विज्ञापन
विज्ञापन

भारत में साल 2006 से 2016 के बीच 27 करोड़ लोग हुए 'गरीबी से मुक्त': यूएन रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र, न्यूयार्क Updated Fri, 12 Jul 2019 12:47 PM IST
यूएन (फाइल फोटो)
यूएन (फाइल फोटो) - फोटो : social media
ख़बर सुनें
भारत में स्वास्थ्य, स्कूली शिक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति से लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2006 से 2016 के बीच रिकॉर्ड 27.10 लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। इस दौरान खाना पकाने का ईंधन, साफ-सफाई और पोषण जैसे क्षेत्रों में मजबूत सुधार के साथ विभिन्न स्तरों पर यानी बहुआयामी गरीबी सूचकांक मूल्य में सबसे बड़ी गिरावट आयी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) और आक्सफोर्ड पोवर्टी एंड ह्यूमन डेवलपमेंट इनीशिएटिव (ओपीएचआई) द्वारा तैयार वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई) 2019 बृहस्पतिवार को जारी किया गया।

रिपोर्ट में 101 देशों में 1.3 अरब लोगों का अध्ययन किया गया। इसमें 31 न्यूनतम आय, 68 मध्यम आय और दो उच्च आय वाले देश थे। ये लोग विभिन्न पहलुओं के आधार पर गरीबी में फंसे थे। यानी गरीबी का आकलन सिर्फ आय के आधार पर नहीं बल्कि स्वास्थ्य की खराब स्थिति, कामकाज की खराब गुणवत्ता और हिंसा का खतरा जैसे कई संकेतकों के आधार पर किया गया।

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गरीबी में कमी को देखने के लिये संयुक्त रूप से करीब दो अरब आबादी के साथ 10 देशों को चिन्हित किया गया। आंकड़ों के आधार पर इन सभी ने सतत विकास लक्ष्य 1 प्राप्त करने के लिये उल्लेखनीय प्रगति की। सतत विकास लक्ष्य 1 से आशय गरीबी को सभी रूपों में हर जगह समाप्त करना है।

ये 10 देश बांग्लादेश, कम्बोडिया, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, इथियोपिया, हैती, भारत, नाइजीरिया, पाकिस्तान, पेरू और वियतनाम हैं। इन देशों में गरीबी में उल्लेखनी कमी आयी है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे अधिक प्रगति दक्षिण एशिया में देखी गई। भारत में 2006 से 2016 के बीच 27.10 करोड़ लोग, जबकि बांग्लादेश में 2004 से 2014 के बीच 1.90 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले। रिपोर्ट के अनुसार 10 चुने गये देशों में भारत और कम्बोडिया में एमपीआई मूल्य में सबसे तेजी से कमी आयी और उन्होंने सर्वाधिक गरीब लागों को बाहर निकालने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

झारखंड में सर्वाधिक सुधार

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में गरीबी में कमी के मामले में सर्वाधिक सुधार झारखंड में देखा गया। वहां विभिन्न स्तरों पर गरीबी 2005-06 में 74.9 प्रतिशत से कम होकर 2015-16 में 46.5 प्रतिशत पर आ गयी। 

इसमें कहा गया है कि संकेतकों पोषण, स्वच्छता, बच्चों की स्कूली शिक्षा, बिजली, स्कूल में उपस्थिति, आवास, खाना पकाने का ईंधन और संपत्ति...के मामले में भारत के अलावा इथोपिया और पेरू में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किये गये।

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2005-06 में भारत की करीब 64 करोड़ लोग (55.1 प्रतिशत) गरीबी में थे जो संख्या घटकर 2015-16 में 36.9 करोड (27.9 प्रतिशत) पर आ गयी। इस प्रकार, भारत ने बहुआयामी यानी विभिन्न स्तरों और उक्त 10 मानकों में पिछड़े लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में उल्लेखनीय प्रगति की है।

Recommended

'अभिरुचि' एक नई पहल जो बना रही है छात्रों का भविष्य
Invertis university

'अभिरुचि' एक नई पहल जो बना रही है छात्रों का भविष्य

लंबी आयु और अच्छी सेहत के लिए इस सावन महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में कराएं रुद्राभिषेक - 22/ जुलाई/2019
Astrology

लंबी आयु और अच्छी सेहत के लिए इस सावन महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में कराएं रुद्राभिषेक - 22/ जुलाई/2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

World

13 दिन की रिमांड पर अब्बासी, जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार का नया मामला दर्ज

पाकिस्तान की अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी को शुक्रवार को राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) की तीन दिन की रिमांड पर भेजा है।

19 जुलाई 2019

विज्ञापन

बिहार में बाढ़ के कहर के बीच नर्स ने कराया प्रसव

बिहार में बाढ़ की स्थिति में किसी तरह का सुधार देखने को नहीं मिल रहा है, जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित है। इस बीच निर्मला नाम की एक नर्स ने बाढ़ के पानी को पार कर एक पीड़िता की प्रसव प्रक्रिया पूरी कराई।

19 जुलाई 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree