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ब्रिटेन में आंबेडकर हाउस के भविष्य को लेकर ब्रिटिश सरकार ने उठाया अहम कदम
Sat, 21 Sep 2019 07:21 AM IST
संदीप भट्ट
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: संदीप भट्ट
Updated Sat, 21 Sep 2019 07:21 AM IST
सार
- आंबेडकर ने इसी मकान में रहकर की थी पढ़ाई
- इस मकान को म्यूजियम में तब्दील करना चाहती है भारत सरकार
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विस्तार
ब्रिटेन में आंबेडकर हाउस के भविष्य को लेकर ब्रिटिश सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आंबेडकर हाउस के अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरों के बीच ब्रिटिश सरकार ने एक स्वतंत्र निरीक्षक नियुक्त किया है, जो भारत के संविधान निर्माता के लंदन स्थित के घर पर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।
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स्वतंत्र निरीक्षक की रिपोर्ट के आधार के पर ब्रिटिश सरकार आंबेडकर हाउस के भविष्य पर फैसला करेगी। स्थानीय प्राधिकरण कैमडेन काउंसिल ने पिछले महीने भारतीय अधिकारियों के उस आवेदन को खारिज कर दिया था, जिसमें उत्तरी लंदन स्थित आंबेडकर हाउस को एक म्यूजियम में तब्दील करने की मांग की गई थी।
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अपील को खारिज करते हुए काउंसिल ने अपने तर्क में कहा था एक रिहायशी संपत्ति (आंबेडकर हाउस) को म्यूजियम में तब्दील नहीं जा सकता है। ऐसा करना स्थानीय प्लानिंग नियमों का उल्लंघन होगा। इसके बाद भारतीय समुदाय के लोगों ने ब्रिटेन सरकार पर दबाव बनाया था और मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की थी।
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ब्रिटेन के आवास और समुदाय सचिव रॉबर्ट जेनरिक ने आंबेडकर हाउस को लेकर आवेदन पर दोबारा विचार करते हुए इस मामले में एक स्वतंत्र निरीक्षक नियुक्त किया है। स्वतंत्र निरीक्षक की रिपोर्ट और सिफारिशों के आधार पर सरकार आंबेडकर हाउस के भविष्य पर फैसला करेगी।
आंबेडकर ने इसी मकान में रहकर की थी पढ़ाई
उत्तरी लंदन में किंग हेनरी रोड पर चार मंजिला आंबेडकर हाउस है। डॉ. भीमराव आंबेडकर ने 1921 से 1922 तक इसी मकान में रहकर लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अपनी पढ़ाई पूरी की थी। फिलहाल इस मकान को महाराष्ट्र सरकार ने खरीद लिया है और वह इसे एक म्यूजियम में तब्दील करना चाहती है, लेकिन लंदन का स्थानीय प्रशासन नियमों का हवाले देते हुए इसके लिए तैयार नहीं है।