{"_id":"6601a66c63126a9aac050b45","slug":"un-security-council-passes-resolution-calling-for-immediate-ceasefire-in-gaza-2024-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gaza War: रमजान में आई गाजा के लोगों के लिए अच्छी खबर; UNSC में पारित हुआ तत्काल युद्धविराम का प्रस्ताव","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Gaza War: रमजान में आई गाजा के लोगों के लिए अच्छी खबर; UNSC में पारित हुआ तत्काल युद्धविराम का प्रस्ताव
Mon, 25 Mar 2024 10:00 PM IST
शिव शरण शुक्ला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 25 Mar 2024 10:00 PM IST
सार
इस प्रस्ताव में सात अक्तूबर को हमास द्वारा अचानक से इस्राइस पर हमले के दौरान बंधक बनाए गए सभी लोगों की रिहाई की भी मांग की गई है। हालांकि अमेरिका इस प्रस्ताव पर वोटिंग से दूर रहा।
विज्ञापन
UNSC
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इस समय मुस्लिमों के लिए बेहद पवित्र माना जाने वाला रमजान माह चल रहा है। इस माह में मुस्लिम रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करते हैं। इस बार यह महीना गाजा के मुस्लिमों के लिए खुशी लेकर आया है। दरअसल, आज संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में गाजा और इस्राइल के बीच तत्काल युद्धविराम का आह्वान करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया।
विज्ञापन
इस प्रस्ताव में सात अक्तूबर को हमास द्वारा अचानक से इस्राइस पर हमले के दौरान बंधक बनाए गए सभी लोगों की रिहाई की भी मांग की गई है। अमेरिका इस प्रस्ताव पर वोटिंग से दूर रहा। अमेरिका के इस रुख को लेकर इस्राइल ने नाराजगी भी जताई है। इतना ही नहीं, इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने दो शीर्ष सलाहकारों की अमेरिका की प्रस्तावित यात्रा भी रद्द कर दी है।
विज्ञापन
यूएनएससी में आज पेश किए गए प्रस्ताव पर 15 में से 14 सदस्यों ने सहमति की मुहर लगाई थी। इसे सुरक्षा परिषद के 10 सदस्यों ने संयुक्त रूप से पेश किया था। इसमें मांग की गई थी कि 10 मार्च से शुरू हुए रमजान के महीने में तत्काल रूप से संघर्ष विराम किया जाए। इसके अलावा, प्रस्ताव में बंधकों की रिहाई की भी शर्त रखी गई है।
विज्ञापन
हालांकि अभी भी ये बड़ा सवाल है कि इस प्रस्ताव को इस्राइल मानेगा भी या नहीं। क्योंकि उसके पीएम नेतन्याहू पहले ही कह चुके हैं कि वह हमास के आखिरी गुर्गे को भी मार देंगे। वहीं, अमेरिका ने इस बीच चेतावनी दी है कि यह स्वीकृत प्रस्ताव शत्रुता को रोकने की अमेरिका, मिस्र और कतर की वार्ता को नुकसान पहुंचा सकता है।