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Queen Elizabeth II: ब्रिटेन और दुनिया ने महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को ऐतिहासिक अंतिम संस्कार में दी अंतिम विदाई

Tue, 20 Sep 2022 12:17 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, लंदन।
पीटीआई, लंदन। Published by: देव कश्यप Updated Tue, 20 Sep 2022 12:17 AM IST
सार

Queen Elizabeth II Funeral: ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की अंतिम यात्रा सोमवार को वेस्टमिंस्टर एबे से विंडसर कैसल पहुंची और उनके ताबूत को रॉयल वॉल्ट में उतारने की प्रक्रिया पूरी की गई। महारानी को उनके दिवंगत पति ड्यूक ऑफ एडिनबर्ग की कब्र के पास में सेंट चैपलजॉर्ज के अंदर स्थित किंग जॉर्ज VI मेमोरियल चैपल में दफनाया गया।

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UK and world bids final farewell to Queen Elizabeth II at historic funeral
Queen Elizabeth ii Funeral - फोटो : The Royal Family YouTube

विस्तार

राजाओं और रानियों, विश्व के नेताओं, सड़कों पर अश्रुपूर्ण शोक मनाने वालों और स्क्रीन के चारों ओर एकत्रित होकर लोगों ने सोमवार को महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को अंतिम विदाई दी। ब्रिटेन में सबसे लंबे समय तक राज करने वाली महारानी को सैन्य परिशुद्धता के लिए आयोजित ऐतिहासिक अंतिम संस्कार समारोह में दफनाया गया, इस दौरान जो हुजूम उमड़ा ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया।

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ब्रिटेन के वेस्टमिंस्टर एबे में एक भव्य राजकीय अंतिम संस्कार समारोह के समापन पर एक मार्मिक राष्ट्रव्यापी श्रद्धांजलि में दो मिनट का मौन रखा गया, जिसमें हजारों लोगों ने भाग लिया और दुनिया भर में लाखों लोगों ने इसे स्क्रीन पर देखा। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को अंतिम विदाई देने के लिए वेस्टमिंस्टर एबे में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और दुनियाभर से आये शाही परिवारों के सदस्यों सहित लगभग 500 वैश्विक नेताओं के साथ दुनियाभर के करीब 2000 मेहमान जुटे। भारत का प्रतिनिधित्व राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने किया। महारानी की राजकीय अंत्येष्टि में आधिकारिक भारतीय शिष्टमंडल के तौर पर राष्ट्रपति मुर्मू और विदेश सचिव विनय क्वात्रा शामिल हुए। 
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महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को अंतिम विदाई देते हुए उनके ताबूत को विंडसर कैसल स्थित सेंट जॉर्ज चैपल के शाही ‘वॉल्ट’ (शव कक्ष) में नीचे रख दिया गया। ब्रिटिश शाही परिवार में सर्वाधिक वरिष्ठ अधिकारी लॉर्ड चैम्बरलैन ने ‘राजदंड’ तोड़ने की रस्म पूरी की। शाही परिवार और सैकड़ों की संख्या में लोगों ने दिवंगत महारानी को अंतिम विदाई दी। ब्रिटेन की घरेलू गुप्तचर सेवा ‘एमआई5’ के पूर्व प्रमुख एंड्रयू पार्कर ने ‘सफेद राजदंड’ को तोड़ने की रस्म पूरी की और इसे महारानी के ताबूत पर रख दिया। यह रस्म राजशाही के प्रति उनकी सेवाओं की समाप्ति का प्रतीक है।
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महारानी को उनके पति प्रिंस फिलिप के बराबर में दफनाया गया। विंडसर के डीन ने कहा, ‘‘हम ईश्वर की सेवक महारानी एलिजाबेथ की आत्मा को उनके हाथों में सौंपने के लिए एकत्र हुए हैं।’’ इससे पहले, महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के ताबूत को राजकीय अंतिम संस्कार के लिए जैसे ही वेस्टमिंस्टर एबे के भीतर ले जाया गया, इस दौरान बिग बेन थम गई और हवा में प्रार्थनाओं के स्वर गूंजने लगे।

