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Arms Dealer Sanjay Bhandari: भगोड़े संजय भंडारी के प्रत्यर्पण का रास्ता साफ, ब्रिटेन की कोर्ट ने दी मंजूरी
Mon, 07 Nov 2022 06:23 PM IST
अभिषेक दीक्षित
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Mon, 07 Nov 2022 06:23 PM IST
सार
16 जून 2020 को तत्कालीन ब्रिटिश गृहमंत्री प्रीति पटेल ने भंडारी के प्रत्यर्पण आग्रह को स्वीकार कर लिया था। इसके बाद 15 जुलाई 2020 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। कोर्ट ने भारत सरकार के इस आश्वासन के आधार पर यह आदेश सुनाया कि भंडारी को सुनवाई के दौरान नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में एक अलग कोठरी में संबंधित स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ रखा जाएगा।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
रक्षा सौदों के बिचौलिए और भगोड़े संजय भंडारी को भारत प्रत्यर्पित करने के मामले में बड़ी खबर आई है। एक एक ब्रिटिश कोर्ट ने सोमवार को संजय भंडारी के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है। ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है। भंडारी को जुलाई 2020 में प्रत्यर्पण वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। भंडारी ने इसके खिलाफ वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में अपील की थी।
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कोर्ट ने सोमवार को फैसला दिया कि हथियारों के सौदों में आरोपी बिचौलिए संजय भंडारी को कर चोरी एवं धनशोधन से जुड़े आरोपों का सामना करने के लिए भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है। भंडारी (60) के प्रत्यर्पण के लिए भारतीय अधिकारियों ने दो अनुरोध किए थे। पहला अनुरोध मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा था, जबकि दूसरा कर चोरी से।
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जज माइकल स्नो ने इस साल की शुरुआत में लंदन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत में मामले की सुनवाई की थी। उन्होंने फैसले में कहा कि भंडारी के प्रत्यर्पपण पर कोई रोक नहीं है। उन्होंने इस मामले को ब्रिटिश गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन को भेजने का फैसला किया। गृह मंत्री ही अदालती फैसले के आधार पर प्रत्यर्पण का आदेश देने के लिए अधिकृत हैं।
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कोर्ट ने भारत सरकार के इस आश्वासन के आधार पर यह आदेश सुनाया कि भंडारी को सुनवाई के दौरान नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में एक अलग कोठरी में संबंधित स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ रखा जाएगा।
भारत में मनी लान्ड्रिंग के आरोप तय
सीबीआई और ईडी की तरफ से संजय भंडारी के खिलाफ भारत में मनी लान्ड्रिंग के आरोप तय किए गए हैं। ब्रिटेन में होने के कारण उसे भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। भारत सरकार ने भंडारी के प्रत्यर्पण की अपील ब्रिटेन से की थी।
15 जुलाई 2020 को गिरफ्तार किया गया था
16 जून 2020 को तत्कालीन ब्रिटिश गृहमंत्री प्रीति पटेल ने भंडारी के प्रत्यर्पण आग्रह को स्वीकार कर लिया था। इसके बाद 15 जुलाई 2020 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। उसे अदालत ने 1.20 लाख पाउंड की सिक्योरिटी के साथ अपना पासपोर्ट जमा कराने, मध्य लंदन स्थित घर में नजरबंद रहने और नजदीकी पुलिस स्टेशन में रोजाना हाजिरी लगाने समेत सात शर्तों के साथ जमानत दी थी।
गोपनीयता उल्लंघन कानून में वांटेड
भारत में भंडारी गोपनीयता उल्लंघन कानून में वांटेड है। उस पर काला धन सफेद करने और टैक्स चोरी के मामले भी हैं, जिन आधार पर प्रत्यर्पण की अपील हुई। फिलहाल वह ब्रिटिश कोर्ट से जमानत पर है। यूपीए सरकार के कुछ रक्षा सौदों में करोड़ाें की रिश्वत से भंडारी के संबंध जानने के लिए भी प्रत्यर्पण जरूरी है। इन सौदों के लिए उसके बैंक खातों में करोड़ों रुपया भेजा गया था। भंडारी ने फ्रांसीसी कंपनी थेल्स पर 90 करोड़ का कमीशन न चुकाने का केस भी किया है।