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अब मुश्किल हो जाएगा बाइडन के लिए मध्य मार्ग पर चलना? फिलिबस्टर नियम पर अटकेगी बात

Tue, 13 Jul 2021 02:29 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 13 Jul 2021 02:29 PM IST
सार

विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी के साथ सहमति बनाने की मंशा के कारण ही सीनेट के फिलिबस्टर नियम को खत्म करने की मांग को बाइडन ने अब तक नजरअंदाज कर रखा है। जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी का प्रोग्रेसिव धड़ा लंबे समय से ये मांग उठा रहा है...

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Two big challenges have arisen for US President Joe Biden from the state of Texas
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन - फोटो : PTI

विस्तार

टेक्सस राज्य से अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के लिए दो बड़ी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। पर्यवेक्षकों का मानना है कि इन मामलों को लेकर उन्हें सबको साथ लेकर चलने की नीति छोड़नी पड़ सकती है। विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी के साथ सहमति बनाने की मंशा के कारण ही सीनेट के फिलिबस्टर नियम को खत्म करने की मांग को बाइडन ने अब तक नजरअंदाज कर रखा है। जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी का प्रोग्रेसिव धड़ा लंबे समय से ये मांग उठा रहा है।

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टेक्सस में नई समस्या इस राज्य में सत्ताधारी रिपब्लिकन पार्टी की मताधिकार को संकुचित करने वाले कानून को पारित कराने की जिद से पैदा हुई है। इससे संबंधित बिल पास ना हो सके, इसके लिए सोमवार को टेक्सस की विधायिका के डेमोक्रेटिक सदस्य सदन छोड़ कर वाशिगंटन के लिए रवाना हो गए। डेमोक्रेटिक सदस्य जेम्स तेलारिको ने कहा- ‘मैं और मेरे डेमोक्रेटिक सहकर्मी इसलिए वाशिंगटन रवाना हो रहे हैं ताकि सदन में बिल पारित कराने के लिए कोरम (जरूरी न्यूनतम संख्या) पूरा ना हो सके। साथ ही, हम कांग्रेस (अमेरिकी संसद) से मांग करेंगे कि वे फॉर द पीपुल एक्ट को पारित कर लोकतंत्र की रक्षा करें।’
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फॉर द पीपुल एक्ट का बिल उन कानूनों को निष्प्रभावी करने के लिए लाया गया है, जो रिपब्लिकन शासित राज्यों में मताधिकार को संकुचित करने के लिए पास कराए गए हैं। इसे कांग्रेस के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव की मंजूरी मिल चुकी है। लेकिन सीनेट में पर्याप्त सदस्यों का समर्थन हासिल ना होने के कारण ये लटका हुआ है। जानकारों का कहना है कि अगर जो बाइडन फिलिबस्टर नियम को खत्म या संशोधित करने की दिशा में कदम नहीं उठाते हैं, तो ये विधेयक पास नहीं हो सकेगा।
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टेक्सस में एक बार पहले भी डेमोक्रेटिक सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर बिल पारित नहीं होने दिया था। इसलिए अब रिपब्लिकन गवर्नर ग्रेग एबॉट ने सदन का विशेष सत्र बुलाया है। रिपब्लिकन पार्टी का दावा है कि ये कानून चुनावों की साख की रक्षा और धोखाधड़ी रोकने के लिए बनाया जा रहा है। जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी का कहना है कि इसके तहत ऐसे नियम लागू करने की कोशिश हो रही है, जिससे ब्लैक और दूसरे अल्पसंख्यक समुदायों और गरीब तबकों के लिए मतदान करना मुश्किल हो जाएगा। इन तबकों को आम तौर पर डेमोक्रेटिक पार्टी का समर्थक माना जाता है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि टेक्सस के विधायकों के वाशिंगटन पहुंचने से राष्ट्रपति बाइडन पर इस मामले में जल्द फैसला लेने के लिए दबाव काफी बढ़ जाएगा।

इस बीच टेक्सस में गर्भपात कराना मुश्किल बनाने के लिए भी भी एक बिल पारित किया गया है। इसके तहत जो क्लीनिक गर्भपात कराएंगे, उनके खिलाफ मुकदमा किया जा सकेगा। अमेरिकी टीवी चैनल एमएसएनबीसी के हॉस्ट एंकर जॉय रीड ने सोमवार को इस कानून को तालिबान के रास्ते पर चलने वाला बताया। उन्होंने कहा कि टेक्सस के रिपब्लिकन नेता तालिबान की तरह व्यवहार कर रहे हैं। उनकी इस टिप्पणी पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।


सोशल मीडिया पर कंजरवेटिव समूहों से जुड़े लोगों ने रीड की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को तालिबान बता कर रीड और उनके टीवी चैनल ने टेक्सस की जनता का अपमान किया है। लेकिन अखबार वाशिंगटन पोस्ट की एक टिप्पणी में कहा गया है कि इस कानून से महिलाओं के खिलाफ जासूसी करने और फिरौती वसूलने की प्रवृत्तियों को बढ़ावा मिलेगा।

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