फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Trump signed the law against China's atrocities on Uygar Muslims

चीन पर नकेल कसेगा अमेरिका, इस सख्त कानून को ट्रंप ने दी हरी झंडी

Fri, 19 Jun 2020 05:54 AM IST
श्रीधर मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: श्रीधर मिश्रा Updated Fri, 19 Jun 2020 05:54 AM IST
विज्ञापन
Trump signed the law against China's atrocities on Uygar Muslims
फाइल फोटो - फोटो : PTI
अमेरिकी कांग्रेस में पहले ही सर्वसम्मति से पारित हो चुके उइगर मुसलमान मानवाधिकार कानून पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दस्तखत कर दिए हैं। दक्षिण चीन सागर और ताइवान को लेकर चीन से चल रही तनातनी के बीच इस बिल पर ट्रंप के हस्ताक्षर से चीन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। क्योंकि अब चीन में उइगर मुस्लिमों के साथ सामूहिक उत्पीड़न करने वाले अधिकारियों के अमेरिकी प्रवेश पर रोक लग जाएगी।
विज्ञापन


नए कानून के तहत अमेरिकी प्रशासन को उन चीनी अधिकारियों पर कार्रवाई का प्रावधान दिया गया है जो चीन में उइगरों के उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार हैं। बता दें कि चीन सरकार 2016 से ही उइगुर मुसलमानों को गिरफ्तार कर शिविरों में रख रही है, जिन्हें वह वोकेशनल एजुकेशन ट्रेनिंग सेंटर कहता रहा है। जबकि आलोचक इन्हें हिरासत केंद्र कहते हैं। ट्रंप ने विधेयक पर दस्तखत करते हुए कहा, यह कानून मानवाधिकारों के उल्लंघन और अपमानजनक शिविरों का गलत इस्तेमाल करने वाले अधिकारियों को जवाबदेह ठहराएगा। उइगुर और अन्य अल्पसंख्यकों के साथ जबरन श्रम कराने, उन पर निगरानी करने, जातीय पहचान और धार्मिक मान्यताएं खत्म कराने के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई का प्रावधान इस कानून में है। इस कानून के बनने के बाद चीन और अमेरिका के बीच रिश्तों में काफी तनाव पैदा हो जाएगा।
विज्ञापन


जब्त होगी उत्पीड़न करने वाले अधिकारियों की संपत्ति

अमेरिका में राष्ट्रपति की तरफ से दस्तखत किए कानून के मुताबिक उइगर मुस्लिमों के साथ चीन में उत्पीड़न करने वाले चीनी अधिकारियों की संपत्ति जब्त कर ली जाएगी और उनके अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लग जाएगा। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि चीन ने करीब 10 लाख उइगुर और अन्य मुसलमानों को जबरन कैंपों में कैद कर रखा है और उन्हें इस्लाम धर्म से दूर करने की कोशिश की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शुक्रिया, आज महान दिन है : वकील

उइगरों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे वकील नुरी टर्केल ने सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति का शुक्रिया करते हुए लिखा, ‘यह अमेरिका और उइगर लोगों के लिए एक महान दिन है।’ चीन का मानना है कि उइगर मुस्लिम चीन के लिए खतरा हैं। चीन ने इन पर दाढ़ी बढ़ाने और नकाब पहनने के कारण भी कार्रवाई की है और उन्हें अज्ञात जगह पर हिरासत में भेज दिया गया है। अब उन्हें इसकी सजा मिल सकेगी।


चीन ने जताई आपत्ति

चीन ने बृहस्पतिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से हस्ताक्षर किए गए उइगर मानवाधिकार बिल पर कड़ा विरोध जताया है। चीन ने अमेरिका से कहा है कि वह अपनी गलती को तुरंत सुधारे और चीन को नुकसान पहुंचाने के लिए बिल का उपयोग करना बंद करे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed