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Turkey Election: तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन के लिए बड़ी चुनौती, खत्म हो सकता है दो दशकों का शासन, चुनाव आज

Sun, 14 May 2023 09:07 AM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता महतो Updated Sun, 14 May 2023 09:07 AM IST
सार

विश्लेषकों ने अनुमान लगाया कि राष्ट्रपति की दौड़ में एर्दोगन, मुख्य विपक्षी उम्मीदवार केमाल किलिकदारोग्लु और रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी और छह पार्टी राष्ट्र गठबंधन के लिए उम्मीदवारों के बीच कांटे की टक्कर होने वाली है।
 

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Turkey Presidential Election Today Big Challenge For Turkish President Erdogan, Two Decades Of Rule May End
Turkey Election - फोटो : Social Media

विस्तार

तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन के लिए रविवार को होने वाले राष्ट्रपति और संसदीय चुनाव काफी चुनौती भरे होने वाले हैं। ये चुनौती उनके दो दशक के शासन को भी समाप्त कर सकता है। तुर्किये में हुए सर्वे के हिसाब से एर्दोगन मुख्य विपक्षी उम्मीदवार केमल किलिकदारोग्लु से पीछे चल रहे हैं। इस चुनाव में अगर किसी भी उम्मीदवार को 50 फीसदी से कम वोट मिलते हैं तो 28 मई को रन ऑफ होगा। 
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तुर्किये में छह परवरी को भूकंप के झटके में 50,000 से अधिकी लोगों की मौत हो गई थी। इस संकट के तीन महीने से कम समय में तुर्किये में चुनाव होने जा रहे हैं। ऐसे में एर्दोगन के लिए चुनौतियां और बड़ी हो गई हैं। राष्ट्रपति चुनाव से एक दिन पहले शनिवार को एर्दोगन ने इस्तांबुल में अपनी आखिरी चुनावी रैली की थी।
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एर्दोगन ने आखिरी चुनावी रैली में विपक्ष को घेरा
लोगों को संबोधित करने के दौरान उन्होंने प्रचार प्रतिबंध लागू होने से पहले विपक्ष पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष को पश्चिमी देशों से आदेश दिया जा रहा है। यदि उनकी सरकार बनती है तो वे पश्चिमी देशों की इच्छाओं के आगे झुक जाएंगे। 
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विश्लेषकों ने अनुमान लगाया कि राष्ट्रपति की दौड़ में एर्दोगन, मुख्य विपक्षी उम्मीदवार केमाल किलिकदारोग्लु और रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी और छह पार्टी राष्ट्र गठबंधन के लिए उम्मीदवारों के बीच कांटे की टक्कर होने वाली है।

भूकंप से एर्दोगन के गढ़ को हुआ था ज्यादा नुकसान
तुर्किये के उप विदेश मंत्री ने बताया कि विदेशों में रहने वाले तुर्की के लोगों ने 17 अप्रैल को ही मतदान कर दिया था। बताया जा रहा है कि इस साल फरवरी में आए भूकंप में जिन क्षेत्रों को नुकसान पहुंचा था, उनमें से ज्यादा राष्ट्रपति एर्दोगन का गढ़ था। 


राष्ट्रपति की दौड़ में एर्दोगन और किलिकदरोग्लु के अलावा राइट विंग एंसेस्ट्रल अलाइंस के उम्मीदवार सिनान ओगन भी शामिल है। वहीं सेंट्रिस्ट होमलैंड के उम्मीदवार इंस ने बताया कि उनके खिलाफ चलाए गए बदनामी अभियान के बाद उन्होंने इस दौड़ से अपना नाम वापस ले लिया था। वे तुर्की के सोशल मीडिया पर हफ्तो तक झूठे आरोपो का सामना करते रहे। साल 2018 में उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव की रेस में शामिल हुए थे लेकिन एर्दोगन के हाथों उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।  
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