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Ukraine War: रूस के ऊर्जा ठिकानों पर यूक्रेन की ड्रोन स्ट्राइक, परमाणु संयंत्र पर हमले का आरोप किया खारिज
Sun, 31 May 2026 04:59 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 31 May 2026 04:59 PM IST
सार
Ukraine War: यूक्रेन ने रूस के ऊर्जा ठिकानों पर नए ड्रोन हमले किए और रूस के कब्जे वाले एक परमाणु संयंत्र पर हमले के आरोप को सिरे से खारिज किया। यूक्रेन ने इसे दुष्प्रचार बताया। दोनों देशों के बीच इन दिनों तनाव और बढ़ गया है। पढ़िए रिपोर्ट-
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रूस-यूक्रेन जंग
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
यूक्रेन ने शनिवार रात से रविवार तक रूस के ऊर्जा ठिकानों पर नए हमले किए। रूसी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। वहीं, कीव ने रूस के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि एक यूक्रेनी ड्रोन ने क्रेमलिन के कब्जे वाले एक अहम परमाणु संयंत्र पर हमला किया। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
रूस के दक्षिण-पश्चिमी रोस्तोव क्षेत्र के गवर्नर यूरी स्ल्यूसर ने रविवार को टेलीग्राम पर बताया कि ड्रोन के मलबे से एक ईंधन भंडारण केंद्र में आग लग गई। उन्होंने कहा कि आसपास के घरों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
गवर्नर रोमन बुसार्गिन के अनुसार, ड्रोन हमलों से दक्षिण-पश्चिमी रूस के सारातोव प्रांत में नागरिक बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा। स्वतंत्र रूसी समाचार चैनल एस्ट्रा ने बताया कि क्षेत्रीय राजधानी सारातोव में एक तेल रिफाइनरी में आग लग गई।
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यूक्रेन ने हाल के महीनों में रूस की तेल और गैस सुविधाओं पर हमले तेज कर दिए हैं। उसका कहना है कि ऊर्जा क्षेत्र से मिलने वाला धन और संसाधन मॉस्को के चार साल से अधिक समय से जारी आक्रमण को समर्थन देते हैं।
इस बीच, कीव ने रूस के उस आरोप को भी खारिज किया कि एक यूक्रेनी ड्रोन ने रूस के कब्जे वाले जापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हमला किया। यह संयंत्र यूक्रेन और पूरे यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा केंद्र है।
युद्ध के शुरुआती हफ्तों में रूसी सेना ने इस संयंत्र पर कब्जा कर लिया था। यह दक्षिणी जापोरिज्जिया क्षेत्र में अग्रिम मोर्चे के करीब स्थित है। यह उन चार क्षेत्रों में से एक है, जिन्हें रूस ने औपचारिक रूप से अपने में शामिल करने का दावा किया था। हालांकि उस पर उसका पूरा सैन्य नियंत्रण नहीं है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस दावे को मान्यता नहीं मिली है।
ये भी पढ़ें: भारत दौरे पर आएंगी ब्रिटिश विदेश मंत्री, वैश्विक चुनौतियों के बीच रणनीतिक सहयोग पर होगी चर्चा
रूस की सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी रोसाटॉम ने शनिवार को कहा कि एक ड्रोन टरबाइन हॉल की दीवार में छेद करने के बाद फट गया। रोसाटॉम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अलेक्सी लिखाचेव ने यूक्रेन पर 'जानबूझकर' हमला करने का आरोप लगाया। लिखाचेव ने कहा, आज दोपहर एक यूक्रेनी कामिकाजे ड्रोन ने पावर यूनिट नंबर 6 के टरबाइन हॉल की इमारत पर हमला किया, जिससे विस्फोट हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य उपकरणों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
यूक्रेन की सेना ने रूस के इस आरोप को 'दुष्प्रचार की एक चाल' बताया और कहा कि उसने संयंत्र पर न तो हमला किया और न ही उसे निशाना बनाया। सेना ने बयान में कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करती है और परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाने वाले किसी भी कदम के संभावित परिणामों से पूरी तरह परिचित है।
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रूस के दक्षिण-पश्चिमी रोस्तोव क्षेत्र के गवर्नर यूरी स्ल्यूसर ने रविवार को टेलीग्राम पर बताया कि ड्रोन के मलबे से एक ईंधन भंडारण केंद्र में आग लग गई। उन्होंने कहा कि आसपास के घरों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
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गवर्नर रोमन बुसार्गिन के अनुसार, ड्रोन हमलों से दक्षिण-पश्चिमी रूस के सारातोव प्रांत में नागरिक बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा। स्वतंत्र रूसी समाचार चैनल एस्ट्रा ने बताया कि क्षेत्रीय राजधानी सारातोव में एक तेल रिफाइनरी में आग लग गई।
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यूक्रेन ने हाल के महीनों में रूस की तेल और गैस सुविधाओं पर हमले तेज कर दिए हैं। उसका कहना है कि ऊर्जा क्षेत्र से मिलने वाला धन और संसाधन मॉस्को के चार साल से अधिक समय से जारी आक्रमण को समर्थन देते हैं।
इस बीच, कीव ने रूस के उस आरोप को भी खारिज किया कि एक यूक्रेनी ड्रोन ने रूस के कब्जे वाले जापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हमला किया। यह संयंत्र यूक्रेन और पूरे यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा केंद्र है।
युद्ध के शुरुआती हफ्तों में रूसी सेना ने इस संयंत्र पर कब्जा कर लिया था। यह दक्षिणी जापोरिज्जिया क्षेत्र में अग्रिम मोर्चे के करीब स्थित है। यह उन चार क्षेत्रों में से एक है, जिन्हें रूस ने औपचारिक रूप से अपने में शामिल करने का दावा किया था। हालांकि उस पर उसका पूरा सैन्य नियंत्रण नहीं है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस दावे को मान्यता नहीं मिली है।
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रूस की सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी रोसाटॉम ने शनिवार को कहा कि एक ड्रोन टरबाइन हॉल की दीवार में छेद करने के बाद फट गया। रोसाटॉम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अलेक्सी लिखाचेव ने यूक्रेन पर 'जानबूझकर' हमला करने का आरोप लगाया। लिखाचेव ने कहा, आज दोपहर एक यूक्रेनी कामिकाजे ड्रोन ने पावर यूनिट नंबर 6 के टरबाइन हॉल की इमारत पर हमला किया, जिससे विस्फोट हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य उपकरणों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
यूक्रेन की सेना ने रूस के इस आरोप को 'दुष्प्रचार की एक चाल' बताया और कहा कि उसने संयंत्र पर न तो हमला किया और न ही उसे निशाना बनाया। सेना ने बयान में कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करती है और परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाने वाले किसी भी कदम के संभावित परिणामों से पूरी तरह परिचित है।