Ukraine: 'रूस को रोकने के लिए जल्द करें एयर डिफेंस सिस्टम की आपूर्ति', जेलेंस्की की पश्चिमी देशों से अपील
Ukraine: रूस और यूक्रेन के बीच बीते तीन साल से ज्यादा समय से भीषण युद्ध जारी है। इस बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस के मिसाइल हमलों से बचाव के लिए पश्चिमी देशों से एयर डिफेंस सिस्टम और हथियारों के उत्पादन में तेजी लाने की अपील की।
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बुधवार को पश्चिमी देशों से अपील की कि वे रूस के मिसाइल हमलों को रोकने के लिए वायु रक्षा प्रणाली (एयर डिफेंस सिस्टम) की आपूर्ति तेज करें और यूक्रेन में हथियारों का उत्पादन बढ़ाने में मदद करें। जेलेंस्की ने ब्रसेल्स स्थित नाटो मुख्यालय में आयोजित 'यूक्रेन रक्षा संपर्क समूह' की बैठक की वीडियो लिंक के जरिए संबोधित किया।
इस दौरान जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका में बने पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम इस समय सबसे प्रभावी हैं। इन्हीं के जरिए रूस को मिसाइल हमलों और आतंक को रोकने पर मजबूर किया जा सकता है। उन्होंने 50 और देशों के प्रतिनिधियों से पुराने वादे को निभाने की भी अपील की। इस बार की बैठक में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ शामिल नहीं हुए। यह समूह 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पूर्व अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने बनाया था।
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हेगसेथ की गैरमौजूदगी को ट्रंप प्रशासन की ओर से यूक्रेन से दूरी बनाए रखने के एक और संकेत के रूप में देखा जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, युद्ध में फरवरी 2022 से अब तक 12 हजार से ज्यादा यूक्रेनी नागरिकों की जान जा चुकी है और दोनों पक्षों के हजारों सैनिक मारे जा चुके हैं।
जेलेंस्की ने यह भी अपील की कि देश के अंदर बने हथियारों को खरीदने में मदद की जाए। उन्होंने बताया कि यूक्रेनी रक्षा उद्योग में अभी भी बड़ी क्षमता है, लेकिन उसे वित्त की जरूरत है। हथियार खरीदने के लिए लगभग 18 अरब डॉलर का बजट अंतर बना हुआ है।
इस बैठक की अध्यक्षता ब्रिटेन और जर्मनी ने की। ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने कहा कि यूक्रेन की मदद के लिए ड्रोन निर्माण को दस गुना बढ़ाया जाएगा, क्योंकि युद्ध के इस चौथे साल में ड्रोन निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। हीली ने कहा, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि यूक्रेनी सैनिकों को हर जरूरी मदद सही समय पर मिले। यह सिर्फ यूक्रेन की नहीं, बल्कि यूरोप और हमारी भावी पीढ़ियों की सुरक्षा की लड़ाई भी है।
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वहीं, लिथुआनिया की रक्षा मंत्री डोविले सकालिएने ने कहा, सच्चे दोस्तों की पहचान मुश्किल समय में होती है, इसलिए यूक्रेन को समर्थन जारी रखना और बढ़ाना बहुत जरूरी है।
अब तक इस संपर्क के जरिए करीब 126 अरब डॉलर की सैन्य मदद यूक्रेन को दी जा चुकी है, जिसमें से 66.5 अरब डॉलर सिर्फ अमेरिका से आए हैं। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप के जनवरी में सत्ता में आने के बाद अमेरिका ने इस मंच की कोई भी बैठक खुद की अध्यक्षता में नहीं बुलाई है। नाटो देशों की चिंता यह है कि अमेरिका यूरोप से सेना हटाकर हिंद प्रशांत क्षेत्र पर फोकस कर सकता है।
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