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Report: 'ट्रंप ने यूरोपीय संघ से भारत-चीन पर 100% टैरिफ लगाने की अपील की', अमेरिका के नरम रुख के बीच बड़ा दावा
Wed, 10 Sep 2025 08:14 AM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: बशु जैन
Updated Wed, 10 Sep 2025 08:14 AM IST
सार
एक अमेरिकी अधिकारी और यूरोपीय संघ के एक राजनयिक ने कहा कि ट्रंप ने कॉन्फ्रेस कॉल के जरिये यूरोपीय संघ के दूत डेविड ओ सुलविन से बात की। उन्होंने रूस पर दबाव बनाने के लिए चीन और भारत पर टैरिफ लगाने का अनुरोध किया।
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
- फोटो : ANI
विस्तार
भारत के साथ टैरिफ वार के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर नरम पड़ रहे हैं। एक ओर ट्रंप ने कहा कि वे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत करने के लिए उत्सुक हैं। व्यापार बाधा दूर करने के लिए भारत-अमेरिका के बीच बातचीत जारी है। वहीं दूसरी ओर एक रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि उन्होंने यूरोपीय संघ से कहा है कि रूस पर दबाव बनाने के लिए भारत और चीन पर 100 फीसदी टैरिफ लगाया जाए।
एक अमेरिकी अधिकारी और यूरोपीय संघ के एक राजनयिक ने कहा कि ट्रंप ने कॉन्फ्रेस कॉल के जरिये यूरोपीय संघ के दूत डेविड ओ सुलविन से बात की। उन्होंने रूस पर दबाव बनाने के लिए चीन और भारत पर टैरिफ लगाने का अनुरोध किया। यूरोपीय संघ के राजनयिक ने कहा कि अमेरिका ने संकेत दिया है कि यदि यूरोपीय संघ अमेरिका के अनुरोध पर ध्यान दे तो वह भी इसी प्रकार का शुल्क लगाने को तैयार है। मगर अमेरिका को यूरोपीय संघ के साथ मिलकर यह करना होगा।
यूरोपीय संघ की बदल जाएगी नीति
अगर यूरोपीय संघ ने अमेरिका की अपील पर गौर किया तो उसकी रणनीति में बदलाव आएगा। क्योंकि उसने टैरिफ के बजाय प्रतिबंधों के माध्यम से रूस को अलग-थलग करने की ठानी है।
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ट्रंप ने की पीएम मोदी से बात करने की पेशकश
इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और अमेरिका व्यापार बाधाओं को दूर करने के लिए बातचीत जारी रखे हुए हैं। मैं आने वाले हफ्तों में अपने बहुत अच्छे मित्र, प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत करने के लिए उत्सुक हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे दोनों महान देशों के लिए एक सफल निष्कर्ष पर पहुंचने में कोई कठिनाई नहीं होगी!
