सीरिया पर फिर से बम बरसा सकती है तुर्की सेना, राष्ट्रपति एर्दोगन ने चेतावनी दी
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कुर्द लड़ाकों के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयब एर्दोगन ने फिर से सीरिया में बम बरसाने की धमकी दी है। एर्दोगन ने मंगलवार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर सीरिया से कुर्द लड़ाके तय समयसीमा में नहीं हटते हैं, तो वे फिर से सैन्य कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं।
अमेरिका और तुर्की के बीच हुए समझौते के मुताबिक कुर्द लड़ाकों को 120 घंटे के भीतर यहां से निकल जाने को कहा गया था। यह समयसीमा मंगलवार को खत्म हो रही है। तुर्की की सेना ने बीते दिनों उत्तरी सीरिया में कुर्द नियंत्रित इलाकों में बम बरसाए थे, जिसमें दो दर्जन से ज्यादा लोग मारे गए थे। इसके बाद अमेरिका ने मामले में हस्तक्षेप किया और तुर्की ने कुछ समय के लिए अपना सैन्य अभियान रोक लिया था। एर्दोगन की जल्द ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस संबंध में मुलाकात होगी। सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद को पुतिन का समर्थन मिला हुआ है।
पुतिन से मिलने एर्दोगन पहुंचे रूस
रूस रवाना होने से पहले अंकारा एयरपोर्ट पर उन्होंने कहा कि हमारे पास कुर्द लड़ाकों की मौजूदगी को खत्म करने पर वार्ता करने का मौका है। मंगलवार बाद में एर्दोगन रूस पहुंच गए, जहां उनका स्वागत पुतिन ने किया।
एक भी अमेरिकी जवान सीरिया में नहीं रहेगा : ट्रंप
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खतरनाक होते सीरिया में अपने एक भी सैनिक को छोड़ने की संभावना को खारिज कर दिया है। व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के बाद ट्रंप ने सोमवार को कहा, 'मुझे नहीं लगता कि इसकी जरूरत है। मैं एक भी जवान को वहां छोड़ना नहीं चाहता। वह बहुत ही खतरनाक क्षेत्र है।'
कुर्द लड़ाकों ने सीरिया से मिलाया हाथ
अमेरिका ने कुर्दिश लड़ाकों का साथ छोड़ दिया था। इसके बाद नए समझौते के तहत कुर्द लड़ाकों ने दमास्कस में अपनी शत्रु सीरिया सरकार से हाथ मिला लिया। सीरिया सरकार को रूस का समर्थन है। अमेरिकी सेना के कुर्द इलाकों को छोड़ने के बाद तुर्की के हमलों से बचाव के लिए कुर्द लड़ाकों को यह फैसला करना पड़ा। अब सीरियाई सेना कुर्दों की मदद को तुर्की के खिलाफ जंग में कूद पड़ी है।