फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Trump's Former adviser John Bolton surrenders to face charges of sharing classified documents

US: ट्रंप के पूर्व सलाहकार जॉन बोल्टन ने किया आत्मसमर्पण, खुफिया जानकारी साझा करने के आरोप में लगा राजद्रोह

Fri, 17 Oct 2025 07:56 PM IST
राहुल कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: राहुल कुमार Updated Fri, 17 Oct 2025 07:56 PM IST
सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन पर गुप्त दस्तावेजों को अवैध रूप से रखने और साझा करने का आरोप लगा है। अब इस मामले जॉन बोल्टन ने इस मामले में आत्मसमर्पण किया है।
 

विज्ञापन
Trump's Former adviser John Bolton surrenders to face charges of sharing classified documents
पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व सलाहकार और मुखर आलोचक जॉन बोल्टन ने गोपनीय जानकारी के गलत इस्तेमाल के आरोपों में शुक्रवार को मैरीलैंड की अदालत में आत्मसमर्पण किया है। गुरुवार को उन पर राजद्रोह अधिनियम के तहत 18 आरोप लगाए गए थे। आरोप है कि उन्होंने खुफिया ब्रीफिंग और बैठकों से संबंधित नोट समेत संवेदनशील जानकारी पत्नी और बेटी के साथ साझा की थी, जिसका उपयोग वह किताब में करने वाले थे। 

विज्ञापन


बोल्टन ने इन आरोपों को ट्रंप की ओर से सत्ता के दुरुपयोग और राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने का प्रयास बताया है। यह हाल के हफ्तों में ट्रंप के एक प्रमुख आलोचक के खिलाफ तीसरा अभियोग है। बोल्टन के वकील ने कहा है कि उन्होंने कोई भी जानकारी गैरकानूनी रूप से साझा या संग्रहीत नहीं की है। मामले में दोषी पाए जाने पर बोल्टन को 10 साल तक की जेल हो सकती है।
विज्ञापन


हैकरों के हाथ लग गई थी जानकारी
बोल्टन पर 18 आरोपों वाले अभियोग पत्र में यह भी कहा गया है कि ईरान से जुड़े हैकर्स ने बोल्टन के ईमेल अकाउंट को हैक कर गोपनीय सूचनाओं तक पहुंच बनायी। बोल्टन ने 2021 में संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) को अपने ईमेल हैक किए जाने की सूचना दी थी लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया था कि उन्होंने उस अकाउंट से गोपनीय जानकारी साझा की थी जो अब हैकरों के हाथ लग गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह मामला रिपब्लिकन पार्टी के विदेश नीति के विशेषज्ञों में से एक बोल्टन पर केंद्रित है, जो अपनी कठोर विदेश नीति और युद्ध समर्थक रुख के लिए जाने जाते हैं। ट्रंप के पहले कार्यकाल में वह एक साल से अधिक समय तक उनके साथ रहे लेकिन 2019 में उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। बाद में उन्होंने ट्रंप की कड़ी आलोचना करते हुए किताब प्रकाशित की।
 ⁠
पिछले एक महीने में ट्रंप के किसी आलोचक के खिलाफ दर्ज यह तीसरा मामला है। बोल्टन ने बृहस्पतिवार को इन आरोपों से इनकार किया और इसे ट्रंप द्वारा अपने विरोधियों को डराने का प्रयास बताया है। उन्होंने कहा, अब मैं न्याय विभाग के राजनीतिक हथकंडे का नया शिकार बन गया हूं।

अभियोग के अनुसार, 2018 से लेकर अगस्त 2024 तक बोल्टन ने अपने दो परिजनों के साथ 1,000 से अधिक पन्नों की गोपनीय जानकारी साझा की जिनमें अति गोपनीय बैठकों, खुफिया रिपोर्टों और विदेशी नेताओं से बातचीत के विवरण शामिल थे। इन दस्तावेजों में से कुछ में विदेशी दुश्मनों की सैन्य योजनाएं, गुप्त अमेरिकी अभियान और हमलों की जिम्मेदारी से जुड़ी सूचनाएं थीं।


ट्रंप पर विवादित किताब लिखने के बाद खटास में आए रिश्ते
बोल्टन ने ट्रंप के पहले कार्यकाल में 17 महीने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) की भूमिका निभाई थी, लेकिन 2019 में उन्हें हटा दिया गया था। उनके खिलाफ आरोपों का सिलसिला तब और बढ़ गया जब उन्होंने 2020 में अपनी द रूम वेयर इट हैपन्ड (The Room Where it Happened) प्रकाशित की, जिसमें उन्होंने ट्रंप की विदेश नीति के बारे में गंभीर आलोचना की थी। ट्रंप प्रशासन का कहना था कि पुस्तक में संवेदनशील और गुप्त जानकारी शामिल थी, जबकि बोल्टन के वकीलों ने दावा किया कि व्हाइट हाउस की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने इसे प्रकाशन योग्य माना था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed