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UK: तिहाड़ जेल में बंद ब्रिटिश सिख ने यातना देने का किया दावा, सरकार ने कहा- यूके कोर्ट स्वीकार नहीं करे
Thu, 16 Mar 2023 12:42 AM IST
देव कश्यप
पीटीआई, लंदन।
पीटीआई, लंदन।
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 16 Mar 2023 12:42 AM IST
सार
स्काटलैंड के डमबर्टन में रहने वाले 36 वर्षीय जगतार सिंह जोहल को 2017 में गिरफ्तार किया गया था। उस समय वह पंजाब में अपनी शादी के लिए आया हुआ था और वर्तमान में वह नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। ब्रिटिश मानवाधिकार संगठन रेप्राइव जोहल के कानूनी दावे का समर्थन कर रहा है।
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जगतार सिंह जोहल।
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
भारतीय मूल के एक ब्रिटिश सिख व्यक्ति ने भारतीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन ब्रिटिश सरकार ने उसके आरोपों को स्वीकार नहीं किया है। ब्रिटेन सरकार ने लंदन में उच्च न्यायालय को बताया कि एक ब्रिटिश सिख व्यक्ति का आरोप है कि हत्या के आरोप में हिरासत में रहने के दौरान उसे भारतीय पुलिस द्वारा प्रताड़ित किया गया था, जिस पर गुप्त रूप से ब्रिटेन में सुनवाई होनी है, इसे कानूनी चुनौती के हिस्से के रूप में स्वीकार नहीं किया जाए।
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स्काटलैंड के डमबर्टन में रहने वाले 36 वर्षीय जगतार सिंह जोहल को 2017 में गिरफ्तार किया गया था। उस समय वह पंजाब में अपनी शादी के लिए आया हुआ था और वर्तमान में वह नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। ब्रिटेन का एक मानवाधिकार संगठन रेप्राइव जोहल के कानूनी दावे का समर्थन कर रहा है। रेप्राइव का कहना है कि हो सकता है कि ब्रिटिश एजेंसियां एम 15 और एम 16 ने भारतीय अधिकारियों के साथ खुफिया जानकारी साझा करके उसे गिरफ्तार कराया हो और उसकी हिरासत और यातना में योगदान दिया हो।
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इस सप्ताह अदालत में बीबीसी द्वारा कागजात देखे जाने के बाद सरकार के वकीलों ने कहा कि संदेह से बचने के लिए, पंजाब पुलिस द्वारा यातना या अमानवीय या अपमानजनक बर्ताव के आरोपों को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि यूके सरकार जोहल को हुई किसी भी व्यक्तिगत चोट, नुकसान या क्षति के लिए कानूनी जिम्मेदारी में योगदान देने से इनकार करती है।जोहल को हिरासत में लिए जाने के बाद ब्रिटिश उच्चायोग के कांसुलर कर्मचारियों द्वारा दौरा किए जाने के दौरान बिल्कुल ठीक था और उसके शरीर पर चोट के कोई निशान दिखाई नहीं दिए थे।
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जोहल के परिवार और कानूनी प्रतिनिधियों का दावा है कि यह सफाई उनके मामले में ब्रिटेन सरकार के अधिकारियों द्वारा दिए गए सार्वजनिक और अन्य बयानों से अलग है, और उस सामग्री को चुनिंदा रूप से उद्धृत किया गया है। लेघ डे सॉलिसिटर और रेप्राइव के जोहल के वकील इस मामले से निपटने के लिए ब्रिटिश सरकार से अदालत में माफी मांगने की मांग कर रहे हैं।
एक बयान में विदेश कार्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि ब्रिटेन सरकार के खिलाफ जोहल द्वारा लगाया गया आरोप चल रही अदालती कार्यवाही का विषय है और इस पर किसी तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। लंदन में उच्च न्यायालय में गुप्त रूप से सुनवाई की तिथि अभी निर्धारित की जानी है।
पिछले कुछ वर्षों में जोहल की गिरफ्तारी और हिरासत का मुद्दा ब्रिटेन की संसद में भी उठाया गया है। हाल ही में जनवरी के अंत में जब विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ) के संसदीय अवर सचिव ने सांसदों को बताया था कि यह मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ उनके ब्रिटिश समकक्षों द्वारा बैठकों के दौरान उठाया गया था। एफसीडीओ मंत्री लियो डोचर्टी ने 19 जनवरी को हाउस ऑफ कॉमन्स में बहस के दौरान कहा था कि मैं सदस्यों को आश्वस्त करता हूं कि हम जोहल और उनके परिवार का समर्थन करने के लिए उच्चतम स्तर पर जो कर सकते हैं वह कर रहे हैं, और हम ऐसा करना जारी रखेंगे। हम इस लंबे और जटिल मामले का समाधान चाहते हैं।
उन्होंने कहा, वह कई आरोपों का सामना कर रहा है। उनमें से कुछ में ट्रायल शुरू हो गया है। हमारे कांसुलर कर्मचारी पूरी प्रक्रिया के दौरान घटनाक्रम की बारीकी से निगरानी करते रहेंगे। जोहल पर भारत में हत्या की साजिश सहित नौ आरोप हैं, जिसमें मौत की सजा का प्रावधान है।
जोहल पर RSS नेता समेत कई नेताओं की हत्या में शामिल होने का आरोप
जगतार सिंह जोहल दक्षिणपंथी हिंदू नेताओं के टारगेट किलिंग में शामिल होने के आरोप में भारतीय जेल में कैद है। जगतार सिंह जोहल पर आरएसएस नेता ब्रिगेडियर, जगदीश गगनेजा समेत कई और नेताओं के टारगेट किलिंग में शामिल होने का आरोप लगा था।