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UK PM Race: लिज ट्रस को ऋषि सुनक पर मिली 32 अंकों की बढ़त, लेकिन जॉनसन अब भी सबके पसंदीदा
Thu, 18 Aug 2022 10:38 PM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला,
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला,
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 18 Aug 2022 10:38 PM IST
सार
68 प्रतिशत का कहना है कि उन्होंने ट्रस को और 31 प्रतिशत ने सनक को वोट दिया। जिन लोगों ने अभी तक मतदान नहीं किया है, उनमें से 44 प्रतिशत का कहना है कि वे ट्रस को चुनेंगे।
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Rishi Sunak And Liz Truss
- फोटो : ANI
विस्तार
गुरुवार को एक नए सर्वेक्षण ने कंजरवेटिव पार्टी के नेतृत्व की दौड़ में पूर्व चांसलर ऋषि सुनक पर विदेश सचिव लिज ट्रस की 32 अंकों की बढ़त की पुष्टि की है, लेकिन निवर्तमान प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन टोरी सदस्यों के बीच अब भी सबसे अधिक लोकप्रिय हैं। स्काई न्यूज के लिए यूगोव सर्वेक्षण से पता चलता है कि 66 प्रतिशत सदस्य लिज ट्रस के लिए मतदान के पक्ष में हैं और 34 प्रतिशत ब्रिटिश भारतीय पूर्व मंत्री सुनक के पक्ष में हैं। सर्वेक्षण में अपदस्थ नेता बोरिस जॉनसन के पक्ष में बहुमत भी दिखाया गया है, जिसमें 55 प्रतिशत ने कहा कि टोरी सांसदों ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर करके गलत किया जबकि 40 प्रतिशत ने कहा कि उन्होंने सही किया।
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बोरिस जॉनसन के पक्ष में अधिकतर सांसद
टोरी के सदस्यों की संख्या के लगभग दोगुने को लगता है कि जॉनसन आम चुनाव में विपक्षी लेबर नेता कीर स्टारर को हरा सकते हैं। नवीनतम सर्वे 12 और 17 अगस्त के बीच आयोजित किया गया था जिसमें नेतृत्व चुनाव में वोट रखने वाले 1,089 कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्य शामिल हैं। यह बुधवार को एक अलग कंजर्वेटिव होम सर्वे के ठीक बाद हुआ जिसने ट्रस को 32 अंकों की बढ़त दिखाई। YouGov सर्वेक्षण से पता चलता है कि दो सप्ताह पहले सदस्यों के अपने पिछले समान सर्वे के बाद से प्रतियोगिता बहुत ही कड़ी हो गई, जब ट्रस को 38 अंकों की बढ़त मिली थी। इससे पता चलता है कि बहस और अभियान सुनक कैंप के लिए फायदेमंद साबित नहीं हो रहे हैं।
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केवल 13 प्रतिशत मतदाताओं का कहना है कि उन्होंने अभी तक यह तय नहीं किया है कि वे किसे मतदान करेंगे या मतदान नहीं करेंगे। 68 प्रतिशत का कहना है कि उन्होंने ट्रस को और 31 प्रतिशत ने सनक को वोट दिया। जिन लोगों ने अभी तक मतदान नहीं किया है, उनमें से 44 प्रतिशत का कहना है कि वे ट्रस को चुनेंगे, 29 प्रतिशत का कहना है कि वे सुनक को चुनेंगे जबकि 26 प्रतिशत का कहना है कि वे नहीं जानते कि किसे वोट देंग। हालांकि ट्रस के लिए यह आसान नहीं है क्योंकि सर्वे में यह भी दिखाया गया है कि टोरी के 40 प्रतिशत सदस्यों का मानना है कि उनकी जीत के कारण त्रिशंकु संसद या लेबर बहुमत होगा।
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टैक्स में कटौती सबसे बड़ा मुद्दा
ट्रस के लिए एक और चुनौतीपूर्ण बात यह है कि अगर वह सरकार में प्रवेश करती है, तो वह जीवन-यापन के संकट से निपटने के लिए आर्थिक सहायता के मुद्दे पर मतदान किस तरह होगा। 47 साल की ट्रस ने महंगाई से निपटने के बजाय टैक्स में कटौती को प्राथमिकता दी है। हालांकि, 63 फीसदी का कहना है कि प्राथमिकता मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखना चाहिए, जो सुनक की नीति पर केंद्रित है, जबकि 33 फीसदी का कहना है कि लोगों के करों को कम करना पहला लक्ष्य होना चाहिए।
इस बीच, इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल स्टडीज (IFS) के थिंक टैंक ने चेतावनी दी कि बड़े, स्थायी टैक्स कटौती से सार्वजनिक खर्च पर दबाव बढ़ सकता है क्योंकि इससे आर्थिक दृष्टिकोण गड़बड़ाएगा। 42 वर्षीय सुनक ने कहा है कि वह केवल मुद्रास्फीति की चपेट में आने के बाद टैक्स में कटौती करेंगे और चेतावनी दी कि ट्रस की टैक्स को तुरंत कम करने की बात वहन करने योग्य नहीं है और कम आय वाले लोगों की मदद नहीं करेगी। आईएफएस ने चेतावनी दी है कि ऐसे समय में जब ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था के लिए अधिक सार्वजनिक खर्च की जरूरत है, दोनों उम्मीदवारों की योजनाएं खर्च में कटौती के बिना यह अप्रभावी साबित हो सकती हैं।
प्रीति पटेल ने पाक के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए
इस बीच ब्रिटेन ने पाकिस्तान के साथ एक नया समझौता किया है। इसका उद्देश्य ब्रिटेन में रहने के लिए कानूनी अधिकार नहीं रखने वाले पाकिस्तानी नागरिकों को हटाना है। ‘रिटर्न्स एग्रीमेंट’ पर गृह मंत्री प्रीति पटेल और पाकिस्तान के उनके समकक्ष युसूफ नसीम खोखर तथा ब्रिटेन में नियुक्त पाकिस्तानी उच्चायुक्त मोअज्जम अहमद खान ने लंदन में हस्ताक्षर किए। ब्रिटेन के गृह कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक इंग्लैंड और वेल्स की जेलों में सर्वाधिक विदेशी अपराधियों में पाकिस्तानी नागरिकों की संख्या सातवें स्थान पर है।