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UK: अवैध प्रवास पर ब्रिटेन में सख्ती, विदेश मंत्री लैमी बोले- मानव तस्करों को पूरी दुनिया में ढूंढकर देंगे सजा

Wed, 23 Jul 2025 04:30 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: पवन पांडेय Updated Wed, 23 Jul 2025 04:30 PM IST
सार

UK Sanctions On Illegal Migration: ब्रिटेन ने अवैध प्रवास को रोकने के लिए वैश्विक प्रतिबंध प्रणाली शुरू की है। यह दुनियाभर में इस मामले में उठाया गया इस तरह का पहला कदम है। इससे मानव तस्करी में शामिल लोगों की कमर तोड़ने और प्रवासियों के शोषण पर रोक लगाने की उम्मीद की जा रही है।

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UK’s world-first sanctions target people smuggling gangs in illegal migration crackdown
डेविड लैमी, ब्रिटिश विदेश मंत्री - फोटो : X @DavidLammy

विस्तार

ब्रिटेन ने अवैध प्रवास पर रोक लगाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मानव तस्करी से जुड़े गिरोहों और उनसे जुड़े लोगों व कंपनियों पर दुनिया की पहली वैश्विक प्रतिबंध व्यवस्था लागू की है। ब्रिटिश विदेश कार्यालय (एफसीडीओ) ने बताया कि ये प्रतिबंध उन लोगों पर लगाए गए हैं जो अवैध रूप से प्रवासियों को एक देश से दूसरे देश में भेजने में शामिल हैं। इसमें गिरोह के सरगना, मुख्य बिचौलिये, नाव बनाने वाली चीनी कंपनी, हवाला के जरिए पैसे भेजने वाले और बाल्कन व उत्तरी अफ्रीका में स्थित अपराधी शामिल हैं।
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तस्करों को पूरी दुनिया में ढूंढकर सजा देंगे- लैमी
मामले में ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी ने कहा, 'हम इन तस्करी करने वाले लोगों को पूरी दुनिया में ढूंढकर सजा देंगे। उन्होंने तस्करों को चेताते हुए कहा- मेरा साफ संदेश है, हम जानते हैं कि आप कौन हैं, और हम आपको जवाबदेह ठहराएंगे। 'इस नई प्रतिबंध नीति के तहत, सरकार इन अपराधियों की यूके में मौजूद संपत्ति, बैंक खाते और अन्य वित्तीय संसाधनों को फ्रीज कर सकती है। इसके साथ ही उन्हें यूके यात्रा करने से भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।
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किन-किन पर लगाया गया प्रतिबंध?
इसमें मुख्यत: पांच नाम है, जिसमें चार लोग हैं और एक नाव बनाने वाली कंपनी भी शामिल है। सबसे पहले ब्लेदार लाला (अल्बानिया)- ये बेल्जियम से यूके तक प्रवासियों को गैरकानूनी रूप से ले जाने वाले गिरोह का मुख्य सरगना है। दूसरा वेईहाई यामार आउटडोर प्रोडक्ट कंपनी (चीन)- यह कंपनी ऐसी नावें बनाती है जो विशेष रूप से अवैध रूप से प्रवासियों को इंग्लिश चैनल पार कराने के लिए इस्तेमाल होती हैं। इन नावों को ऑनलाइन बेचा गया है।


तीसरा अलन बासिल (सर्बिया)- एक पूर्व पुलिस अनुवादक जो अब एक बड़ा मानव तस्कर बन गया है। उसने सर्बिया में प्रवासियों को धमकाने और पुलिस की मिलीभगत से उनका शोषण करने वाला गिरोह चलाया। चौथा मोहम्मद टेटवानी (सर्बिया)- 'हॉरगोस का किंग' कहे जाने वाले मोहम्मद टेटवानी ने एक शरणार्थी शिविर में अपने गिरोह के साथ प्रवासियों को पीटा और जबरन पैसे वसूले। पांचवा मुहम्मद खादिर पीरोट (मध्य-पूर्व)- हवाला बैंकिंग के जरिए पैसे के लेन-देन में शामिल, जिससे प्रवासी तस्कर भुगतान लेते थे।

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तस्करों पर कैसे लगेगी लगाम?
मामले में नेशनल क्राइम एजेंसी (एनसीए) के निदेशक ग्राहम बिग्गर ने कहा,'ये नए प्रतिबंध हमें संगठित प्रवासी अपराध नेटवर्क के खिलाफ लड़ाई में अतिरिक्त ताकत देंगे। इससे हम इन गैंगों की ऑपरेशनल क्षमता को कमजोर कर पाएंगे।' इसके साथ ही इन सभी पर अब ब्रिटेन में किसी भी प्रकार की वित्तीय गतिविधि पर रोक होगी। न तो ये लोग ब्रिटेन में बैंकिंग कर सकेंगे, न ही संपत्ति रख पाएंगे और न ही यात्रा कर सकेंगे। यह कार्रवाई ब्रिटेन सरकार की ओर से मानव तस्करी पर लगाम लगाने की एक बड़ी पहल मानी जा रही है।
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