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Hindi News ›   World ›   UK warns of plot to install pro-Russian leader Yevhen Murayev in Ukraine through Armed Operation by Russia news and updates

ब्रिटेन की चेतावनी: यूक्रेन की सरकार बदलना चाहता है रूस, सैन्य हमले के जरिए इस नेता को बनाना चाहता है राष्ट्रपति

Sun, 23 Jan 2022 07:55 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Sun, 23 Jan 2022 07:55 PM IST
सार

रूस के विदेश मंत्रालय ने पलटवार करते हुए कहा- "ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय द्वारा फैलाई जा रही झूठी जानकारी इस बात को पुख्ता तौर पर प्रमाणित करती है कि नाटो (NATO) देश यूक्रेन के आसपास तनाव को बढ़ा रहे हैं।"

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UK warns of plot to install pro-Russian leader Yevhen Murayev in Ukraine through Armed Operation by Russia news and updates
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन। - फोटो : फाइल

विस्तार

यूक्रेन संकट को लेकर अमेरिका के बाद अब ब्रिटेन ने रूस पर जुबानी हमला बोला है। ब्रिटेन ने रूस की कथित खुफिया योजना का खुलासा करते हुए आरोप लगाया है कि वह यूक्रेन की सरकार को मॉस्को समर्थित शासन से बदलना चाहता है। ब्रिटिश खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, रूस अपनी इस योजना के तहत यूक्रेन के पूर्व सांसद येव्हेन मुरायेव को अपना उम्मीदवार बना रहा है। 
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येव्हेन मुरायेव रूस समर्थक एक छोटी पार्टी नाशी के प्रमुख हैं। उनकी पार्टी के पास फिलहाल यूक्रेन की संसद में कोई सीट नहीं है। ब्रिटेन के विदेश कार्यालय ने यूक्रेन के कई और ऐसे नेताओं का नाम लिया है, जिनके रूसी खुफिया सेवाओं के साथ संबंध रह चुके हैं।
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रूस बोला- उकसावे वाली गतिविधियां बंद करे ब्रिटेन
हालांकि, रूस के विदेश मंत्रालय ने ब्रिटेन के इन दावों को नकार दिया है। रूस के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने टेलीग्राम ऐप पर एक पोस्ट कर कहा, "ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय द्वारा फैलाई जा रही झूठी जानकारी इस बात को पुख्ता तौर पर प्रमाणित करती है कि नाटो (NATO) देश यूक्रेन के आसपास तनाव को बढ़ा रहे हैं। हम ब्रिटिश विदेश मंत्रालय से उकसावे वाली गतिविधियां बंद करने की मांग करते हैं।"
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ब्रिटेन बोला- यूक्रेन में रणनीतिक भूल की रूस को चुकानी होगी कीमत
ब्रिटेन की सरकार ने यह दावा एक खुफिया आकलन के आधार पर किया है। लेकिन उसने इन दावों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। ब्रिटेन की तरफ से यह आरोप ऐसे समय में लगाए गए हैं, जब रूस और पश्चिमी देशों के बीच यूक्रेन को लेकर तनाव चल रहा है। खुद ब्रिटिश विदेश मंत्री लिज ट्रस ने कहा है कि ताजा रिपोर्ट यूक्रेन को तबाह करने के इरादे से की जा रही रूसी गतिविधियों का खुलासा करती हैं और क्रेमलिन की सोच दर्शाती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘रूसी सेना की किसी भी बड़ी रणनीतिक भूल के लिए रूस को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।’’

गौरतलब है कि रूस के संभावित हमले के मद्देनजर ब्रिटेन ने यूक्रेन को मदद भेजी है। इसमें एंटी-टैंक हथियारों से लेकर बड़ी मात्रा में गोला-बारूद भी मौजूद है। बताया जा रहा है कि यूक्रेन संकट को कम करने के राजनयिक प्रयासों के तहत मॉस्को में वार्ता के लिए ब्रिटेन के रक्षा मंत्री बेन वालेस और रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु मुलाकात करेंगे। अब तक बैठक के लिए कोई समय नहीं दिया गया है। यह 2013 के बाद पहली ब्रिटेन-रूस द्विपक्षीय रक्षा वार्ता होगी।

अमेरिका भी रूस पर लगा चुका है तनावपूर्ण स्थिति पैदा करने के आरोप
यूक्रेन में रूस के हमले की आशंका के बीच अमेरिका ने हाल के दिनों में अपने यूरोपीय सहयोगियों को एकजुट करते हुए आक्रामक अभियान चलाया है। व्हाइट हाउस ने ब्रिटेन सरकार के इस आकलन को बेहद चिंताजनक बताया और कहा कि वह यूक्रेन की चुनी हुई सरकार के साथ खड़ा है।

अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की प्रवक्ता एमिली होम ने कहा, ‘‘इस तरह की साजिश वाकई में चिंताजनक है। यूक्रेन के लोगों को अपना भविष्य खुद तय करने का संप्रभु अधिकार है और हम यूक्रेन में लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए अपने भागीदारों के साथ खड़े हैं।’’ यह आकलन ऐसे वक्त आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने शनिवार को वाशिंगटन के बाहर कैंप डेविड में यूक्रेन की स्थिति को लेकर अपनी वरिष्ठ राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ बातचीत की। इस बीच, तीन बाल्टिक देशों- एस्टोनिया, लात्विया और लिथुआनिया के रक्षा मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि वे यूक्रेन के प्रति एकजुटता और उसकी संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’


यूक्रेन-रूस पर बयान पड़ा भारी जर्मन नौसेना प्रमुख का इस्तीफा
जर्मनी के नौसेना प्रमुख को यूक्रेन और रूस के बारे में दिए अपने विवादास्पद बयानों के कारण शनिवार को इस्तीफा देना पड़ा। वाइस एडमिरल के अचिम शॉनबाख ने शुक्रवार को भारत में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि यूक्रेन क्रीमिया पर दोबारा कब्जा नहीं कर सकता। रूस ने 2014 में क्रीमिया पर कब्जा कर लिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि रूस को चीन के विरोध वाले खेमे में रखना महत्वपूर्ण है और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सम्मान के हकदार हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा था कि दुनिया के देशों के संसाधन हासिल करने के लिए चीन उन देशों के तानाशाहों-हत्यारों को पैसा देता है।
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