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Australia: स्टेम सुपरस्टार बनीं तीन भारतवंशी, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग व गणित के 60 वैज्ञानिकों में बनाई जगह
Thu, 01 Dec 2022 06:33 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, मेलबर्न।
एजेंसी, मेलबर्न।
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 01 Dec 2022 06:33 AM IST
सार
ऑस्ट्रेलिया के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (एसटीए) ऐसी पहल है, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिकों के बारे में समाज की लैंगिक धारणाओं को तोड़ना है। एसटीए 1,05,000 वैज्ञानिकों-प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़े लोगों का प्रतिनिधित्व करता है।
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ऑस्ट्रेलिया: स्टेम सुपरस्टार बनीं तीन भारतवंशी (डॉ एना, नीलिमा और डॉ. इंद्राणी)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारतीय मूल की तीन महिलाओं को ऑस्ट्रेलिया की स्टेम (एसटीईएम) सुपरस्टार के तौर पर चुना गया है। उन्होंने 60 वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकीविदों, इंजीनियरों और गणितज्ञों में अपनी जगह बनाई है। नीलिमा कडियाला, डॉ. एना बाबूरमानी और डॉ. इंद्राणी मुखर्जी ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) के 60 शीर्ष वैज्ञानिकों की सूची में अपनी जगह बनाई है।
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श्रीलंकाई मूल की महिला वैज्ञानिकों को भी इस सम्मान के लिए चुना गया है। मीडिया रिपोर्ट में बुधवार को यह जानकारी दी गई। ऑस्ट्रेलिया के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (एसटीए) ऐसी पहल है, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिकों के बारे में समाज की लैंगिक धारणाओं को तोड़ना है। एसटीए 1,05,000 वैज्ञानिकों-प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़े लोगों का प्रतिनिधित्व करता है।
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नीलिमा कडियाला: चैलेंजर लिमिटेड में एक आईटी प्रोग्राम मैनेजर हैं। उन्हें वित्तीय सेवाओं, सरकार और एफएमसीजी सहित कई उद्योगों में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। रिपोर्ट के मुताबिक, वह सूचना प्रणाली में मास्टर ऑफ बिजनेस के लिए 2003 में ऑस्ट्रेलिया चली गई थी।
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डॉ. एना बाबूरमानी: रक्षा विभाग विज्ञान और प्रौद्योगिकी समूह में एक वैज्ञानिक सलाहकार हैं। वह मस्तिष्क के बढ़ने और उसके काम करने से संबंधित विषयों पर काम करती हैं। उन्होंने मोनाश विश्वविद्यालय से पीएचडी की है। इसके बाद यूरोप में पोस्ट-डॉक्टरेट शोधकर्ता के रूप में 10 वर्षों तक काम किया है।
डॉ. इंद्राणी मुखर्जी: तस्मानिया विश्वविद्यालय में भूविज्ञानी हैं। जैविक संक्रमण से जुड़े विषयों पर अध्ययन कर रही है। वह भूविज्ञान संचार और तस्मानिया में एक पोस्टडॉक्टरल शोधकर्ता के रूप में काम करती हैं।