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Afghanistan: UN ने कहा- सार्वजनिक जीवन में अफगान महिलाओं की भागीदारी जरूरी, पीड़ितों में 90% महिलाएं-बच्चे
Sun, 07 Apr 2024 08:06 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 07 Apr 2024 08:06 PM IST
सार
Afghanistan: संयुक्त राष्ट्र ने सार्वजनिक जीवन के सभी पहलुओं में अफगान महिलाओं को सशक्त, सार्थक व सक्रिय भागीदार बनाने की जरूरत पर जोर दिया। संगठन ने कहा कि देश में लैंगिक समानता और महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों के लिए सुरक्षित स्थान बनाने की जरूरत है।
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संयुक्त राष्ट्र
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने सार्वजनिक जीवन के सभी पहलुओं में अफगान महिलाओं को सशक्त, सार्थक व सक्रिय भागीदार बनाने की जरूरत पर जोर दिया। अफगानिस्तान की समाचार एजेंसी खामा प्रेस ने एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी।
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मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (ओसीएचए) की उप-समन्वयक इंद्रिका रतवाट्टे ने लैंगिक समानता और अफगान महिलाओं व लड़कियों के अधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबद्धता दोहराई। संयुक्त राष्ट्र ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने भी लैंगिक समानता और अफगानिस्तान में महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों के लिए सुरक्षित स्थान बनाने पर जोर दिया। ओसीएच ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अफगानिस्तान में मदद वितरण के लिए जरूरी बजट का केवल छह फीसदी सुरक्षित किया जा सकता है।
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रतवाट्टे ने बजट में कटौती पर गहरी चिंता जताई और अफगानिस्तान में लैंगिक समानता, महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों के संयुक्त राष्ट्र के समर्थन पर जोर दिया। रतवाट्टे के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र का फोकस महिलाओंर और लड़कियों के लिए सुरक्षित स्थान बनाना है। प्रभावित लोगों में से 90 फीसदी से ज्यादा महिलाएं और बच्चे हैं।
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संगठन की रिपोर्ट में बताया गया है कि अफगानिस्तान में प्रस्तावित 3.03 अरब अमेरिकी डॉलर के बजट में से केवल 290 मिलियन अमेरिकी डॉलर ही सुरक्षित किए गए हैं। खामा प्रेस के मुताबिक, इसमें आगे कहा गया है कि धन की कमीअफगानिस्तान में मदद वितरण के लिए मुश्किलें पैदा करेगी। रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अफगान लोगों के लिए वित्तीय मदद बढ़ाकर अपनी प्रतिबद्धता दोगुना करने का आग्रह किया है।
रतवाट्टे ने कहा, मैं बीस वर्षों से अफगानिस्तान जा रही हूं। मेरे यहां प्यारे दोस्त हैं। इस देश का मेरे दिल में हमेशा एक खास स्थान रहा है। यही वजह है कि मैं यहां हूं। मेरा मानना है कि हम अफगानिस्तान के लोगों के लिए कुछ कर सकते हैं। मैं इस प्रयास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं।