फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Trump hoped PM Modi would back his Nobel Peace Prize bid took it personally says us academic Terril Jones

US: 'पीएम मोदी ने नोबेल पुरस्कार देने का समर्थन नहीं किया तो ट्रंप इसे दिल पर ले गए', अमेरिकी विशेषज्ञ का दावा

Sat, 06 Sep 2025 11:55 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: नितिन गौतम Updated Sat, 06 Sep 2025 11:55 AM IST
सार

'ट्रंप ने उम्मीद की थी कि पीएम मोदी भी उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करेंगे, लेकिन जब पीएम मोदी ने ऐसा नहीं किया तो ट्रंप इस बात को दिल पर ले गए और इसी के चलते ट्रंप ने भारत पर टैरिफ लगाया।'

विज्ञापन
Trump hoped PM Modi would back his Nobel Peace Prize bid took it personally says us academic Terril Jones
डोनाल्ड ट्रंप, पीएम मोदी - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिका के एक शीर्ष विद्वान ने भारत और अमेरिका के संबंधों में आई खटास की संभावित वजह का कारण बताते हुए कहा कि ट्रंप खुद को वैश्विक शांतिकार दिखाना चाहते हैं और इसी के चलते उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम का श्रेय लेने की कोशिश की, लेकिन जब पीएम मोदी ने इससे इनकार किया और ट्रंप के नाम का नोबेल शांति पुरस्कार के लिए समर्थन नहीं किया तो ट्रंप इस बात को शायद निजी तौर पर ले गए और बुरा मान गए।
विज्ञापन


अमेरिकी शिक्षाविद् ने बताया, ट्रंप ने क्यों लगाया भारत पर टैरिफ
न्यूज एजेंसी  एएनआई के साथ बातचीत में अमेरिकी शिक्षाविद् टेरिल जोंस ने कहा कि 'ट्रंप की रणनीति दो पक्षों में बातचीत के लिए पहले बड़ी-बड़ी शर्तें लगाना और फिर उन्हें बातचीत के लिए मजबूर करना है और अभी भी वे यही कर रहे हैं।' जोंस ने कहा कि 'ट्रंप ने उम्मीद की थी कि पीएम मोदी भी उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करेंगे, लेकिन जब पीएम मोदी ने ऐसा नहीं किया तो ट्रंप इस बात को दिल पर ले गए और इसी के चलते ट्रंप ने भारत पर टैरिफ लगाया।'
विज्ञापन


'वैश्विक नेता बनना चाहते हैं ट्रंप'
प्रोफेसर टैरिल जोंस ने कहा कि 'डोनाल्ड ट्रंप वैश्विक नेता बनना चाहते हैं। न सिर्फ राजनीतिक, आर्थिक तौर पर बल्कि भू-राजनीतिक तौर पर भी। इसलिए उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम का श्रेय लेने में बहुत जल्दबाजी की। जबकि प्रधानमंत्री मोदी से इससे इनकार करते रहे और उन्होंने कहा कि हमें पाकिस्तान से बातचीत के लिए अमेरिका या किसी भी अन्य देश की कोई जरूरत नहीं है। जब ट्रंप चाहते थे कि पीएम मोदी नोबेल शांति पुरस्कार के लिए उनके नाम का समर्थन करें, लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो ट्रंप ने इस बात को निजी तौर पर ले लिया। जब ट्रंप कोई बात निजी तौर पर ले लेते हैं तो वे उस पर प्रतिक्रिया देते हैं और उन्होंने कई मौकों पर कहा भी है कि टैरिफ शब्द इंग्लिश भाषा का सबसे सुंदर शब्द है।'
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- India US Ties: 'तहे दिल से सराहना करते हैं'; 'मैं हमेशा दोस्त रहूंगा' वाले ट्रंप के बयान पर पीएम मोदी का जवाब

अमेरिकी शिक्षाविद् टेरिल जोंस ने ये भी कहा कि 'अमेरिका, यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से बात कर सकता है, अमेरिका रूस से भी बात कर सकता है, लेकिन हो सकता है कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन इस पर ध्यान न दें, लेकिन भारत ऐसा देश है, जो दोनों देशों से बात कर सकता है और दोनों देशों के नेता, भारत की बात को ध्यान से सुनेंगे। ऐसे में अगर कोई बड़ा देश है तो ये देश मध्यस्थता की भूमिका निभा सकते हैं।'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed