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अमेरिका भारत को जीएसपी कार्यक्रम की सूची से करेगा बाहर, होगा भारी नुकसान

Tue, 05 Mar 2019 08:29 AM IST
अजय सिंह वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: अजय सिंह Updated Tue, 05 Mar 2019 08:29 AM IST
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Trump decides to withdraw name of India from GSP program list
donald trump

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ये फैसला लिया है कि वह भारत का नाम उन देशों की सूची से बाहर कर देंगे, जो सामान्य कर-मुक्त प्रावधानों (जीएसपी) कार्यक्रम का लाभ उठा रहे हैं। यह लाभ उन उत्पादों पर उठाया जाता है जिनका निर्यात अमेरिका को किया जाता है। 


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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ये फैसला लिया है कि वह भारत का नाम उन देशों की सूची से बाहर कर देंगे, जो सामान्य कर-मुक्त प्रावधानों (जीएसपी) कार्यक्रम का लाभ उठा रहे हैं। यह लाभ उन उत्पादों पर उठाया जाता है जिनका निर्यात अमेरिका को किया जाता है। 

अमेरिका के कानून के अनुसार ये बदलाव अधिसूचना जारी होने के दो महीने बाद से लागू हो जाएगा। इस सूची में शामिल देशों को विशेष तरजीह दी जाती है। अमेरिका सूची में शामिल देशों से एक तय राशि के आयात पर शुल्क नहीं लेता।



ट्रंप का कहना है कि उन्होंने ये फैसला इसलिए लिया है क्योंकि भारत अब वैधानिक पात्रता मानदंडों का पालन नहीं कर रहा है। जीएसपी प्रोग्राम साल 1970 को शुरू हुआ था, तभी से भारत इसका लाभ उठा रहा है। भारत इसका सबसे बड़ा लाभार्थी रहा है। इस फैसले का भारत पर बहुत बड़ा असर पड़ेगा। यह कार्यक्रम अमेरिका का सबसे बड़ा और अमेरिकी व्यापारिक वरीयता कार्यक्रम (यूएस ट्रेड प्रेफरेंस प्रोग्राम) है।

इसकी सूची में शामिल देशों के हजारों उत्पादों को अमेरिका में कर-मुक्त छूट की अनुमति देकर आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए लाया गया था। ट्रंप का कहना है कि उन्होंने ये फैसला इसलिए लिया है क्योंकि उन्हें भारत से ये आश्वासन नहीं मिल पाया है कि वह अपने बाजार में अमेरिकी उत्पादों को बराबर की छूट देगा। उनका कहना है कि भारत में पाबंदियों की वजह से उसे व्यापारिक नुकसान हो रहा है। भारत जीएसपी के मापदंड पूरे करने में नाकाम रहा है। बीते साल अमेरिका ने अप्रैल में जीएसपी के लिए तय शर्तों की समीक्षा शुरू की थी। 

अमेरिका ने भारत के अलावा तुर्की का नाम भी इस सूची से बाहर कर दिया है। इससे पहले बीते साल ट्रंप ने भारत से आयातित 50 उत्पादों पर शुल्क मुक्त की रियायत खत्म कर दी थी।

एक अधिसूचना जारी कर जीएसपी के अधीन आयात शुल्क से छूट पाने वाले 90 उत्पादों को इस सूची से बाहर करने की जानकारी दी गई थी। सूची में शामिल 50 भारतीय उत्पाद भी आयात पर मिलने वाली कर-मुक्त छूट के दायरे से बाहर हो गए थे।

क्या होगा भारत पर असर?

अमेरिका के जीएसपी कार्यक्रम में शामिल लाभार्थी देशों को उत्पादों पर अमेरिका में कोई आयात शुल्क नहीं देना पड़ता। इस कार्यक्रम के तहत भारत को 5.6 अरब डॉलर (40 हजार करोड़ रुपये) के निर्यात पर छूट मिलती है। कार्यक्रम से बाहर होने के बाद भारत को ये लाभ नहीं मिलेगा।

अमेरिका का जीएसपी कार्यक्रम क्या है ? 

डोनाल्ड ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : PTI

अभी तक भारत जीएसपी के तहत सबसे बड़ा लाभार्थी देश माना जाता था, लेकिन ट्रंप प्रशासन की यह कार्रवाई नई दिल्ली के साथ उसके व्यापार संबंधी मुद्दों पर सख्त रवैये को दिखा रही है। जीएसपी को विभिन्न देशों से आने वाले हजारों उत्पादों को शुल्क मुक्त प्रवेश की अनुमति देकर आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया था। बीते साल जिन उत्पादों की शुल्क मुक्त आयात की रियायत रद्द की गई थी, उनमें भारत के 50 उत्पाद शामिल थे। बता दें कि साल 2017 में जीएसपी के तहत भारत ने अमेरिका को 5.6 अरब डॉलर से अधिक का कर-मुक्त निर्यात किया था।

बीते हफ्ते दी थी धमकी

डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि भारत एक उच्च शुल्क वाला देश है, और अब उन्हें (ट्रंप को) पारस्परिक कर (रैसीप्रोकल कर) चाहिए या फिर कम से कम कोई अन्य कर। वाशिंगटन डीसी के मैरीलैंड में आयोजित कंजर्वेशन पॉलिटिकल एक्शन कॉन्फ्रेंस (सीपीएसी) को संबोधित करते हुए ट्रंप ने ये बात कही। उन्होंने कहा, "भारत एक उच्च शुल्क वाला देश है। वो हमसे बहुत शुल्क लेता है।"

ट्रंप ने कहा था, "जब हम भारत को मोटरसाइकिल भेजते हैं, तो उसपर 100 फीसदी शुल्क होता है। जब भारत हमारे पास मोटरसाइकिल भेजता है तो वे 100 फीसदी शुल्क लेते हैं। लेकिन हम उनसे कोई शुल्क नहीं लेते।" 

उन्होंने कहा, "मैं कहता हूं, साथियों, सुनो, वो हमसे 100 फीसदी वसूल रहे हैं। ठीक उसी उत्पाद के लिए, मैं उनसे 25 फीसदी वसूलना चाहता हूं। मुझे लगता है कि 25 फीसदी भी मूर्खता वाला होगा, ये 100 फीसदी होना चाहिए। लेकिन मैं आपके लिए इसे 25 फीसदी करने जा रहा हूं। मुझे आपका समर्थन चाहिए।"
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