{"_id":"682b03cc933f9bae7a00d757","slug":"uk-high-court-denies-nirav-modi-s-bail-plea-in-pnb-fraud-case-2025-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"PNB Fraud Case: भगोड़े नीरव मोदी को एक बार फिर झटका, ब्रिटेन की हाई कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
PNB Fraud Case: भगोड़े नीरव मोदी को एक बार फिर झटका, ब्रिटेन की हाई कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका
Mon, 19 May 2025 03:42 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 19 May 2025 03:42 PM IST
सार
PNB Fraud Case: ब्रिटेन की हाई कोर्ट ने भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी की 10वीं जमानत याचिका खारिज कर दी। वह 2019 से हिरासत में बंद है और पीएनबी घोटाले में भारत प्रत्यर्पण का सामना कर रहा है। कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग और घोटाले की गंभीरता को देखते हुए जमानत नहीं दी।
विज्ञापन
नीरव मोदी
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ब्रिटेन की हाई कोर्ट ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में एक अरब डॉलर के घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी को जमानत देने से इनकार कर दिया। 2019 में हिरासत में लिए जाने के बाद यह 10वीं बार है, जबकि उनकी जमानत याचिका खारिज हुई है।
वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक एक्स पर एक पोस्ट में बताया, ब्रिटेन की हाई कोर्ट ने एक बार फिर नीरव मोदी को जमानत देने से इनकार कर दिया। नीरव मोदी पीएनबी के 1 अरब डॉलर के घोटाले के मामले में मास्टरमाइंड है। यह फैसला 15 मई 2025 को उसकी चौथी जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान लिया गया।
ये भी पढ़ें: Pakistan Bomb Blast: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में भीषण धमाका; चार लोगों की मौत, 20 घायल
विज्ञापन
ईडी ने आगे लिखा, सुनवाई में नीरव मोदी के बचाव पक्ष और भारत सरकार की ओर से पेश अभियोजन पक्ष की दलीलों पर विस्तार से चर्चा हुई। ईडी ने लिखित में बताया कि कैसे नीरव मोदी ने धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) किया, शेल कंपनियों के जरिए पैसा ब्रिटेन जैसे दूसरे देशों में भेजा। घोटाले की राशि का एक हिस्सा जब्त करके वापस बैंकों को भी लौटाया गया है। इन सब तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
वहीं, इस फैसले के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एक बयान में कहा, नीरव मोदी की नई जमानत याचिका लंदन की हाई कोर्ट (किंग्स बेंच डिवीजन) में खारिज कर दी गई। भारत की तरफ से क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस के वकील ने जोरदार तरीके से विरोध किया, जिन्हें सीबीआई की एक मजबूत टीम ने मदद दी।
ये भी पढ़ें: Donald Trump: ट्रंप ने रूस-यूक्रेन के बीच युद्धविराम की कोशिशें की तेज, पुतिन और जेलेंस्की से फोन पर की बात
सीबीआई ने कहा, हमने अदालत में मजबूत दलीलें दीं, जिसकी वजह से यह याचिका खारिज हुई। नीरव मोदी 19 मार्च 2019 से ब्रिटेन की जेल में है। वह भगौड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है और उस पर भारत में सीबीआई द्वारा 6498.20 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी के मामले में मुकदमा चलाया जाना है।
सीबीआई ने आगे कहा, ब्रिटेन में यह उसकी 10वीं जमानत याचिका थी, सीबीआई ने फिर चुनौती दी। नीरव मोदी को ब्रिटिश पुलिस ने मार्च 2019 में हिरासत में लिया था और ब्रिटेन का हाई कोर्ट उसके भारत प्रत्यर्पण को पहले ही मंजूरी दे चुका है। धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ईडी ने 2018 में नीरव मोदी और उसके चाचा मेहुक चोकसी के खिलाफ मामला दर्ज किया था और कई संपत्तियां जब्त की गई थीं।
विज्ञापन
वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक एक्स पर एक पोस्ट में बताया, ब्रिटेन की हाई कोर्ट ने एक बार फिर नीरव मोदी को जमानत देने से इनकार कर दिया। नीरव मोदी पीएनबी के 1 अरब डॉलर के घोटाले के मामले में मास्टरमाइंड है। यह फैसला 15 मई 2025 को उसकी चौथी जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान लिया गया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Pakistan Bomb Blast: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में भीषण धमाका; चार लोगों की मौत, 20 घायल
विज्ञापन
ईडी ने आगे लिखा, सुनवाई में नीरव मोदी के बचाव पक्ष और भारत सरकार की ओर से पेश अभियोजन पक्ष की दलीलों पर विस्तार से चर्चा हुई। ईडी ने लिखित में बताया कि कैसे नीरव मोदी ने धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) किया, शेल कंपनियों के जरिए पैसा ब्रिटेन जैसे दूसरे देशों में भेजा। घोटाले की राशि का एक हिस्सा जब्त करके वापस बैंकों को भी लौटाया गया है। इन सब तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
वहीं, इस फैसले के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एक बयान में कहा, नीरव मोदी की नई जमानत याचिका लंदन की हाई कोर्ट (किंग्स बेंच डिवीजन) में खारिज कर दी गई। भारत की तरफ से क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस के वकील ने जोरदार तरीके से विरोध किया, जिन्हें सीबीआई की एक मजबूत टीम ने मदद दी।
ये भी पढ़ें: Donald Trump: ट्रंप ने रूस-यूक्रेन के बीच युद्धविराम की कोशिशें की तेज, पुतिन और जेलेंस्की से फोन पर की बात
सीबीआई ने कहा, हमने अदालत में मजबूत दलीलें दीं, जिसकी वजह से यह याचिका खारिज हुई। नीरव मोदी 19 मार्च 2019 से ब्रिटेन की जेल में है। वह भगौड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है और उस पर भारत में सीबीआई द्वारा 6498.20 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी के मामले में मुकदमा चलाया जाना है।
सीबीआई ने आगे कहा, ब्रिटेन में यह उसकी 10वीं जमानत याचिका थी, सीबीआई ने फिर चुनौती दी। नीरव मोदी को ब्रिटिश पुलिस ने मार्च 2019 में हिरासत में लिया था और ब्रिटेन का हाई कोर्ट उसके भारत प्रत्यर्पण को पहले ही मंजूरी दे चुका है। धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ईडी ने 2018 में नीरव मोदी और उसके चाचा मेहुक चोकसी के खिलाफ मामला दर्ज किया था और कई संपत्तियां जब्त की गई थीं।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन