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Ukraine War Side Effects: चीन का नया पैंतरा, अब खुलकर पुतिन का साथ देने से कतरा रहे शी जिनपिंग

Mon, 19 Sep 2022 06:27 AM IST
Amit Mandal एएनआई, बीजिंग
एएनआई, बीजिंग Published by: Amit Mandal Updated Mon, 19 Sep 2022 06:27 AM IST
सार

शी जिनपिंग ने कहा था कि चीन प्रमुख देशों के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए रूस के साथ काम करेगा और बदलाव और अव्यवस्था की दुनिया में स्थिरता को लाने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। लेकिन अब वह खुलकर ऐसा बयान नहीं दे रहे हैं। 

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Ukraine war side effects: China makes subtle shift in relations with Russia
व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग - फोटो : Twitter @akalayci34

विस्तार

यूक्रेन युद्ध के लगातार जारी रहने के बीच रूस पर चीन के नजरिए में तेजी से बदलाव दिख रहा है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि बीजिंग निस्संदेह वैश्विक व्यवस्था को पुनर्निर्देशित करना चाहता है, लेकिन उसने फैसला कर लिया है कि वह फिलहाल रूस का साथ खुलकर नहीं देगा। एक राजनयिक ने कहा कि चीन मौजूदा अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को फिर से आकार देने के लिए रूस के साथ मिलकर काम करने की बात साफ तौर पर नहीं कह रहा है। किसी को यह नहीं भूलना चाहिए कि रूस के साथ साझेदारी बीजिंग के लिए कितनी महत्वपूर्ण है। उदाहरण के लिए, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने  जून में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ 15 फोन कॉल में अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था और वैश्विक शासन के विकास पर सहयोग के बारे में बात की थी।

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जिनपिंग ने रूस के साथ मिलकर काम करने की बात कही थी
शी ने कहा था कि चीन प्रमुख देशों के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए रूस के साथ काम करेगा और बदलाव और अव्यवस्था की दुनिया में स्थिरता को लाने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। द डिप्लोमैट ने रिपोर्ट किया, इसका एक अर्थ यह हो सकता है कि रूस वर्तमान में एक प्रमुख देश के रूप में अपनी जिम्मेदारी को पूरा नहीं कर रहा है या वैश्विक स्थिरता में योगदान नहीं दे रहा है। शी इसी तरह की आंतरिक टिप्पणी कर रहे हैं। पिछली बार शंघाई सहयोग संगठन की हालिया बैठक से पहले शी और पुतिन ने 4 फरवरी को बीजिंग में हाथ मिलाया था, जहां पुतिन शीतकालीन ओलंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह में भाग ले रहे थे। उसके बाद उनके संयुक्त बयान ने दुनिया को बता दिया था कि दोनों राज्यों के बीच दोस्ती की कोई सीमा नहीं है। 
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अब खुलकर रूस का साथ देने से जिनपिंग कर रहे परहेज 
अब समय बदल गया है। शी अब विश्व व्यवस्था को अपनी पसंद के अनुसार बदलने के लिए बीजिंग और मॉस्को के संयुक्त प्रयासों का स्पष्ट रूप से जिक्र करने से परहेज करते हैं। इसी तरह 15 सितंबर की एससीओ बैठक चीन और रूस के बीच रणनीतिक सहयोग पर काफी हद तक शांत रहे। जबकि शी दोनों के बीच प्रभावी रणनीतिक संचार को स्वीकार करते हैं, यह जून में उनके वादे से गुणात्मक बदलाव है कि जिसमें कहा गया था कि रणनीतिक समन्वय को गहरा करते हुए चीन रूस के साथ काम करने के लिए तैयार है।  
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जिनपिंग ने की औपचारिक संबंधों को गहरा करने की बात  
इसके बजाय इस सप्ताह की बैठक में शी ने खेल के आदान-प्रदान और लोगों से लोगों के बीच संबंधों जैसे सहयोग के अधिक अनौपचारिक क्षेत्रों पर जोर दिया। एकमात्र क्षेत्र जहां उन्होंने विशेष रूप से कहा था कि चीन व्यापार, कृषि, संपर्क और अन्य क्षेत्रों में गहरे संबंध चाहता है, बाकी मामलों को उन्होंने कयास लगाने के लिए छोड़ दिया। पुतिन के साथ अपनी बातचीत में शी की ये स्थिति पूरी तरह से गहरी चुप्पी की ओर इशारा करता है जो कभी खुले तौर पर दोस्ती का प्रदर्शन होता था।  

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