{"_id":"6117783b8ebc3edf8b5597bd","slug":"tone-changed-nepalese-prime-minister-deuba-said-india-first-for-us","type":"story","status":"publish","title_hn":"बदल गए सुर: चीन को करारा झटका, नेपाली प्रधानमंत्री देउबा बोले- हमारे लिए भारत पहले","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
बदल गए सुर: चीन को करारा झटका, नेपाली प्रधानमंत्री देउबा बोले- हमारे लिए भारत पहले
Sat, 14 Aug 2021 01:30 PM IST
Trainee Trainee
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
Published by: Trainee Trainee
Updated Sat, 14 Aug 2021 01:30 PM IST
सार
नेपाल में सरकार बदलते ही भारत के प्रति उसके सुर भी बदलने लगे हैं। नेपाली कांग्रेस पार्टी से पीएम बने शेर बहादुर देउबा ने भारत को सबसे अच्छा पड़ोसी बताया है।
विज्ञापन
भारत-नेपाल
- फोटो : iStock
विस्तार
नेपाल में सरकार बदलते ही भारत के प्रति उसके सुर भी बदलने लगे हैं। नेपाली कांग्रेस पार्टी से पीएम बने शेर बहादुर देउबा ने भारत को सबसे अच्छा पड़ोसी बताया है। उन्हें 13 अगस्त को ही प्रधानमंत्री बनें एक महीना पूरा हुआ है। इससे पहले नेपाल के प्रधानमंत्री रहे केपी शर्मा ओली के कार्यकाल में भारत और नेपाल के रिश्ते में कड़वाहट आ गई थी। दरअसल, नेपाल ने पिछले साल लिम्पियाधुरा-कालापानी-लिपुलेख इलाके को अपने मानचित्र में दिखाया था। लेकिन, शेह बहादुर देउबा ने इस मसले को बातचीत के जरिए सुलझाने पर जोर दिया है।
विज्ञापन
नेपाल के लिए भारत 'स्पेशल'
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल के पूर्व वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि नेपाल के लिए पड़ोसी राज्य पहले हैं और वह पड़ोसी पहले के सिद्धांत पर काम करता रहेगा। उन्होंने कहा कि चीन हमारा अच्छा पड़ोसी देश है। लेकिन, नेपाल के लिए भारत हमेशा से स्पेशल रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम देउबा को मसलों को बहुत बेहतर तरीके से हल करना होगा। क्योंकि, वह नाजुक गठबंधन की सरकार चला रहे हैं।
विज्ञापन
भारत ने हमेशा किया नेपाल का सहयोग
नेपाल ने कहा है कि भारत के लिए नेपाल रणनीतिक महत्व रखता है। बीजेपी प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने बताया कि भारत सरकार नेपाल के साथ द्विपक्षीय संबंधो को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत, नेपाल में स्वास्थ्य, जल संसाधन, इंफ्रास्ट्रक्चर, सामुदायिक विकास पर जमीनी स्तर पर काम कर रहा है।
विज्ञापन
कोरोना के बाद नेपाल को आर्थिक तौर से भारत के साथ की जरूरत है। नेपाली सरकार ने पहले से ही चीनी सरकारी मीडिया से कहना शुरू कर दिया था कि नेपाल का रुख भारत की तरह रहेगा।