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एक परिवार को मिले देश निकाला रोकने के लिए 1400 घंटे से चल रही है प्रार्थना, चमत्कार का है इंतजार

Thu, 27 Dec 2018 01:28 PM IST
पूजा मेहरोत्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: पूजा मेहरोत्रा Updated Thu, 27 Dec 2018 01:28 PM IST
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To prevent family being deported Dutch church clocks up 1400 hours
Prayer in chruch

नीदरलैंड के एक चर्च में पिछले 1400 घंटे से अधिक समय से एक परिवार को देश निकाला से बचाने के लिए प्रार्थना चल रही है। खबरों के मुताबिक 26 अक्तूबर से यहां की एक चर्च में लगातार लोग प्रार्थना कर रहे हैं। मकसद है- एक आर्मेनियाई परिवार का देश निकाला से रोकना।

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स्थानीय मीडिया के अनुसार इस परिवार के हो रहे देश निकाला से बचाने के लिए क्रिसमस के मौके पर चर्च में प्रवेश पर लोगों को टिकट जारी किया गया।

डच कानून के अनुसार प्रार्थना के दौरान पुलिस अफसर चर्च में प्रवेश नहीं कर सकते हैं, इस परिवार को बचाने के लिए चर्च के पादरियों ने इस परिवार को चर्च में रहने की अनुमति दे दी। अर्मेनिया परिवार को बचाने के लिए बीते 62 दिन से 100 से अधिक पादरी और वॉलंटियर प्रार्थना कराने में लगे हुए हैं।
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बेथल चर्च के एक्सेल विके ने बताया- प्रार्थनाएं तीर्थयात्रा की तरह होती हैं जिससे प्रभु खुश होकर आपकी मुराद पूरी कर देते हैं। क्रिसमस ईव और क्रिसमस के दिन सबसे अधिक लोग प्रार्थना करने के लिए जुटते हैं। और ऐसा माना जा रहा है कि प्रभु उनकी सुन लेंगे और इस परिवार को नीदरलैंड में रहने की अनुमति मिल जाएगी। 
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बता दें कि पिछले नौ सालों से एक आर्मेनियाई परिवार नीदरलैंड में रह रहा है। मामले ने तब तूल पकड़ा जब डच सरकार ने इस रिफ्यूजी परिवार की रहने की अवधि को खत्म कर दिया जिसके बाद नीदरलैंड के लोग एकजुट होकर सरकार से उन्हें रोकने की गुजारिश करने लगे। पिछले सप्ताह चर्च ने जारी बयान में कहा कि गृह मंत्री द्वारा यह संदेश हमारे लिए निराशाजनक है। इस परिवार को देश से निकाले जाने से रोकने के लिए चर्च लगातार प्रार्थना कर रहा है।


पांच लोगों के इस परिवार की 21 साल की लड़की हयार्पी ने ट्वीटर पर कुछ फोटो शेयर करते हुए लिखा है कि यह मुझे और मेरे परिवार को मजबूती दे रहा है। उसने समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान कहा कि उसे नहीं पता कि उसके परिवार को अनुमति मिलने वाली है या नहीं। वह उसका भाई, बहन सभी नीदरलैंड में ही पले बढ़े हैं और पिछले नौ साल से यहां रह रहे हैं। चर्च में चल रही प्रार्थना से उन्हें किसी चमत्कार होने की उम्मीद है। 

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