UK: ब्रिटेन में कड़ा इमिग्रेशन कानून लाने की तैयारी में पीएम स्टार्मर, कम कुशल कामगारों के वीजा पर होगी सख्ती
ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर इमिग्रेशन सिस्टम को सख्त बनाने जा रहे हैं। इस नए नियम से अवैध और कम कुशल कामगारों के वीजा में कटौती होगी। इसके साथ ही जनता में बढ़ते गुस्से और रिफॉर्म पार्टी की बढ़त के बीच सरकार प्रवास नीति में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सोमवार को देश में आव्रजन (इमिग्रेशन) नियमों को सख्त करने की योजना पेश करने वाले हैं। यह मुद्दा लंबे समय से ब्रिटिश सरकारों के लिए चुनौती बना हुआ है और हाल ही में एक नई एंटी-इमिग्रेशन पार्टी रिफॉर्म यूके के उभार का मुख्य कारण भी बना है। बता दें कि स्टार्मर की लेबर पार्टी को पिछले साल भारी जीत मिली थी, लेकिन अब सरकार पर दबाव बढ़ रहा है क्योंकि लोग उच्च इमिग्रेशन से परेशान हैं। उनका मानना है कि इससे जन सेवाओं पर बोझ बढ़ा है और कुछ क्षेत्रों में सांप्रदायिक तनाव भी देखने को मिले हैं।
परिवार और पढ़ाई में सख्ती पर जोर
मामले में स्टार्मर ने कहा है कि हर इमिग्रेशन श्रेणी काम, परिवार और पढ़ाई में सख्ती लाई जाएगी। कानून का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और इमिग्रेशन की संख्या में गिरावट आएगी। उन्होंने कहा कि हम एक नियंत्रित, चयन करने वाला और निष्पक्ष प्रणाली बनाएंगे। वहीं गृह मंत्री यवेट कूपर ने कहा कि सरकार अब कोई नया इमिग्रेशन लक्ष्य तय नहीं करेगी क्योंकि पुराने लक्ष्य विश्वास खो चुके हैं। इसके बजाय, सरकार कम कुशल कामगारों को मिलने वाले वीजा की संख्या में कटौती करेगी। उन्होंने बताया कि 2025 में ऐसे वीजा 50,000 कम किए जाएंगे।
ये भी पढ़ें:- IND-PAK Ceasefire: भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर ट्रोल हुए मिस्री, समर्थन में उतरे ओवैसी- अखिलेश और दिग्गज राजनयिक
ब्रिटेन में इमिग्रेशन बना एक बड़ा मुद्दा
गौरतलब है कि 2004 में यूरोपीय संघ का विस्तार हुआ था और ब्रिटेन ने तुरंत ही नए सदस्य देशों के लोगों के लिए अपने दरवाजे खोल दिए थे। तब से लेकर अब तक लाखों प्रवासी ब्रिटेन आ चुके हैं। 2016 के ब्रेग्जिट वोट के पीछे भी इमिग्रेशन एक बड़ा मुद्दा था, लेकिन ब्रेग्जिट के बाद भी वीजा पर आने वाले लोगों की संख्या कम नहीं हुई।
ये भी पढ़ें:- Stock Market: अस्थिर बाजार में निवेशकों की पसंद बने आक्रामक हाइब्रिड फंड, AUM पहुंचा 2.26 लाख करोड़
क्या है अभी की स्थिति
बात अगर अभी की स्थिति की करें तो 2024 के जून तक सालाना नेट इमिग्रेशन (जाने वालों को घटाकर) 7,28,000 रहा। ये आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 20% कम है, लेकिन फिर भी 2010 में तय किए गए 1 लाख के लक्ष्य से सात गुना ज्यादा है। वहीं पिछले साल 37,000 लोग छोटी नावों से अवैध रूप से इंग्लिश चैनल पार कर ब्रिटेन पहुंचे।