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Ukraine Crisis: यूक्रेन-रूस युद्ध के 1000 दिन; 'यह समय शांति हासिल करने का', बर्बादी के बीच समय की मांग

Tue, 19 Nov 2024 12:38 PM IST
अभिषेक दीक्षित यूएन हिंदी समाचार
यूएन हिंदी समाचार Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Tue, 19 Nov 2024 12:38 PM IST
सार

संयुक्त राष्ट्र में राजनैतिक एवं शांतिनिर्माण मामलों के लिए प्रमुख रोजमैरी डीकार्लो ने सोमवार को सुरक्षा परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए हिंसक टकराव का अंत करने के लिए राजनैतिक इच्छाशक्ति व एकजुट प्रयासों का आग्रह किया है।

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Ukraine Crisis: It is time to achieve peace 1000 days of war in Ukraine under the shadow of destruction
Ukraine Crisis - फोटो : UN

विस्तार

यूक्रेन पर रूसी सैन्य बलों के आक्रमण को एक हजार दिन पूरे हो रहे हैं। मगर देश में लाखों नागरिक अब भी व्यापक पैमाने पर मौतों, विध्वंस और हताशा से जूझ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र में राजनैतिक एवं शांतिनिर्माण मामलों के लिए प्रमुख रोजमैरी डीकार्लो ने सोमवार को सुरक्षा परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए हिंसक टकराव का अंत करने के लिए राजनैतिक इच्छाशक्ति व एकजुट प्रयासों का आग्रह किया है।

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उन्होंने कहा कि रूसी महासंघ ने फरवरी 2022 में पूर्ण स्तर पर यूक्रेन पर यह आक्रमण, संयुक्त राष्ट्र चार्टर व अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का खुलेआम उल्लंघन करते हुए किया था। एक हजार दिन बीत चुके हैं, यह युद्ध जारी है, बिना रुके। घातक लड़ाई पूर्वी व दक्षिणी यूक्रेन के ज्यादा से ज्यादा हिस्सों को अपने लपेटे में ले रही है। व्यापक मौतों, तबाही और हताशा के 1,000 दिन, जोकि लाखों यूक्रेनी नागरिकों के लिए बदस्तूर जारी हैं।
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अब तक कम से कम 12 हजार 164 आम लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें 600 से अधिक बच्चे हैं। 26 हजार से अधिक घायल हुए हैं, लेकिन हताहतों का वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं अधिक होने की आशंका है। यूएन अवर महासचिव रोजमैरी डीकार्लो ने बताया कि इस सप्ताहांत रूस ने यूक्रेन के सभी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। 120 मिसाइलों व 90 ड्रोन के जरिये ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया, जिससे जान-माल का भीषण नुकसान हुआ है।
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उन्होंने कहा कि यूक्रेन में अति-महत्वपूर्ण नागरिक व ऊर्जा प्रतिष्ठानों को व्यवस्थागत ढंग से निशाना बनाया जा रहा है, उन्हें तबाह किया जा रहा है, जोकि अनेक यूक्रेनी नागरिकों को बुनियादी आवश्यकताओं से वंचित कर रहा है। करीब 580 मेडिकल केंद्र क्षतिग्रस्त या बर्बाद हुए हैं और बड़ी संख्या में चिकित्साकर्मियों व अग्रिम मोर्चे पर डटे राहतकर्मियों के हताहत होने की खबरें हैं। कम से कम 1,358 शैक्षणिक केंद्रों को नुकसान पहुंचा है।

उन्होंने बीती रात मीडिया में खबरों के हवाले से कहा कि यूक्रेन के सहयोगी देशों ने रूस के भीतर लम्बी दूरी से मिसाइल हमलों के लिए हथियारों के इस्तेमाल को स्वीकृति दी है। इसके मद्देनजर रोजमैरी डीकार्लो ने जोर देकर कहा कि सभी पक्षों को आम नागरिकों की सुरक्षा, उनका बचाव सुनिश्चित करना होगा, भले ही वे कहीं भी हों।

Ukraine Crisis: It is time to achieve peace 1000 days of war in Ukraine under the shadow of destruction
Ukraine Crisis - फोटो : UN

विध्वंस के बीच सहायता प्रयास
अवर महासचिव ने चिंता जताई कि यूक्रेन युद्ध से पर्यावरण को गहरा नुकसान पहुंचा है। कखोवा बांध के ध्वस्त होने से आई से स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्रों व यूक्रेन में कृषि को क्षति हुई है। यूक्रेन अब उन देशों की सूची में हैं, जहां बड़े पैमाने पर बारूरी सुरंग का इस्तेमाल किया गया है। एक अनुमान के अनुसार, देश के एक चौथाई हिस्से में बारूदी सुरंग बिछी होने की आशंका है, जोकि स्विट्जरलैंड के आकार का चार गुना क्षेत्र है।

देश में लाखों आम नागरिक जीवनरक्षक सहायता पर निर्भर हैं। 40 लाख से अधिक लोग यूक्रेन की सीमाओं के भीतर ही विस्थापन का शिकार हुए हैं, जबकि 68 लाख लोगों ने अन्य देशों में शरण ली है। यूएन की वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यूक्रेन में पुनर्निर्माण व पुनर्बहाली प्रयासों के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसियां पूर्ण रूप से मुस्तैद हैं, और देश के ऊर्जा प्रतिष्ठानों को सहनसक्षम बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल सर्दी के मौसम में युद्धग्रस्त इलाकों में फंसे लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाने की कोशिशें हो रही हैं, जिसके लिए पर्याप्त संसाधन की आवश्यकता है।

टकराव बढ़ने का जोखिम
रोजमैरी डीकार्लो ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की गम्भीर चिंताओं के बावजूद, परमाणु हादसे का जोखिम वास्तविक है। यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा प्लांट व अन्य संवेदनशील स्थानों पर सैन्य गतिविधि होने की खबरें हैं। ऐसी किसी भी घटना के नतीजे विनाशकारी होंगे और इस आशंका से हम सभी को भयभीत होना चाहिए। सभी पक्षों के लिए यह अनिवार्य है कि परमाणु सुरक्षा व सलामती के लिए जिम्मेदारी के साथ कदम उठाए जाएं।

अवर महासचिव ने कहा कि हाल ही में कोरिया लोकतांत्रिक जनगणराज्य (डीपीआरके) के हजारों सैनिकों को हिंसक टकराव से प्रभावित इलाकों में तैनात किए जाने और उनके लड़ाई में शामिल होने की खबरें हैं। यह आग को और भड़काने का काम करेगा, जिससे यह विस्फोटक और भड़केगा व इसका अंतरराष्ट्रीयकरण होगा। शांतिनिर्माण मामलों की शीर्ष अधिकारी ने सचेत किया कि योरोप में इस हिंसक टकराव के विश्वव्यापी नतीजे हो सकते हैं, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता कमजोर और भूराजनैतिक दरारें गहरी हो रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि खतरनाक मार्ग से पीछे हटते हुए एकजुट कूटनीतिक प्रयासों व राजनैतिक इच्छाशक्ति के साथ इसका अंत किया जाना होगा।
 

(नोट: यह लेख संयुक्त राष्ट्र हिंदी समाचार सेवा से लिया गया है।)

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