फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   thousands of people fled due to increasing threat of Taliban in Afghanistan

बिगड़े हालात: अफगानिस्तान में बढ़ा तालिबान का खतरा, हजारों लोग पलायन को हुए मजबूर

Wed, 14 Jul 2021 03:09 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, कैंप इस्तिकलाल।
एजेंसी, कैंप इस्तिकलाल। Published by: Jeet Kumar Updated Wed, 14 Jul 2021 03:09 AM IST
सार

शरणार्थी शिविर में रहने वाली 11 या 12 साल की सकीना ने बताया कि उसके बल्ख प्रांत स्थित अब्दुलगन गांव पर तालिबान ने कब्जा कर लिया है। तालिबान द्वारा स्थानीय स्कूल को खाक करने के बाद उसने परिवार समेत घर छोड़ दिया।
 

विज्ञापन
thousands of people fled due to increasing threat of Taliban in Afghanistan
तालिबान - फोटो : पीटीआई

विस्तार

उत्तरी अफगानिस्तान में तालिबान की सक्रियता बढ़ने के कारण हजारों लोग अपने घरों से पलायन को मजबूर हो गए हैं। देश के उत्तरी हिस्से में स्थित मजार-ए-शरीफ में एक चट्टान पर बने एक अस्थायी शिविर में ऐसे करीब 50 मजबूर परिवार रह रहे हैं। वे प्लास्टिक के टेंट में चिलचिलाती गर्मी में रहते हैं, जहां दोपहर में पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है।

विज्ञापन


सरकार के शरणार्थी एवं प्रत्यावर्तन मंत्रालय के अनुसार, तालिबान की गतिविधियों के बढ़ने के कारण पिछले 15 दिन में 56,000 से अधिक परिवार अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं, जिनमें से अधिकतर देश के उत्तरी हिस्से से हैं।
विज्ञापन


मजार-ए-शरीफ में बने अस्थायी शिविर के आसपास एक भी पेड़ नहीं है और पूरे शिविर के लिए केवल एक शौचालय है। वह एक गंदा सा तंबू है, जिसमें से काफी दुर्गंध आती है। कैंप इस्तिकलाल में एक के बाद एक परिवार ने तालिबानी कमांडर द्वारा भारी-भरकम हथकंडे अपनाने की बात बताई, जिन्होंने उनके कस्बों तथा गांवों पर कब्जा कर लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इनमें से अधिकतर लोग जातीय अल्पसंख्यक समुदाय ‘हजारा’ से नाता रखते हैं। तालिबान की इन हरकतों से उसके उस वादे के संदर्भ में सवाल खड़े हो गए हैं, जिसमें उसने कहा था कि वे अतीत के अपने कठोर शासन को नहीं दोहराएगा।

रातों रात घर छोड़कर बच्चों समेत भागे लोग
शरणार्थी शिविर में रहने वाली 11 या 12 साल की सकीना ने बताया कि उसके बल्ख प्रांत स्थित अब्दुलगन गांव पर तालिबान ने कब्जा कर लिया है। तालिबान द्वारा स्थानीय स्कूल को खाक करने के बाद उसने परिवार समेत घर छोड़ दिया।

सकीना ने बताया कि आधी रात उसका परिवार सामान उठाकर गांव से भाग निकला। इंजीनियर बनने का सपना देखने वाली सकीना को शिविर में कई आवाजें आती हैं। वह कहती है, मुझे लगता है कि शायद तालिबान यहां भी आ गए हैं। मैं बहुत डरी हुई हूं।

अमेरिकी कमांडर ने कमान छोड़ी
अफगानिस्तान में शीर्ष अमेरिकी कमांडर जनरल ऑस्टिन स्कॉट मिलर ने करीब दो दशकों की सैन्य भागीदारी में सबसे लंबे समय तक सेवा देने के बाद सोमवार को एक समारोह में अपनी कमान छोड़ने का एलान किया। उन्होंने अपना काम अमेरिका की सेंट्रल कमांड के प्रमुख जनरल कैनेथ मैकेंजी को स्थानांतरित कर दिया है। उन्होंने यह कदम ऐसे वक्त में उठाया है जब तालिबान यहां कब्जा करता जा रहा है।


सिर्फ अफगान शिविरों में सीमित रहेंगे शरणार्थी : पाकिस्तान
अफगानिस्तान में तेजी से बदलते हालात पर चिंतित पाकिस्तान के संघीय मंत्री फवाद चौधरी ने कहा है कि इमरान सरकार अफगान शरणार्थियों को देश के शहरों में नहीं घुसने देगी। उन्होंने कहा कि शरणार्थियों को शिविरों तक ही सीमित रखा जाएगा। चौधरी ने कहा, यदि अफगानों ने शरण भी मांगी तो भी उन्हें इस संबंध में शिविरों के अलावा अन्य तरह की मदद नहीं दी जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed