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UAE: भारतवंशी के नाम पर हुआ यूएई की सड़क का नामकरण, डॉ. मैथ्यू ने स्वास्थ्य क्षेत्र में 60 साल योगदान दिया

Sat, 13 Jul 2024 04:57 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sat, 13 Jul 2024 04:57 AM IST
सार

डॉ. जॉर्ज मैथ्यू 1967 में 26 साल की उम्र में पहली बार संयुक्त अरब अमीरात आए थे। तब देश विकास के शुरुआती चरण में था। उस समय न तो सड़कें थीं और न ही उचित चिकित्सा सुविधाएं। इन चुनौतियों के बावजूद, डॉ. मैथ्यू देश के संस्थापक दिवंगत शेख जायद के दृष्टिकोण से प्रेरित थे। उन्होंने स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में सुधार के लिए खुद को समर्पित कर दिया।
 

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UAE road named after Indian origin Dr. George Mathew contributed to healthcare for 60 years
डॉ. जॉर्ज मैथ्यू - फोटो : एएनआई

विस्तार

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबू धाबी में एक सड़क का नाम भारतीय मूल के 84 वर्षीय चिकित्सक डॉ. जार्ज मैथ्यू के नाम पर रखा गया है। उन्हें देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए यह श्रद्धांजलि दी गई है। अल मफराक में शेख शाकबूथ मेडिकल सिटी के पास की सड़क को अब जॉर्ज मैथ्यू स्ट्रीट के नाम से जाना जाएगा। यह नगर पालिका और परिवहन विभाग (डीएमटी) द्वारा 'यूएई के दूरदर्शी लोगों का सम्मान: स्मारक सड़कें' परियोजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य उन व्यक्तियों को सराहना है, जिन्होंने देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

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डॉ. मैथ्यू 1967 में 26 साल की उम्र में पहली बार संयुक्त अरब अमीरात आए थे। तब देश विकास के शुरुआती चरण में था। उस समय न तो सड़कें थीं और न ही उचित चिकित्सा सुविधाएं। इन चुनौतियों के बावजूद, डॉ. मैथ्यू देश के संस्थापक दिवंगत शेख जायद के दृष्टिकोण से प्रेरित थे। उन्होंने स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में सुधार के लिए खुद को समर्पित कर दिया।
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पिछले छह दशकों में, उन्होंने अबू धाबी की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अबू धाबी के शुरुआती दिनों से लेकर वर्तमान स्थिति तक उन्होंने इसके परिवर्तन को देखा है। वह अल ऐन के सरकारी अस्पताल में काम करने वाले पहले डॉक्टर थे, जिन्होंने देश के चिकित्सा परिदृश्य पर स्थायी प्रभाव छोड़ा।
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एक हालिया बयान में, डॉ. मैथ्यू ने अपनी यात्रा पर विचार करते हुए कहा, उस समय बुनियादी ढांचा विकसित हो रहा था। राष्ट्रपिता दिवंगत शेख जायद से प्रेरित होकर, मैंने लोगों की मदद करने के लिए खुद को समर्पित कर दिया। मैं इसके लिए बहुत आभारी हूं। मेरे प्रयासों को मान्यता दी गई है।


मूल रूप से अमेरिका जाने की योजना बना रहे डॉ. मैथ्यू एक मिशनरी मित्र द्वारा अल ऐन की सुंदरता के वर्णन से प्रभावित हुए। अल ऐन के पहले सरकारी डॉक्टर के पद के लिए उनका आवेदन सफल रहा, जिससे शेख जायद के आशीर्वाद से पहला क्लिनिक खोला गया। स्थानीय लोग प्यार से मैथ्यू को 'मैटियस' के नाम से जानते थे, डॉ. मैथ्यू का संयुक्त अरब अमीरात के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक विशिष्ट कैरियर रहा है। एक सामान्य चिकित्सक के रूप में शुरुआत करते हुए, उन्होंने 1972 में अल ऐन क्षेत्र के चिकित्सा निदेशक और 2001 में स्वास्थ्य प्राधिकरण के सलाहकार सहित विभिन्न प्रतिष्ठित पदों पर कार्य किया।

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