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चीन के खुफिया शिविरों में कैद हैं 10 लाख मुसलमान, कई तोड़ चुके हैं दम: संयुक्त राष्ट्र

Sat, 11 Aug 2018 07:53 PM IST
न्यूयॉर्क टाइम्स सर्विस, जिनेवा
न्यूयॉर्क टाइम्स सर्विस, जिनेवा Updated Sat, 11 Aug 2018 07:53 PM IST
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UN said ten lakh Muslims held in secret China camps

पूरी दुनिया में अपने यहां होने वाले मानवाधिकार हनन को लेकर बदनाम चीन का एक और खौफनाक चेहरा सामने आया है। चीन अपने इकलौते मुस्लिम राज्य शिनजियांग में उइगर मुस्लिमों के धार्मिक अधिकारों पर पहले से ही लगातार प्रतिबंध थोप रहा है, लेकिन अब सामने आया है कि इस अभियान में चीन ने देश विरोधी गतिविधियों के नाम पर 10 लाख से ज्यादा उइगर मुस्लिमों को खुफिया सामूहिक हिरासत शिविरों में बंदी बना रखा है। 

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न्यूयॉर्क टाइम्स ने संयुक्त राष्ट्र नस्लीय भेदभाव उन्मूलन कमेटी की सदस्य गे मैकडॉगल के हवाले से कहा है कि इस बारे में संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवाधिकार पैनल ने भी चिंता जाहिर की है।
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मैकडॉगल ने चीनी नीतियों के पुनरीक्षण को लेकर आयोजित बैठक के दौरान कहा कि बीजिंग ने शिनजियांग के स्वायत्त क्षेत्र मं सभी तरह के नागरिक अधिकारों पर प्रतिबंध जैसी स्थिति बना रखी है। धार्मिक उग्रवाद से निपटने के नाम पर इस क्षेत्र को चीन ने विशाल नजरबंदी शिविर जैसा बना दिया है। उन्होंने कई रिपोर्ट के हवाले से कहा कि विदेशों से शिनजियांग लौटने वाले सैकड़ों उइगर छात्र गायब हो गए हैं। इनमें से कई के हिरासत में होने और अधिकतर को मार दिए जाने की खबरें हैं।
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चीनी प्रतिनिधिमंडल ने साधी चुप्पी

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, बैठक में मौजूद 50 सदस्यीय चीनी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मैकडॉगल के आरोपों पर चुप्पी साध ली है। हालांकि संयुक्त राष्ट्र संघ में चीन के राजदूत यू जियानहुआ ने अल्पसंख्यकों के लिए चीन की नीतियों को सद्भाव और एकता बढ़ाने वाला बताया है। जियानहुआ का दावा है कि शिनजियांग क्षेत्र के आर्थिक विकास के कारण करीब 2 करोड़ लोग गरीबी की रेखा से ऊपर आ गए हैं। 

क्या है उइगर विवाद

UN said ten lakh Muslims held in secret China camps

शिनजियांग वर्ष 1949 में पूर्वी तुर्किस्तान के नाम से आजाद देश घोषित किया गया था, लेकिन उसी साल चीन ने इस पर कब्जा कर लिया। उइगर मुस्लिम शिनजियांग को चीन के कब्जे को अवैध बताकर इसे दोबारा आजाद घोषित कराने की मुहिम चला रहे हैं। चीन ने इस राज्य को स्वायत्त दर्जा दे रखा है, लेकिन प्रशासन पर चीनी कब्जा ही है। पिछले कुछ सालों में चीन ने यहां पर अपने बहुसंख्यक हान समुदाय को बसाकर क्षेत्रीय जनसांख्यिकीय घनत्व को बदलने के प्रयास जारी कर रखे हैं, जिसके कारण उइगर मुस्लिमों के साथ उनकी हिंसात्मक झड़पें होती रहती हैं।

उइगर मुस्लिमों के धार्मिक अधिकार भी छीने

2014 में शिनजियांग की सरकार ने रमजान के महीने में मुस्लिम कर्मचारियों के रोजा रखने और मुस्लिम नागरिकों के दाढ़ी बढ़ाने पर पाबंदी लगा दी थी। 2014 में ही राष्ट्रपति जिनपिंग के आदेश पर यहां की कई मस्जिदें और मदसों के भवन ढहा दिए गए। इसके अलावा भी तमाम प्रतिबंध इन पर लगे हुए हैं।

कश्मीर पर भी पड़ रहा है प्रभाव

उइगर मुस्लिमों के दमन का प्रभाव पाक कब्जे वाले कश्मीर पर भी पड़ रहा है। शिनजियांग क्षेत्र से लगे गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र के कश्मीरी मुस्लिमों के सदियों से उइगर मुस्लिमों के साथ वैवाहिक संबंध रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ साल से पाकिस्तानियों से शादी करने वाली उइगर महिलाएं अपने मायके जाने पर कभी वापस नहीं लौट सकी हैं। आरोप है कि चीनी अधिकारियों ने पाकिस्तानी आतंकियों के उइगर उग्रवादियों से संपर्क बढ़ाने का जरिया मानकर इन महिलाओं को कैद कर लिया है।

उइगर मुस्लिमों पर एक नजर

01 करोड़ से ज्यादा तुर्की मूल के उइगर मुस्लिम हैं शिनजियांग राज्य में
08 देशों की सीमा से सटा शिनजियांग चीन के पश्चिम में सबसे बड़ा राज्य है

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