर संवेदनशील रहेगा और ऐसी नीतियों का समर्थन करेगा, जो महिलाओं एवं लड़कियों को सशक्त बनाती हैं।
विज्ञापन
शाहिद ने यह बात यूएनजीए के उच्चस्तरीय सप्ताह के इतर यूरोपीय आयोग और राष्ट्रों की महिला प्रमुखों के साथ विशेष बैठक में की। उन्होंने कहा, लैंगिक समानता का मामला मेरे दिल के करीब है। जब तक महिलाओं व लड़कियों को उनके अवसर और अधिकार नहीं दिए जाएंगे, तब तक मैं इस नीति की वकालत करता रहूंगा।
विज्ञापन
बैठक में एस्टोनिया की राष्ट्रपति केर्स्टी कलजुलैद, मोल्दोवा गणराज्य की राष्ट्रपति मैया संदू, तंजानिया की राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और बारबाडोस की प्रधान मंत्री मिया अमोर मोटल ने भाग लिया। शाहिद ने उस किसी भी पैनल में शामिल नहीं होने को लेकर प्रतिबद्धता जताई है, जो लैंगिक आधार पर संतुलित नहीं है। उन्होंने कहा, लैंगिक समानता पर काफी काम करने की आवश्यकता है।
विज्ञापन
महिलाओं को हाशिए पर धकेलने की घटनाएं बढ़ीं
अब्दुल्ला शाहिद ने कहा, मैं आगे बढ़ते समय आपके विचारों व समर्थन पर निर्भर करूंगा। हमें लैंगिक समानता पर विमर्श की दिशा बदलकर प्रतिबद्धताओं को नया जीवन देने के लिए साझा अनुभवों से सबक लेते हुए आगे बढ़ना चाहिए, ताकि यह भरोसा दिखाया जा सके कि हम सभी महिलाओं एवं लड़कियों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, महिलाओं एवं लड़कियों को हाशिए पर धकेले जाने की घटनाएं बढ़ रही हैं।