Pakistan: नौ मई को सैन्य प्रतिष्ठानों पर हुए हमले में पत्रकारों को बनाया जा रहा निशाना, दो पर केस दर्ज
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यहां आबपारा पुलिस थाने में एंकर साबिर शाकिर, मोईद पीरजादा और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में प्राथमिकी में शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि 9 मई को वह मेलोडी चौक पर मौजूद था।
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भ्रष्टाचार के एक मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पिछले माह पूरे पाकिस्तान में विद्रोह भड़काने और संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले के लिए उकसाने के आरोप में दो पत्रकारों सहित तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
इन दो पर तलवार
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यहां आबपारा पुलिस थाने में एंकर साबिर शाकिर, मोईद पीरजादा और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में प्राथमिकी में शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि 9 मई को वह मेलोडी चौक पर मौजूद था। यहां उसने शाकिर, पीरजादा और सैयद अकबर हुसैन से निर्देश लेते हुए भीड़ को देखा था। उन्होंने कहा कि वे लोगों को सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला करने, आतंकवाद फैलाने और देश में अराजकता पैदा करने के लिए उकसा रहे थे।
इससे पहले भी दर्ज किए गए मामले
गौरतलब है, इस सप्ताह की शुरुआत में इसी तरह की एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसमें पत्रकारों शाहीन सेहबाई और वजाहत सईद खान के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
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वॉचडॉग ने लगाई गुहार
वहीं, वॉचडॉग ने पाकिस्तान सरकार से आग्रह किया है कि बिना किसी विश्वसनीयता के दी गई शिकायत में लगाए गए बेतुके आरोप को न मानें। इन आरोपों को खारिज किया जाना चाहिए। उसने कहा कि किसी मासूम को बिना बात के मौत की सजा मिल सकती है। इसलिए ऐसे निराधार आरोपों को खारिज करना ही सही होगा।
उसने कहा कि माना पत्रकारों ने सैन्य गोपनीयता को नियंत्रित करने वाले नियमों का उल्लंघन कर दिया हो। लेकिन वह सिर्फ पत्रकारिता कर रहे थे। पत्रकारों को डराकर चुप कराने की कोशिश की जा रही है। बयान में एक टीवी न्यूज एंकर और राजनीतिक टिप्पणीकार इमरान रियाज खान के मामले का भी जिक्र किया गया है, जो एक महीने से अधिक समय से लापता हैं।
अमेरिका ने भी किया आग्रह
वहीं, अमेरिका ने भी पाकिस्तान से लोकतांत्रिक सिद्धांतों और कानून के शासन का सम्मान करने का भी आग्रह किया है। विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा है कि हम 9 मई के विरोध प्रदर्शन में संदिग्ध संलिप्तता के लिए सैन्य परीक्षणों का सामना करने वाले नागरिकों से संबंधित रिपोर्टों से अवगत हैं।
9 मई को हुई हिंसा के बाद कुरैशी को किया गया गिरफ्तार
नौ मई को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे। नौ मई की घटनाओं के बाद, इमरान खान की पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। नेताओं में कुरैशी, फवाद चौधरी, असद उमर, डॉ यासमीन राशिद, शिरीन मजारी, मलीका बुखारी और फैयाजुल हसन चौहान शामिल थे। कुछ दिनों बाद फवाद, इमरान इस्माइल, शिरीन मजारी, फैयाजुल हसन चौहान, फिरदौस आशिक अवान और अन्य सहित कई प्रमुख नेताओं ने इमरान खान की पार्टी छोड़ दी।
खान के समर्थकों ने लाहौर कॉर्प्स कमांडर हाउस, मियांवाली एयरबेस, फैसलाबाद में आईएसआई भवन सहित एक दर्जन सैन्य प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की और संवेदनशील रक्षा प्रतिष्ठानों को भी आग लगा दी थी। इमरान समर्थकों ने रावलपिंडी में सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) पर भी हमला किया था।