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Pakistan: पाकिस्तान में लकड़ी घोटाले का पर्दाफाश, 1.7 अरब का किया गबन; 140 अधिकारी फंसे
Tue, 02 Sep 2025 06:22 AM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: बशु जैन
Updated Tue, 02 Sep 2025 06:22 AM IST
सार
पेशावर में वानिकी योजना और निगरानी सर्कल (एफपी एंड एमसी) ने वुडलॉट्स, अनुमोदित कार्य योजनाओं, एफडीएफ योजनाओं, सूखे खड़े और हवा से गिरे पेड़ों पर 2003 की नीति के साथ-साथ अवैध लकड़ी काटने की नीति की समीक्षा की। इसमें लकड़ी घोटाला उजागर हुआ।
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घोटाला। सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में 1.7 अरब पाकिस्तानी रुपये के बड़े लकड़ी घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। जिसमें लगभग 2.3 मिलियन क्यूबिक फीट अवैध रूप से काटी गई लकड़ी जब्त की गई। इस घोटाले में 140 अधिकारी फंसे हैं। इनको कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही इनके खिलाफ चार्जशीट तैयार की जा रही है। राज्य सरकार ने आगे की कार्रवाई के लिए कुछ मामलों को पाकिस्तान के राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) और भ्रष्टाचार निरोधक विभाग को भी भेज दिया है।
पेशावर में वानिकी योजना और निगरानी सर्कल (एफपी एंड एमसी) ने बताया कि जब्त की गई लकड़ी मुख्य रूप से बट्टाग्राम के अल्लाई तहसील और क्षेत्र के अन्य इलाकों से बरामद की गई थी। यह जांच राज्य मंत्रिमंडल के निर्देशों के तहत की गई। इसमें वुडलॉट्स, अनुमोदित कार्य योजनाओं, एफडीएफ योजनाओं, सूखे खड़े और हवा से गिरे पेड़ों पर 2003 की नीति के साथ-साथ अवैध लकड़ी काटने की नीति की समीक्षा की गई।
टीम ने 370 मामलों की जांच की। इसमें 168 (45.4 प्रतिशत) में नियमों का अनुपालन पाया गया। 91 (24.6 प्रतिशत) में मामूली समस्याएं थीं और 111 (30 प्रतिशत) में बड़े उल्लंघन सामने आए। जांच के दौरान 4.39 मिलियन क्यूबिक फीट लकड़ी को साफ किया गया। जबकि 1.545 मिलियन क्यूबिक फीट लकड़ी को मामूली दोषों के सुधार के बाद मंजूरी दी गई। वहीं गंभीर उल्लंघनों के कारण 2.361 मिलियन क्यूबिक फीट लकड़ी को जब्त किया गया।
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सबसे ज्यादा अनियमितताएं वुडलॉट्स में देखी गईं। जबकि सूखे, खड़े और हवा से गिरे पेड़ों की श्रेणी में 76 मामलों में से 22 में बड़े उल्लंघन शामिल थे। एफडीएफ योजनाओं में 36 मामलों में कोई बड़ी विसंगतियां नहीं थीं और अवैध लकड़ी कटान नीति के तहत केवल एक मामूली उल्लंघन पाया गया था।
रिपोर्ट में बताया गया है कि जब्त की गई लकड़ी के मामलों में अधिकारियों ने अंकन मानकों की उपेक्षा की। अनुमोदित कार्य योजनाओं का पालन नहीं किया और अवैध कटाई कराई। मामले में वन विभाग ने दक्षता और अनुशासन नियम 2011 के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की है। इसमें 140 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ आरोप पत्र तैयार किए जा रहे हैं। अस्पष्ट कारणों से लकड़ी के अंकन और कटाई की निगरानी तीन साल के लिए रोक दी गई थी।
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पेशावर में वानिकी योजना और निगरानी सर्कल (एफपी एंड एमसी) ने बताया कि जब्त की गई लकड़ी मुख्य रूप से बट्टाग्राम के अल्लाई तहसील और क्षेत्र के अन्य इलाकों से बरामद की गई थी। यह जांच राज्य मंत्रिमंडल के निर्देशों के तहत की गई। इसमें वुडलॉट्स, अनुमोदित कार्य योजनाओं, एफडीएफ योजनाओं, सूखे खड़े और हवा से गिरे पेड़ों पर 2003 की नीति के साथ-साथ अवैध लकड़ी काटने की नीति की समीक्षा की गई।
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टीम ने 370 मामलों की जांच की। इसमें 168 (45.4 प्रतिशत) में नियमों का अनुपालन पाया गया। 91 (24.6 प्रतिशत) में मामूली समस्याएं थीं और 111 (30 प्रतिशत) में बड़े उल्लंघन सामने आए। जांच के दौरान 4.39 मिलियन क्यूबिक फीट लकड़ी को साफ किया गया। जबकि 1.545 मिलियन क्यूबिक फीट लकड़ी को मामूली दोषों के सुधार के बाद मंजूरी दी गई। वहीं गंभीर उल्लंघनों के कारण 2.361 मिलियन क्यूबिक फीट लकड़ी को जब्त किया गया।
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सबसे ज्यादा अनियमितताएं वुडलॉट्स में देखी गईं। जबकि सूखे, खड़े और हवा से गिरे पेड़ों की श्रेणी में 76 मामलों में से 22 में बड़े उल्लंघन शामिल थे। एफडीएफ योजनाओं में 36 मामलों में कोई बड़ी विसंगतियां नहीं थीं और अवैध लकड़ी कटान नीति के तहत केवल एक मामूली उल्लंघन पाया गया था।
रिपोर्ट में बताया गया है कि जब्त की गई लकड़ी के मामलों में अधिकारियों ने अंकन मानकों की उपेक्षा की। अनुमोदित कार्य योजनाओं का पालन नहीं किया और अवैध कटाई कराई। मामले में वन विभाग ने दक्षता और अनुशासन नियम 2011 के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की है। इसमें 140 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ आरोप पत्र तैयार किए जा रहे हैं। अस्पष्ट कारणों से लकड़ी के अंकन और कटाई की निगरानी तीन साल के लिए रोक दी गई थी।