बाढ़ के बाद तूफान की चपेट में दुनिया, अमेरिका- फिलीपींस के साथ चीन पर भी मंडराया खतरा
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भारत समेत दुनियाभर में आंधी-तूफान का कहर जारी है। चाहे वो अमेरिका हो, फिलीपींस हो या जापान, हर जगह तूफान ने तबाही मचाई हुई है। फिलीपींस में आंधी और मूसलाधार बारिश के साथ आए तूफान मंगखुत के कारण भूस्खलन और मकान गिरने की घटनाओं में लगभग 49 लोग मारे गए हैं, जबकि कई घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा कई लोग लापता भी हो गए हैं। इस दौरान हवा 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। जिसके साथ साथ तेज बारिश और भूस्खलन भी हुआ।
यह तूफान अब चीन की ओर बढ़ चला है। दक्षिणी हैनान और ग्वांगडोंग प्रांत में इस तूफान के पहुंचने पर शनिवार को क्योनगोज़ो स्ट्रेट में नौका सेवाएं रोक दी गईं। स्थानीय मौसम ब्यूरो ने बताया कि मंगखुत के रविवार रात को पश्चिमी ग्वांगडोंग और पूर्वी हैनान के बीच एक इलाके में पहुंचने की संभावना है, जिससे तेज आंधी चलने और मूसलाधार बारिश होने की आशंका है।
वहीं, अमेरिका के कैरोलीना में भी शुक्रवार को आए तूफान 'फ्लोरेंस' से तबाही मच गई है। तूफान में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। तूफान में फंसे सैकड़ों लोगों को निकालने के लिए शनिवार को नौसैनिकों, तटरक्षक बलों, असैन्य नागरिकों एवं स्वंयसेवियों ने हेलीकॉप्टर, नावों और भारी वाहनों की मदद ली।
इसके अलावा जापान में भी हाल ही में जेबी नाम के शक्तिशाली तूफान ने दस्तक दी थी, जिसमें अब तक नौ लोगों की जान जा चुकी है। तूफान की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि हजारों लोग घायल हुए थे और मुख्य हवाई अड्डे पर सैकड़ों लोग फंस गए थे। इस शक्तिशाली तूफान की वजह से पुलों पर कई ट्रक पलट गए थे और कंसाई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे की ओर जाने वाले एक पुल से 2,591 टन का टैंकर टकरा गया था, जिससे भारी नुकसान हुआ था।
चौथी कैटिगरी का है तूफान
इसे चौथी कैटिगरी का अटलांटिक चक्रवात कहा जा रहा है। यह देश हर साल 20 चक्रवातों का सामना करता है। मंगखुत नाम के इस चक्रवात को इस साल का 15वां चक्रवात कहा जा रहा है। चक्रवाती तूफान की चपेट में सिर्फ फिलीपींस ही नहीं बल्कि अमेरिका के कई राज्य और दक्षिण चीन के भी कई क्षेत्र इसकी चपेट में हैं। यह तूफान लगातार बढ़ रहा है।
अमेरिका में फ्लोरेंस तूफान
अमेरिका के उत्तरी कैरोलिना में भी शुक्रवार को फ्लोरेंस तूफान आया। जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। तूफान में फंसे सैकड़ों लोगों को निकालने के लिए शनिवार को नौसैनिकों, तटरक्षक बलों, असैन्य नागरिकों एवं स्वंयसेवियों ने हेलीकॉप्टर, नावों और भारी वाहनों की मदद ली।
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माना जा रहा है कि उत्तरी कैरोलिना में और बाढ़ आ सकती है जो कहीं ज्यादा विनाशकारी साबित हो सकती है। इससे करीब एक करोड़ लोगों का जीवन खतरे में पड़ चुका है। करीब 22,600 लोगों को 150 शेल्टर होम में रखा गया है।
नदियों का उफान रिकॉर्ड स्तर पर
उष्णकटिबंधीय तूफान में तब्दील हुए फ्लोरेंस में 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही थीं जो पूरे दिन भर सतह से टकराती रहीं और जिसके चलते भारी बारिश हुई।
नदियों का उफान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है जिसके बाद हजारों लोगों को जगह खाली करने को कहा गया है। डर है कि अगले कुछ दिनों में उत्तरी कैरोलिना के इतिहास में अब तक की सबसे विनाशकारी बाढ़ आ सकती है।
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तट के आस-पास शुरुआती कहर बरपा करते हुए फ्लोरेंस तूफान ने इमारतों को झुका दिया है, आस-पास के इलाकों को डुबा दिया है। 9,00,000 से ज्यादा घरों व प्रतिष्ठानों में बिजली आपूर्ति ठप कर दी है। यह तूफान दो चरणों में बर्बादी लेकर आएगा। दूसरे चरण में बारिश के पानी के कारण आपदा आएगी।
चीन में भी देगा दस्तक
उत्तरी फिलीपींस में तबाही मचाने के बाद अब तूफान रविवार को हांगकांग और दक्षिण चीन की ओर बढ़ रहा है। दुनिया में इस साल का यह सबसे शक्तिशाली तूफान है। हवाई स्थित संयुक्त तूफान चेतावनी केंद्र ने बताया कि इस तूफान के रास्ते में 50 लाख से ज्यादा लोग हैं।
मंगखुत जब फिलीपींस पहुंचा तो चार श्रेणी के अटलांटिक तूफान के बराबर तेज हवाएं और आंधी चली। तूफान के कारण चीन और फिलीपींस के बीच चीन के विदेश मंत्री वांग यी की यात्रा टालने की सहमति बनी है।
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तूफान के कारण करीब 150 उड़ानों को रद्द करना पड़ा और साथ ही समुद्र मार्ग से भी यात्रा बंद करनी पड़ी।