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Ukraine: एक कानून को दी मंजूरी और खतरे में पड़ गई जेलेंस्की की कुर्सी, लोग बोले- ये लोकतंत्र से विश्वासघात है

Wed, 23 Jul 2025 06:33 PM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव Published by: हिमांशु चंदेल Updated Wed, 23 Jul 2025 06:33 PM IST
सार

यूक्रेन के नए भ्रष्टाचार विरोधी कानून को लेकर राष्ट्रपति जेलेंस्की को जनता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की तीखी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। हजारों नागरिकों ने कीव में प्रदर्शन किया और इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया। आलोचकों का कहना है कि कानून से स्वतंत्र एजेंसियों की स्वतंत्रता कम होगी।

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Ukraine anti-corruption law criticism of Zelensky intensifies protesters say betrayal of democracy
वलोडिमिर जेलेंस्की। - फोटो : x/@ZelenskyyUa

विस्तार

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की एक नए भ्रष्टाचार विरोधी कानून को मंजूरी देने के बाद जनता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की तीखी आलोचना का सामना कर रहे हैं। इस कानून के खिलाफ राजधानी कीव सहित कई शहरों में हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया। यह यूक्रेन में तीन साल से चल रहे युद्ध के दौरान सरकार के खिलाफ पहला बड़ा जनविरोध माना जा रहा है।
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जेलेंस्की का कहना है कि नया कानून भ्रष्टाचार के मामलों में तेजी से सजा सुनिश्चित करेगा और जांच में देरी को रोकेगा। लेकिन प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस कानून के जरिए राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एनबीएयू) और विशेष भ्रष्टाचार अभियोजक कार्यालय (एसएपीओ) जैसी स्वतंत्र एजेंसियों पर सरकारी नियंत्रण बढ़ाया जा रहा है।
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यूरोपीय संघ की सदस्यता पर पड़ सकता है असर
यूरोपीय संघ के नेताओं और मानवाधिकार संगठनों ने भी इस कानून की आलोचना की है। जर्मनी और यूरोपीय रक्षा आयोग ने स्पष्ट कहा है कि भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसियों की स्वतंत्रता सीमित करना, यूक्रेन की ईयू सदस्यता की राह में बड़ी रुकावट बन सकता है। ईयू अधिकारियों ने यह भी कहा कि युद्ध के दौरान जनता और सरकार के बीच विश्वास बेहद जरूरी है, जिसे खोना आसान लेकिन बनाना बेहद कठिन होता है।
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पारदर्शिता इंटरनेशनल ने उठाए सवाल
पारदर्शिता इंटरनेशनल की यूक्रेन शाखा ने संसद के फैसले को यूक्रेन की लोकतांत्रिक सुधारों के खिलाफ बताया है। उन्होंने इसे देश की भ्रष्टाचार विरोधी प्रणाली को तोड़ने की साजिश कहा है। संगठन ने यह भी कहा कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के विश्वास को नुकसान पहुंचाता है।

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रूसी मीडिया ने उड़ाया मजाक
रूसी विदेश मंत्रालय ने जेलेंस्की के उस बयान का मज़ाक उड़ाया जिसमें उन्होंने कहा था कि नए कानून से ‘रूसी प्रभाव’ को हटाया जाएगा। रूसी प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने व्यंग्य करते हुए कहा कि जेलेंस्की चाहें तो कान से दो भालू भी खींच कर निकाल सकते हैं।

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कानून के विरोध में दूसरी रात भी प्रदर्शन
मंगलवार की शाम को राजधानी कीव में हजारों लोगों ने राष्ट्रपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और कानून को रद्द करने की मांग की। बुधवार रात फिर से सोशल मीडिया पर प्रदर्शन का आह्वान किया गया। एक युद्ध में घायल पूर्व सैनिक ओलेग सिमोरोज ने कहा कि जिन्होंने संविधान की रक्षा की शपथ ली थी, वे अब अपने खास लोगों को बचाने में लगे हैं। इस बीच रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल बुधवार को इस्तांबुल में वार्ता के तीसरे दौर के लिए मिले। हालांकि, इन बातचीतों में किसी ठोस युद्धविराम की उम्मीद नहीं है। चर्चा का केंद्र कैदियों की अदला-बदली और मानवीय मुद्दे बताए जा रहे हैं।


 
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