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Turkiye-Cyprus Conflict: तुर्किये ने साइप्रस को चेताया, इस्राइली एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने से बढ़ सकता है तनाव
Thu, 18 Sep 2025 07:22 PM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अंकारा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अंकारा
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 18 Sep 2025 07:22 PM IST
सार
तुर्किये रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वह तुर्किये साइप्रस निवासियों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा। तुर्किये का मानना है कि साइप्रस में इस्राइली एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती उसके राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है। इससे भूमध्यसागर के इस क्षेत्र में सैन्य टकराव का खतरा बढ़ सकता है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
तुर्किये ने चेतावनी दी है कि साइप्रस की तरफ से इस्राइल से एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने का कदम द्वीप पर शांति और स्थिरता को खतरे में डाल सकता है। तुर्किये रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि यह कदम द्वीप पर मौजूद नाजुक संतुलन को बिगाड़ सकता है और 'खतरनाक परिणाम' सामने ला सकता है। सूत्रों के मुताबिक, साइप्रस को हाल ही में इस्राइल निर्मित बराक एमएक्स इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम की आपूर्ति की गई है। यह आधुनिक सिस्टम 150 किलोमीटर की दूरी से दुश्मन के मिसाइल, ड्रोन और विमान को एक साथ इंटरसेप्ट करने की क्षमता रखता है। इससे साइप्रस की सुरक्षा क्षमता में बड़ी बढ़ोतरी होगी।
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पुराने सोवियत हथियार के सहारे साइप्रस की सुरक्षा
अब तक साइप्रस के पास ज्यादातर पुराने सोवियत हथियार, जैसे बुक एम1-2 मिसाइल सिस्टम, ही मौजूद थे। लेकिन इस नए सिस्टम के आने से उसकी रक्षा प्रणाली काफी मजबूत हो जाएगी। साइप्रस के रक्षा मंत्री वासिलिस पामलास ने पिछले साल एक इंटरव्यू में कहा था कि साइप्रस का भौगोलिक स्थान बहुत संवेदनशील है। यह क्षेत्र युद्धग्रस्त मध्य पूर्व के पास स्थित है, इसलिए देश की रक्षा क्षमता बढ़ाना बेहद जरूरी है।
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1974 से विभाजित है साइप्रस
साइप्रस 1974 से दो हिस्सों में बंटा हुआ है। उस समय ग्रीस समर्थित तख्तापलट के बाद तुर्किये ने साइप्रस के उत्तरी हिस्से पर कब्जा कर लिया था। द्वीप के दक्षिणी हिस्से में ग्रीक साइप्रस के लोग रहते हैं। उत्तरी हिस्से पर तुर्किये का प्रभाव है, जहां करीब 35,000 तुर्किये सैनिक तैनात हैं। 1983 में तुर्किये समर्थित उत्तरी साइप्रस ने खुद को स्वतंत्र घोषित किया था, लेकिन इसे सिर्फ तुर्किये ही मान्यता देता है।
पहले भी साइप्रस की सुरक्षा को लेकर बढ़ा था तनाव
यह पहला मौका नहीं है जब साइप्रस के एयर डिफेंस सिस्टम को लेकर तनाव बढ़ा हो। 1997 में साइप्रस ने रूसी एस-300 मिसाइल सिस्टम तैनात करने की योजना बनाई थी। उस समय तुर्किये ने सैन्य कार्रवाई की धमकी दी थी। बाद में समझौते के तहत साइप्रस ने वह मिसाइल सिस्टम ग्रीस को सौंप दिया था और तनाव कम हुआ था।
यह भी पढ़ें - UN: 'लश्कर और जैश संगठनों पर वैश्विक कार्रवाई जरूरी', अफगानिस्तान को आतंक मुक्त करने के लिए यूएन में बोला भारत
तुर्किये ने क्या दी चेतावनी?
तुर्किये रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वह तुर्किये साइप्रस निवासियों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि तुर्किये कौन-कौन से कदम उठा सकता है। तुर्किये का मानना है कि साइप्रस में इस्राइली एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती उसके राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है। इससे भूमध्यसागर के इस क्षेत्र में सैन्य टकराव का खतरा बढ़ सकता है।
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पुराने सोवियत हथियार के सहारे साइप्रस की सुरक्षा
अब तक साइप्रस के पास ज्यादातर पुराने सोवियत हथियार, जैसे बुक एम1-2 मिसाइल सिस्टम, ही मौजूद थे। लेकिन इस नए सिस्टम के आने से उसकी रक्षा प्रणाली काफी मजबूत हो जाएगी। साइप्रस के रक्षा मंत्री वासिलिस पामलास ने पिछले साल एक इंटरव्यू में कहा था कि साइप्रस का भौगोलिक स्थान बहुत संवेदनशील है। यह क्षेत्र युद्धग्रस्त मध्य पूर्व के पास स्थित है, इसलिए देश की रक्षा क्षमता बढ़ाना बेहद जरूरी है।
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1974 से विभाजित है साइप्रस
साइप्रस 1974 से दो हिस्सों में बंटा हुआ है। उस समय ग्रीस समर्थित तख्तापलट के बाद तुर्किये ने साइप्रस के उत्तरी हिस्से पर कब्जा कर लिया था। द्वीप के दक्षिणी हिस्से में ग्रीक साइप्रस के लोग रहते हैं। उत्तरी हिस्से पर तुर्किये का प्रभाव है, जहां करीब 35,000 तुर्किये सैनिक तैनात हैं। 1983 में तुर्किये समर्थित उत्तरी साइप्रस ने खुद को स्वतंत्र घोषित किया था, लेकिन इसे सिर्फ तुर्किये ही मान्यता देता है।
पहले भी साइप्रस की सुरक्षा को लेकर बढ़ा था तनाव
यह पहला मौका नहीं है जब साइप्रस के एयर डिफेंस सिस्टम को लेकर तनाव बढ़ा हो। 1997 में साइप्रस ने रूसी एस-300 मिसाइल सिस्टम तैनात करने की योजना बनाई थी। उस समय तुर्किये ने सैन्य कार्रवाई की धमकी दी थी। बाद में समझौते के तहत साइप्रस ने वह मिसाइल सिस्टम ग्रीस को सौंप दिया था और तनाव कम हुआ था।
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तुर्किये ने क्या दी चेतावनी?
तुर्किये रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वह तुर्किये साइप्रस निवासियों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि तुर्किये कौन-कौन से कदम उठा सकता है। तुर्किये का मानना है कि साइप्रस में इस्राइली एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती उसके राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है। इससे भूमध्यसागर के इस क्षेत्र में सैन्य टकराव का खतरा बढ़ सकता है।