फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   UN says Islamic state can become a threat to countries bordering Afghanistan

अफगानिस्तान से लगते देशों के लिए आईएस की शाखा बन सकती है खतरा: यूएन

Wed, 12 Feb 2020 03:10 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Wed, 12 Feb 2020 03:10 AM IST
विज्ञापन
UN says Islamic state can become a threat to countries bordering Afghanistan
यूएन - फोटो : twitter

संयुक्त राष्ट्र ने अपनी एक रिपोर्ट में चेताया है कि दुर्दांत आतंकी संगठन आईएस की शाखा दक्षिण एशिया में अभी भी सक्रिय है। इसने इस क्षेत्र के तहरीक-ए-पाकिस्तान जैसे आतंकी संगठनों के साथ संपर्क बना लिए हैं। यह शाखा अफगानिस्तान से लगते देशों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।

विज्ञापन

अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा पर आईएसआईएल (दाएश) के खतरे को लेकर महासचिव की 10वीं रिपोर्ट और खतरे से निपटने में सदस्य राष्ट्रों का समर्थन जुटाने में संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों में कहा गया कि इराक में इस्लामिक स्टेट और लेवांट-खुरासन (आईएसआईएल-के) वर्ष 2019 के अंत में तालिबान लड़ाकों और अफगानिस्तान सुरक्षा बलों से अत्याधिक दबाव में आ गया था। इसी के साथ उसे अफगानिस्तान के नांगरहार प्रांत  में स्थित अफगान मुख्यालय से खदेड़ा जा चुका था।
विज्ञापन


रिपोर्ट में कहा गया कि भले ही अफगान अधिकारियों ने आईएसआईएल-के लड़ाकों और उनके आश्रितों समेत 1,400 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया इसके बावजूद यह आतंकी संगठन अब भी क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है। इसमें कहा गया, इराक में इस्लामिक स्टेट और लेवांट-खुरासन सक्रिय, महत्वाकांक्षी और डराने वाला बना हुआ है। इसने अपनी ऑनलाइन भर्ती और दुष्प्रचार जारी रखा हुआ है जिसके लिए यह काबुल विश्वविद्यालय समेत अफगानिस्तान के धार्मिक एवं अकादमिक संस्थानों में संपर्क  बनाने गतिविधियों को भी अंजाम देता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रिपोर्ट में बताया गया कि इसने जमात-उल-अहरार, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और लश्कर-ए-इस्लाम समेत अन्य आतंकी संगठनों से अनौपचारिक संपर्क बना लिया है, जो पाकिस्तान की सीमा चौकियों पर नियमित रूप से हमले करते रहते हैं। आईएसआईएल-के का रुख अफगानिस्तान की सीमा के साथ लगने वाले देशों की सुरक्षा पर खतरे को बढ़ाने में सक्षम है।


रिपोर्ट में बताया गया कि अफगानिस्तान द्वारा हिरासत में लिए गए आईएसआईएल-के के लड़ाकों में अफगानिस्तान के नागरिकों के अलावा, अजरबेजान, कनाडा, फ्रांस, भारत, मालदीव, पाकिस्तान, तुर्की, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान के नागरिक शामिल हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed