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परमाणु संयंत्र पर कब्जा: रूस के हमले के बाद एक और संकट, चेर्नोबिल में 20 गुना बढ़ा रेडिएशन 

Mon, 28 Feb 2022 03:54 PM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Amit Mandal Updated Mon, 28 Feb 2022 03:54 PM IST
सार

रेडिएशन में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी क्षतिग्रस्त परमाणु रिएक्टर के करीब दर्ज की गई है। यहां पर रेडिएशन के स्तर पर लगातार नजर रखी जाती है।

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Ukraine crisis: Another crisis after Russia attack Chernobyl Nuclear plant, radiation increased 20 times
चेर्नोबिल न्यूक्लियर प्लांट - फोटो : Social Media

विस्तार

यूक्रेन पर हमले के बाद रूसी सैनिकों ने चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र पर कब्जा जमा लिया है। इसके बाद से यहां से होने वाले रेडिएशन में बढ़त दर्ज की गई है। यूक्रेन सरकार ने बीते गुरुवार को बताया था कि रूसी सैनिकों ने चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र पर कब्जा कर लिया है। इसी जगह पर साल 1986 में भयानक परमाणु त्रासदी हुई थी।

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इस क्षेत्र से होने वाले रेडिएशन पर नजर रखने वाली संस्थाओं ने बीते गुरुवार को बताया है कि यहां पर रेडिएशन बीस गुना तक बढ़ गया है। लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो इस क्षेत्र में एक अन्य परमाणु हादसा होने की आशंकाएं काफी कम है। यूक्रेन के परमाणु नियामक के मुताबिक, रेडिएशन (विकिरण) में दर्ज की गई बढ़त की वजह 4000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस परमाणु संयंत्र क्षेत्र में अचानक गाड़ियों की आवाजाही का बढ़ना है। 
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सबसे ज्यादा बढ़ोतरी क्षतिग्रस्त परमाणु रिएक्टर के करीब
रेडिएशन में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी क्षतिग्रस्त परमाणु रिएक्टर के करीब दर्ज की गई है। यहां पर रेडिएशन के स्तर पर लगातार नजर रखी जाती है। यहां हर घंटे रेडिएशन की मात्रा मापी जाती है। रिएक्टर के करीब सामान्य स्थितियों में प्रति घंटे तीन माइक्रोसिएवर्ट्स रेडिएशन का सामना करना होता है। लेकिन गुरुवार को यह मात्रा बढ़कर प्रतिघंटे 65 माइक्रोसिएवर्ट्स तक पहुंच गई जो कि उस मात्रा की पांच गुना है जो एक ट्रांस-अटलांटिक फ्लाइट में होती है। 
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शेफील्ड यूनिवर्सिटी से जुड़ी न्यूक्लियर मटीरियल विशेषज्ञ प्रोफेसर क्लेयर कॉरखिल ने बताया है कि यह बढ़ोतरी एक जगह पर केंद्रित थी और रिएक्टर क्षेत्र की तरफ आने वाली मुख्य सड़कों पर भी बढ़ोतरी देखी गई है। प्रोफेसर कॉरखिल कहती हैं कि चेर्नोबिल जोन में और इसके नजदीकी क्षेत्रों में वाहन और लोगों की आवाजाही बढ़ने से रेडियोऐक्टिव धूल उड़ी होगी। 

उन्होंने ये भी कहा है कि अगर आने वाले दिनों में आवाजाही नहीं होती है तो रेडिएशन लेवल गिरना चाहिए।  लेकिन इस क्षेत्र में किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि चिंताजनक है। यूक्रेन सरकार ने बताया है कि रूसी सैन्य टुकड़ियों ने यूक्रेन की सैन्य टुकड़ियों के साथ भीषण संघर्ष के बाद राजधानी कीएव से लगभग 130 किलोमीटर उत्तर की दिशा में स्थित चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र पर कब्जा कर लिया है। 

जेलेंस्की ने की इसे यूरोप के खिलाफ युद्ध करार दिया 
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमिर जेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेन के सैनिकों ने इसे बचाने के लिए संघर्ष किया ताकि साल 1986 की त्रासदी की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र पर हमले को पूरे यूरोप के खिलाफ युद्ध के एलान बताया।  इस परमाणु संयंत्र पर कई न्यूक्लियर वेस्ट कंटेनमेंट सुविधाएं हैं जिनमें वह विशाल गुंबद शामिल है जिसे 'न्यू सेफ कन्फाइनमेंट' नाम दिया गया है। 

इस गुंबद के अंदर ही चार नंबर रिएक्टर है जिसके फटने की वजह से 1986 में भयानक परमाणु हादसा हुआ था। प्रोफ़ेसर कॉरखिल ने कहा कि ये इमारतें रेडियोऐक्टिव पदार्थों को अपने अंदर बनाए रखने के लिए बनाई गी थीं। लेकिन इनमें किसी तरह का कवच नहीं लगा है और यह युद्ध क्षेत्र के लिए नहीं बनाई गई थीं। साल 1986 से लेकर अब तक इस परमाणु संयंत्र की रेडियोऐक्टविटी में कमी आई है। 

प्रोफ़ेसर कॉरखिल कहती हैं कि उस घटना में रेडियोऐक्टिव पदार्थों का रिसाव एक अग्निकांड की वजह से हुआ था। लेकिन वह इस बात पर जोर देती हैं कि उस परमाणु दुर्घटना की पुनरावृत्ति होने की आशंकाएं काफी कम हैं। लेकिन इससे भी ज्यादा चिंताजनक बात यूक्रेन के अन्य सक्रिय संयत्रों के पास संघर्ष शुरू होना होगी।


परमाणु नीति विशेषज्ञ प्रोफेसर जेम्स एक्टन ने लिखा है कि चेर्नोबिल एक ऐसे बड़े क्षेत्र में स्थित है जो कि एक रिहाइशी इलाका नहीं है। यूक्रेन के अन्य रिऐक्टर इस तरह के अलग-थलग इलाकों में नहीं हैं। इसके साथ ही वह कहते हैं कि परमाणु ऊर्जा संयंत्र युद्ध क्षेत्रों को ध्यान में रखकर नहीं बनाए जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने कहा है कि यूक्रेन ने सूचना दी है कि सभी परमाणु ऊर्जा रिऐक्टर सुरक्षित ढंग से चल रहे हैं। 

 

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