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USAID: 10 हजार कर्मियों वाले यूएसएआईडी से 9700 लोगों को नौकरी से निकालने की तैयारी, जानें ट्रंप की पूरी योजना
Fri, 07 Feb 2025 09:38 AM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 07 Feb 2025 09:38 AM IST
सार
USAID: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत विश्वव्यापी मानवीय सहायता एजेंसी यूएसएआईडी के 10,000 में से सिर्फ 294 कर्मचारी रहेंगे। सरकार के इस फैसले के कारण हजारों लोगों की नौकरी खतरे में आ गई है।
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
- फोटो : ANI
विस्तार
ट्रंप प्रशासन ने अंतर्राष्ट्रीय विकास के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका एजेंसी (यूएसएआईडी) में बड़े स्तर पर छंटनी की योजना बनाई गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने फैसला लिया है कि इस एजेंसी के 10,000 से ज्यादा कर्मचारियों में से केवल 294 लोगों की नौकरी रहेगी। जानकारी के मुताबिक, सिर्फ अफ्रीका और एशिया ब्यूरों में बेहद ही कम कर्मचारी बचेंगे। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले के बाद अफ्रीका ब्यूरो में सिर्फ 12 लोग और एशिया ब्यूरो में सिर्फ आठ कर्मचारी रह जाएंगे। यह योजना एलन मस्क के नेतृत्व में सरकार के पुनर्गठन कार्यक्रम का हिस्सा है।
'यह एजेंसी को खत्म करने जैसा है'
वहीं पूर्व यूएसएआईडी प्रमुख जे. ब्रायन एटवुड ने ट्रंप प्रशासन के इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों को हटाने सेदुनिया भर में लाखों लोगों की जान को खतरा हो सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सैकड़ों कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की नौकरी जा चुकी है और कई जीवन-रक्षक योजनाएं रुकी हुई हैं। सरकार ने मंगलवार को घोषणा की थी कि सभी कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया जाएगा और विदेशों में तैनात हजारों कर्मियों को वापस बुला लिया जाएगा।
यूएसआईडी को लेकर क्या है ट्रंप की योजना
जानकारी के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन की योजना यूएसएआईडी को स्टेट डिपार्टमेंट में मिलाने की है, जिसे अब मार्को रुबियो चला रहे हैं। हालांकि, यह विलय तभी संभव होगा जब अमेरिकी संसद (कांग्रेस) इसे मंजूरी देगी। ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से 130 देशों को मिलने वाली मदद पर असर पड़ेगा, यूएसआईडी हर साल करीब $40 बिलियन (40 अरब डॉलर) की सहायता वितरित करता है। इसमें यूक्रेन, इथियोपिया, जॉर्डन, कांगो, सोमालिया, यमन और अफगानिस्तान जैसे संघर्ष-ग्रस्त देशों को इससे बड़ी मदद मिलती थी। अब इन देशों की आर्थिक और मानवीय सहायता पर गंभीर असर पड़ सकता है
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नौकरी से निकालने की प्रक्रिया शुरू
सूत्रों के अनुसार, कुछ कर्मचारियों को टर्मिनेशन नोटिस मिल चुके हैं। यूएसआईडी की वेबसाइट के मुताबिक, 7 फरवरी की रात 12 बजे से सभी कर्मचारी प्रशासनिक अवकाश पर रहेंगे, सिर्फ कुछ गिने-चुने लोग ही अपने पदों पर बने रहेंगे।
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'यह एजेंसी को खत्म करने जैसा है'
वहीं पूर्व यूएसएआईडी प्रमुख जे. ब्रायन एटवुड ने ट्रंप प्रशासन के इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों को हटाने सेदुनिया भर में लाखों लोगों की जान को खतरा हो सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सैकड़ों कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की नौकरी जा चुकी है और कई जीवन-रक्षक योजनाएं रुकी हुई हैं। सरकार ने मंगलवार को घोषणा की थी कि सभी कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया जाएगा और विदेशों में तैनात हजारों कर्मियों को वापस बुला लिया जाएगा।
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यूएसआईडी को लेकर क्या है ट्रंप की योजना
जानकारी के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन की योजना यूएसएआईडी को स्टेट डिपार्टमेंट में मिलाने की है, जिसे अब मार्को रुबियो चला रहे हैं। हालांकि, यह विलय तभी संभव होगा जब अमेरिकी संसद (कांग्रेस) इसे मंजूरी देगी। ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से 130 देशों को मिलने वाली मदद पर असर पड़ेगा, यूएसआईडी हर साल करीब $40 बिलियन (40 अरब डॉलर) की सहायता वितरित करता है। इसमें यूक्रेन, इथियोपिया, जॉर्डन, कांगो, सोमालिया, यमन और अफगानिस्तान जैसे संघर्ष-ग्रस्त देशों को इससे बड़ी मदद मिलती थी। अब इन देशों की आर्थिक और मानवीय सहायता पर गंभीर असर पड़ सकता है
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नौकरी से निकालने की प्रक्रिया शुरू
सूत्रों के अनुसार, कुछ कर्मचारियों को टर्मिनेशन नोटिस मिल चुके हैं। यूएसआईडी की वेबसाइट के मुताबिक, 7 फरवरी की रात 12 बजे से सभी कर्मचारी प्रशासनिक अवकाश पर रहेंगे, सिर्फ कुछ गिने-चुने लोग ही अपने पदों पर बने रहेंगे।