फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   UN Security Council meeting on Jammu and Kashmir India said article 370 is interal matter

कश्मीर मुद्दे पर यूएन में बैठक, भारत ने कहा- अनुच्छेद 370 भारत का आंतरिक मामला

Mon, 19 Aug 2019 12:36 PM IST
अमर शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: अमर शर्मा Updated Mon, 19 Aug 2019 12:36 PM IST
विज्ञापन
UN Security Council meeting on Jammu and Kashmir India said article 370 is interal matter
सैयद अकबरुद्दीन - फोटो : ANI
जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में बंद दरवाजे की बैठक हुई। यूएनएससी में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने बैठक को लेकर भारत का पक्ष रखते हुए कहा कि यह भारत का आंतरिक मामला है। उन्होंने पत्रकार वार्ता में सिलसिलेवार इससे जुड़े सवालों का जवाब दिया और भारत का पक्ष रखा। जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात पर चर्चा के पाकिस्तान के अनुरोध पर चीन ने यह बैठक बुलाई है। 
विज्ञापन


यूएन में जारी सुरक्षा परिषद की बैठक की ताजा जानकारी के अनुसार भारत ने कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है। भारत ने साफ कहा कि जब तक पाकिस्तान अपनी धरती पर आतंकवाद को पनाह देता रहेगा, तब तक वार्ता संभव नहीं है।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन
 
अकबरुद्दीन ने कहा, "हमारी राष्ट्रीय स्थिति थी और अभी भी यही है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 से संबंधित मामला पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है।" 

सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, "इनमें कोई बाहरी प्रभाव नहीं है, भारत सरकार और हमारे विधायी निकायों द्वारा हाल ही में लिए गए निर्णयों का मकसद है कि यह सुनिश्चित हो सके कि जम्मू और कश्मीर और लद्दाख में सुशासन को बढ़ावा मिले, हमारे लोगों का सामाजिक आर्थिक विकास हो।"

अकबरुद्दीन ने कहा,  हम धीरे-धीरे पाबंदियों को हटा रहे हैं। अनुच्छेद 370 भारत का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा कि जबतक आतंक खत्म नहीं होता, पाकिस्तान से बातचीत नहीं होगी। जिहाद की बात करके पाकिस्तान हिंसा भड़का रहा है। उन्होंने कहा कि क्या पिछले 10 दिन में कश्मीर में कोई बड़ी घटना देखी है? 

पत्रकार वार्ता के दौरान एक पाकिस्तानी पत्रकार के इस सवाल पर कि भारत कब पाकिस्तान के बातचीत करेगा, इस पर सैयद अकबरुद्दीन ने उनसे जाकर हाथ मिलाया।  

भारत के पक्ष में रूस 

यूएन में हुए इस अनौपचारिक बैठक में रूस का साथ भारत को पहले ही मिल गया था। रूस ने कश्मीर को द्विपक्षीय मुद्दा बताया। लेकिन चीन ने कहा कि वह कश्मीर के मसले पर चिंतित है क्योंकि यहां के हालात तनावपूर्ण हैं। चीन ने कश्मीर में एकतरफा कार्रवाई से बचने की सलाह दी।

बता दें कि इस बैठक के नतीजे की आधिकारिक घोषणा नहीं की जाएगी। इसमें सुरक्षा परिषद के 5 स्थायी और 10 अस्थाई सदस्यों ने हिस्सा लिया। रूस ने इस बैठक में शामिल होने से पहले ही कह दिया था कि यह पाकिस्तान और भारत का द्विपक्षीय मुद्दा है। 

पाकिस्तान के साथ सिर्फ चीन

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय से खबर दे रहे पाकिस्तानी समाचार पत्र 'डॉन' के अनुसार संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी दूत मलीहा लोधी और उनकी टीम इस महीने के आरंभ से ही संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों को यह समझाने में जुटी है कि कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने के भारत के फैसले से दक्षिण एशिया की शांति और स्थिरता को किस तरह खतरा है। 

समाचार पत्र के अनुसार, लेकिन सुरक्षा परिषद के मौजूदा सदस्य पाकिस्तान के समर्थन में नजर नहीं आ रहे। समाचार पत्र के मुताबिक सुरक्षा परिषद के शेष चार सदस्य ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और अमेरिका चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान द्विपक्षीय स्तर पर कश्मीर मुद्दे को सुलझाएं।

अखबार के मुताबिक 10 अस्थायी सदस्यों बेल्जियम, कोटे डि आइवर, डोमिनिक रिपब्लिक, इक्वेटोरियल गिनी, जर्मनी, इंडोनेशिया, कुवैत, पेरु, पोलेंड और दक्षिण अफ्रीका में से इंडोनेशिया और कुवैत ने ही अतीत में पाकिस्तान से सहानुभूति दिखाई है, लिहाजा चीन के अनुरोध पर शेष देशों को मनाना काफी मुश्किल काम होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed