US: 'ब्रिटेन-फ्रांस पर भरोसा करने के बजाय अमेरिका को दुर्लभ खनिज सौंपे यूक्रेन', जेडी वेंस का बयान
US: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि यूक्रेन के लिए रूसी सेना से लड़ने की बजाय दुर्लभ धातुओं के समझौते को मान लेना अधिक बुद्धिमानी है। उन्होंने कहा कि यह समझौता अमेरिका को यूक्रेन के महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंच प्रदान करेगा और बेहतर सुरक्षा गारंटी देगा।
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अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि यूक्रेन के लिए रूसी सेना से लड़ने की अपेक्षा दुर्लभ धातुओं के प्रस्तावित समझौते को मान लेना अधिक बुद्धिमत्तापूर्ण फैसला है। 'फॉक्स न्यूज' को दिए एक साक्षात्कार में वेंस ने कहा कि यह समझौता अमेरिका को यूक्रेन के महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंच प्रदान करेगा। यह किसी ऐसे देश से 20,000 सैनिकों को भेजने की तुलना में बेहतर सुरक्षा गारंटी है, जिसने 30 या 40 वर्षों से कोई युद्ध नहीं लड़ा है। वेंस की इन टिप्पणियों को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर कटाक्ष माना जा रहा है।
गौरतलब है कि यूरोपीय नेताओं ने यूक्रेन में संघर्ष-बाद शांति सेना भेजने की बात कही है। इसके तहत 20,000 सैनिकों को यूक्रेन को भेजा जाना है, ताकि संघर्ष विराम की स्थिति के बाद रूस को फिर से आक्रमण करने से रोका जा सके। इस बारे में वेंस ने कहा है कि ये 20,000 सैनिक ऐसे देश के हैं जिसने 30-40 साल से युद्ध नहीं लड़ा, उससे अच्छा है कि अमेरिका भविष्य में यूक्रेन से आर्थिक फायदा उठाए।
वेंस का कहना है कि यूक्रेन के खनिज संसाधनों में अमेरिकी निवेश भविष्य में रूसी आक्रमण को रोकने की वास्तविक गारंटी साबित होगा। यह मामला यूक्रेन संकट पर अमेरिकी रणनीति में आर्थिक और सैन्य प्राथमिकताओं के टकराव को दर्शाता है।
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