ब्रिटेन के शाही परिवार के सदस्यों के साथ ही दुनियाभर के विभिन्न देशों से राष्ट्राध्यक्ष और प्रमुख नेता दिवंगत महारानी को श्रद्धांजलि देने के लिए यहां पहुंचे। साथ ही लाखों लोग टेलीविजन पर महारानी की अंतिम यात्रा के साक्षी बने। महाराजा चार्ल्स तृतीय की अगुवाई में ताबूत यात्रा 11वीं सदी के ऐतिहासिक एबे पहुंची तो दिवंगत महारानी के नाम पर बने एलिजाबेथ टावर में लगी बिग बेन में एक-एक मिनट बाद 96 बार घंटा बजाया गया जो महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के जीवन काल को श्रद्धांजलि का प्रतीक था।

प्रार्थना सभा के आयोजन में शामिल वेस्टमिंस्टर के डीन वेरी रेवरेंड डॉ डेविड होयले ने कहा कि जहां महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की शादी हुई थी और उन्हें ताज पहनाया गया था, वहां देश और दुनिया से बड़ी संख्या में लोग दिवंगत महारानी को श्रद्धांजलि देने जुटे हैं। स्थानीय समयानुसार पूर्वाह्न 11 बजते ही शुरू हुई महारानी की इस अंतिम यात्रा में उनके बेटे और महाराजा चार्ल्स पीछे चल रहे थे। महाराजा के साथ उनके बेटे प्रिंस विलियम और प्रिंस हैरी तथा भाई-बहन प्रिंसेस एनी और प्रिंस एंड्रयू तथा प्रिंस एडवर्ड थे।

इससे पहले ताबूत को पिछले बुधवार से वेस्टमिंस्टर हॉल में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। इस अंतिम यात्रा में साथ चलने वाले राजपरिवार के सबसे कम उम्र के सदस्यों में नौ वर्षीय प्रिंस जॉर्ज तथा सात साल की प्रिंसेस शेरलोट थीं। दोनों अपने माता-पिता प्रिंस और प्रिंसेस ऑफ वेल्स के बीच में चल रहे थे। देशभर में दो मिनट के मौन के साथ महारानी की प्रार्थना सभा समाप्त हुई और अंतिम संस्कार के पहले भाग के रूप में राष्ट्रगान ‘गॉड सेव द किंग’ की धुन बजाई गई।

बता दें कि 70 साल तक राजगद्दी पर आसीन रहीं महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का आठ सितंबर को बाल्मोरल कैसल स्थित उनके आवास में निधन हो गया था। वह 96 वर्ष की थीं। बड़ी संख्या में लोग लंदन में सर्द रात की परवाह किए बगैर संसद के वेस्टमिंस्टर हॉल में ‘लाइंग इन स्टेट’ (अंतिम दर्शन के लिए रखा पार्थिव शरीर) में रखे महारानी के ताबूत के अंतिम दर्शन करने के लिए पहुंचे। शोक व्यक्त करने वाले लोग सोमवार सुबह साढ़े छह बजे के कुछ ही देर बाद वेस्टमिंस्टर हॉल से चले गए।


महारानी के ताबूत के दर्शन करने वाले आखिरी व्यक्ति ने कहा कि यह ‘‘मेरे जीवन का सबसे अहम क्षण’’ रहेगा। अंतिम संस्कार से पहले शाही परिवार ने महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का सोमवार को अंतिम चित्र जारी किया, जिसमें वह हल्के नीले रंग की पोशाक पहने अपने चिर परिचित अंदाज में मुस्कुराती नजर आ रही थीं। सोमवार को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की गई थी और देश भर में टीवी पर तथा उद्यानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर बड़े स्क्रीन के माध्यम से अंतिम संस्कार का सीधा प्रसारण किया गया।


 

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