पीएम मोदी ने दिया जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नरम पड़ते तेवर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बड़ा बयान सामने आया है। पीएम मोदी ने ट्रंप की बातचीत की पेशकश का जवाब देते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच मजबूत संबंध हैं और वे भी ट्रंप से बातचीत को उत्सुक हैं।पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'भारत और अमेरिका घनिष्ठ मित्र और स्वाभाविक साझेदार हैं। मुझे विश्वास है कि हमारी व्यापार वार्ताएं भारत-अमेरिका साझेदारी की असीम संभावनाओं को उजागर करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी। हमारी टीमें इन चर्चाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए काम कर रही हैं। मैं राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत के लिए भी उत्सुक हूं। हम दोनों देशों के लोगों के लिए एक उज्जवल और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेंगे।
टैरिफ के चलते बिगड़े भारत-अमेरिका के रिश्ते
अमेरिका ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया है। इसके अलावा, रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ लगाया है। इस प्रकार कुल मिलाकर भारत पर 50 फीसदी टैरिफ 27 अगस्त से प्रभावी हो चुका है। ट्रंप द्वारा टैरिफ लगाने के बाद भारत और अमेरिका के रिश्तों में थोड़ी खटास देखी जा रही है। इस टैरिफ विवाद के बीच हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने चीन के तियानजिन में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन में शिरकत की, जहां पीएम मोदी की रूसी राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बेहद गर्मजोशी से मुलाकात हुई, जिसे पूरी दुनिया के मीडिया में कवर किया गया। उसके बाद से ट्रंप अपने देश में ही आलोचनाओं में घिर गए। कई अमेरिकी नेताओं और अधिकारियों ने ट्रंप प्रशासन पर भारत से रिश्ते खराब करने का आरोप लगाया।
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एक अमेरिकी अधिकारी और यूरोपीय संघ के एक राजनयिक ने कहा कि ट्रंप ने कॉन्फ्रेस कॉल के जरिये यूरोपीय संघ के दूत डेविड ओ सुलविन से बात की। उन्होंने रूस पर दबाव बनाने के लिए चीन और भारत पर टैरिफ लगाने का अनुरोध किया। यूरोपीय संघ के राजनयिक ने कहा कि अमेरिका ने संकेत दिया है कि यदि यूरोपीय संघ अमेरिका के अनुरोध पर ध्यान दे तो वह भी इसी प्रकार का शुल्क लगाने को तैयार है। मगर अमेरिका को यूरोपीय संघ के साथ मिलकर यह करना होगा।
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यूरोपीय संघ की बदल जाएगी नीति
अगर यूरोपीय संघ ने अमेरिका की अपील पर गौर किया तो उसकी रणनीति में बदलाव आएगा। क्योंकि उसने टैरिफ के बजाय प्रतिबंधों के माध्यम से रूस को अलग-थलग करने की ठानी है।
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ट्रंप ने की पीएम मोदी से बात करने की पेशकश
इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और अमेरिका व्यापार बाधाओं को दूर करने के लिए बातचीत जारी रखे हुए हैं। मैं आने वाले हफ्तों में अपने बहुत अच्छे मित्र, प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत करने के लिए उत्सुक हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे दोनों महान देशों के लिए एक सफल निष्कर्ष पर पहुंचने में कोई कठिनाई नहीं होगी!
पीएम मोदी ने दिया जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नरम पड़ते तेवर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बड़ा बयान सामने आया है। पीएम मोदी ने ट्रंप की बातचीत की पेशकश का जवाब देते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच मजबूत संबंध हैं और वे भी ट्रंप से बातचीत को उत्सुक हैं।पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'भारत और अमेरिका घनिष्ठ मित्र और स्वाभाविक साझेदार हैं। मुझे विश्वास है कि हमारी व्यापार वार्ताएं भारत-अमेरिका साझेदारी की असीम संभावनाओं को उजागर करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी। हमारी टीमें इन चर्चाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए काम कर रही हैं। मैं राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत के लिए भी उत्सुक हूं। हम दोनों देशों के लोगों के लिए एक उज्जवल और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेंगे।
टैरिफ के चलते बिगड़े भारत-अमेरिका के रिश्ते
अमेरिका ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया है। इसके अलावा, रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ लगाया है। इस प्रकार कुल मिलाकर भारत पर 50 फीसदी टैरिफ 27 अगस्त से प्रभावी हो चुका है। ट्रंप द्वारा टैरिफ लगाने के बाद भारत और अमेरिका के रिश्तों में थोड़ी खटास देखी जा रही है। इस टैरिफ विवाद के बीच हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने चीन के तियानजिन में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन में शिरकत की, जहां पीएम मोदी की रूसी राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बेहद गर्मजोशी से मुलाकात हुई, जिसे पूरी दुनिया के मीडिया में कवर किया गया। उसके बाद से ट्रंप अपने देश में ही आलोचनाओं में घिर गए। कई अमेरिकी नेताओं और अधिकारियों ने ट्रंप प्रशासन पर भारत से रिश्ते खराब करने का आरोप लगाया।
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