नेपाली मीडिया में चर्चा: ओली पार कराएंगे एमसीसी करार की नैया
बुधवार को अमेरिकी राजदूत ने विपक्षी नेता और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से बातचीत की। उनसे मिलने के बाद ओली ने प्रधानमंत्री देउबा से मुलाकात की। यूएमएल के सूत्रों के मुताबिक ओली ने अमेरिकी दूतावास को यह आश्वासन दे दिया है कि उनकी पार्टी एमसीसी करार का अनुमोदन कराने में सरकार का सहयोग करेगी...
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लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी ने अमेरिकी संस्था मिलेनियम चैलेंज कॉरपोरेशन (एमसीसी) से आर्थिक सहायता लेने के लिए हुए करार का संसद में समर्थन करने का एलान किया है। इस करार को संसदीय मंजूरी दिलाने की कोशिश में जुटे नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा को राहत विपक्षी दल नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) के रुख से मिली है। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि सभा में सिर्फ 13 सदस्य हैं।
लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी सत्ताधारी गठबंधन में शामिल पांच दलों में एक है। गठबंधन में शामिल दो कम्युनिस्ट पार्टियां अभी भी इस प्रस्ताव के खिलाफ बनी हुई हैं। नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (माओइस्ट सेंटर) और नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (यूनिफाइड सोशलिस्ट) ने दोहराया है कि वे सदन में प्रस्ताव के खिलाफ मतदान करेंगी। ऐसी ही रुख जनता समाजवादी दल का भी है।
ओली ने अमेरिकी दूतावास को दिया आश्वासन
इस बीच नेपाल स्थित अमेरिकी दूतावास की सक्रियता से जुड़ी खबरें यहां काफी चर्चित हैं। बुधवार को अमेरिकी राजदूत ने विपक्षी नेता और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से बातचीत की। उनसे मिलने के बाद ओली ने प्रधानमंत्री देउबा से मुलाकात की। बताया जाता है कि अमेरिकी दूतावास की गतिविधियों से नेपाली राजनीति के एक हलके में एमसीसी करार को लेकर विरोध और बढ़ रहा है। जबकि यूएमएल के सूत्रों के मुताबिक ओली ने अमेरिकी दूतावास को यह आश्वासन दे दिया है कि उनकी पार्टी एमसीसी करार का अनुमोदन कराने में सरकार का सहयोग करेगी।
मुद्दा एमसीसी से 50 करोड़ डॉलर की आर्थिक सहायता लेने का है। इसके लिए 2017 में एक समझौता हुआ था। लेकिन उस पर अमल आज तक नहीं हो सका है, क्योंकि इसके लिए जरूरी संसदीय अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। अब एमसीसी ने ये प्रक्रिया पूरी करने के लिए 28 फरवरी की समयसीमा तय कर दी है।
यूएमएल अपने पुराने रुख पर अड़ी
अखबार काठमांडू पोस्ट में सूत्रों के हवाले से छपी एक खबर के मुताबिक अमेरिकी राजदूत ने ओली के साथ उनकी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) और नेपाली कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावना पर भी बातचीत की। उसके बाद ओली देउबा से मिलने गए। एक हफ्ते के भीतर प्रधानमंत्री से यह उनकी दूसरी मुलाकात थी। बैठक के बाद यूएमएल पार्टी के एक नेता ने कहा- ‘प्रधानमंत्री ने एमसीसी करार के अनुमोदन के लिए हमारा समर्थन मांगा। हमने प्रधानमंत्री से कहा कि हम संसद की बैठक में भाग ले सकें, इसके लिए वे अनुकूल माहौल बनाएं।’ यूएमएल पिछले पांच महीनों से संसदीय कार्यवाही में रुकावट डाल रही है।
देउबा सरकार में संचार और सूचना तकनीक मंत्री ज्ञानेंद्र बहादुर कारकी ने मीडियाकर्मियों से कहा कि देउबा एमसीसी करार का अनुमोदन कराने के प्रयास में जुटे हुए हैं। उन्होंने ओली से कहा कि उन्हें इसमें समर्थन देना चाहिए। कारकी ने कहा– यूएमएल अपने पुराने रुख पर अड़ी हुई है। ओली ने कहा कि जब तक स्पीकर को नहीं हटाया जाता या जब तक स्पीकर 14 सांसदों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते, यूएमएल संसद को नहीं चलने देगी। लेकिन नेपाली कांग्रेस के सूत्रों ने मीडियाकर्मियों को बताया है कि स्पीकर को हटाने की मांग को छोड़ कर देउबा और ओली के बीच बाकी सभी मुद्दों पर सहमति बन गई है।