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ट्रंप प्रशासन का बड़ा फैसला: ओबामा की क्लाइमेट पॉलिसी को करेगा रद्द, अमेरिका में बढ़ी हलचल
Wed, 11 Feb 2026 08:59 PM IST
राहुल कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
Published by: राहुल कुमार
Updated Wed, 11 Feb 2026 08:59 PM IST
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : IANS
'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' की बात करने वाले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर्यावरण संबंधी चुनौतियों को भी दरकिनार करने से पिछड़ नहीं रहे हैं। ट्रंप प्रशासन ने ऐलान किया है कि वह इस सप्ताह एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 2009 में स्थापित ‘एंडेंजर्मेंट फाइंडिंग’ को रद्द करने जा रहा है, जो दशकों से अमेरिकी क्लाइमेट नियमों का मूल कानूनी आधार रहा है।
2009 का यह वैज्ञानिक निर्णय, जिसे 'एंडेंजर्मेंट फाइंडिंग' कहा जाता है, इस बात का औपचारिक सरकारी निर्धारण था कि कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ2) और अन्य ग्रीनहाउस गैसें सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामान्य कल्याण के लिए खतरा हैं। इसी आधार पर पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (ईपीए) को यह अधिकार मिला कि वह क्लीन एयर एक्ट के तहत वाहनों, उद्योगों और पावर प्लांटों के लिए उत्सर्जन-नियमन और ग्रीनहाउस गैस नियंत्रण नियम बनाए।
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इस फाइंडिंग को हटाने से व्यवसायों और आम जनता पर नियमों के आर्थिक बोझ में राहत मिलेगी और ऊर्जा-उत्पादन को मुक्त कर अमेरिकी ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।
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व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने इसे “इतिहास की सबसे बड़ी डिरेगुलेटरी (नियम हटाने वाली) कार्रवाई” बताया है, जिसका उद्देश्य “अमेरिकी ऊर्जा प्रभुत्व” को मजबूत करना है और ये अमेरिकियों को 1.3 ट्रिलियन डॉलर की रेगुलेटरी लागत से बचाएगा।
वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। नेशनल रिसोर्सेस डिफेंस काउंसिल के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि एंडेंजर्मेंट फाइंडिंग को रद्द करने से गैर-प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते जोखिमों का सामना करने वाले लाखों अमेरिकियों के लिए परिणाम “विनाशकारी” हो सकते हैं।
ट्रंप की इस घोषणा के आलोचक मानते हैं कि यह निर्णय केवल एक नियम को बदलने जैसा नहीं है बल्कि पूरे अमेरिकी जलवायु नियमों की नींव को ही कमजोर करता है, क्योंकि इससे वह कानूनी आधार मिट जाएगा जिस पर कई उत्सर्जन मानक और पर्यावरण नियम आधारित हैं। इसका असर वाहन उत्सर्जन, औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण और पावर प्लांटों के नियमों पर भी पड़ेगा। कई पर्यावरण समूह इस बदलाव को इतिहास में सबसे बड़े हमलों में से एक बताते हुए संभावित कानूनी चुनौतियों की चेतावनी दे रहे हैं।
ट्रंप प्रशासन का यह निर्णय ओबामा-युग के नियामक विज्ञान-आधारित दृष्टिकोण को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो अमेरिका की जलवायु कार्रवाई की दिशा और लंबी अवधि की योजनाओं को पुनः परिभाषित कर सकता है।
इनपुट: आईएएनएस
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2009 का यह वैज्ञानिक निर्णय, जिसे 'एंडेंजर्मेंट फाइंडिंग' कहा जाता है, इस बात का औपचारिक सरकारी निर्धारण था कि कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ2) और अन्य ग्रीनहाउस गैसें सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामान्य कल्याण के लिए खतरा हैं। इसी आधार पर पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (ईपीए) को यह अधिकार मिला कि वह क्लीन एयर एक्ट के तहत वाहनों, उद्योगों और पावर प्लांटों के लिए उत्सर्जन-नियमन और ग्रीनहाउस गैस नियंत्रण नियम बनाए।
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ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इस फाइंडिंग को हटाने से व्यवसायों और आम जनता पर नियमों के आर्थिक बोझ में राहत मिलेगी और ऊर्जा-उत्पादन को मुक्त कर अमेरिकी ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।
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व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने इसे “इतिहास की सबसे बड़ी डिरेगुलेटरी (नियम हटाने वाली) कार्रवाई” बताया है, जिसका उद्देश्य “अमेरिकी ऊर्जा प्रभुत्व” को मजबूत करना है और ये अमेरिकियों को 1.3 ट्रिलियन डॉलर की रेगुलेटरी लागत से बचाएगा।
वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। नेशनल रिसोर्सेस डिफेंस काउंसिल के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि एंडेंजर्मेंट फाइंडिंग को रद्द करने से गैर-प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते जोखिमों का सामना करने वाले लाखों अमेरिकियों के लिए परिणाम “विनाशकारी” हो सकते हैं।
ट्रंप की इस घोषणा के आलोचक मानते हैं कि यह निर्णय केवल एक नियम को बदलने जैसा नहीं है बल्कि पूरे अमेरिकी जलवायु नियमों की नींव को ही कमजोर करता है, क्योंकि इससे वह कानूनी आधार मिट जाएगा जिस पर कई उत्सर्जन मानक और पर्यावरण नियम आधारित हैं। इसका असर वाहन उत्सर्जन, औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण और पावर प्लांटों के नियमों पर भी पड़ेगा। कई पर्यावरण समूह इस बदलाव को इतिहास में सबसे बड़े हमलों में से एक बताते हुए संभावित कानूनी चुनौतियों की चेतावनी दे रहे हैं।
ट्रंप प्रशासन का यह निर्णय ओबामा-युग के नियामक विज्ञान-आधारित दृष्टिकोण को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो अमेरिका की जलवायु कार्रवाई की दिशा और लंबी अवधि की योजनाओं को पुनः परिभाषित कर सकता है।
इनपुट: आईएएनएस